2300 खरीदारों को राहत, SC के फैसले के बाद ग्रेटर नोएडा में दो प्रोजेक्ट का काम दोबारा शुरू होगा
ग्रेटर नोएडा के दो व्यावसायिक परियोजना में फंसे करीब 2300 खरीदारों के लिए अच्छी खबर है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद एनसीएलटी प्रक्रिया के तहत अल्फा कॉर्प डेवलपमेंट लिमिटेड ने अर्थ टेकवन और अर्थ सैफायर परियोजना का अधिग्रहण कर लिया है। अब रुकी हुई इन परियोजनाओं का काम फिर से शुरू किया जा सकेगा।

ग्रेटर नोएडा के दो व्यावसायिक परियोजना में फंसे करीब 2300 खरीदारों के लिए अच्छी खबर है। सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद एनसीएलटी प्रक्रिया के तहत अल्फा कॉर्प डेवलपमेंट लिमिटेड ने अर्थ टेकवन और अर्थ सैफायर परियोजना का अधिग्रहण कर लिया है। अब लंबे समय से रुकी इन परियोजनाओं का काम फिर से शुरू किया जा सकेगा।
अल्फा कॉर्प डेवलपमेंट लिमिटेड ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) के तहत समाधान प्रक्रिया के माध्यम से अर्थ इंफ्रास्ट्रक्चर्स लिमिटेड की ग्रेटर नोएडा में दो रुकी परियोजना का अधिग्रहण कर लिया है। इसके अलावा कंपनी ने गुरुग्राम में एक ग्रुप हाउसिंग परियोजना का भी अधिग्रहण किया है। सर्वोच्च न्यायालय ने पांच मई को दिए अपने फैसले में अल्फा कॉर्प डेवलपमेंट की समाधान योजना को बहाल कर दिया।
एनसीएलएटी के आदेश तय
अदालत ने एनसीएलएटी के 31 जनवरी 2023 के उस आदेश को भी रद्द कर दिया, जिसमें इस योजना को खारिज किया गया था। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से आईबीसी के तहत रिवाइवल फ्रेमवर्क को सही ठहराते हुए रुकी परियोजनाओं को पूरा करने का रास्ता साफ हो गया है। अदालत ने कहा कि अब और देरी होने पर खरीदारों को नुकसान होगा।
जुर्माने पूरी तरह माफ कर दिए
अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण केवल अपने मूल बकाया की ही वसूली कर सकेगा। प्राधिकरण की लंबे समय तक रही निष्क्रियता को देखते हुए अदालत ने पेनल इंटरेस्ट, पेनल चार्ज और टाइम एक्सटेंशन से जुड़े सभी जुर्माने पूरी तरह माफ कर दिए हैं।इसके साथ ही कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अल्फा कॉर्प बकाया राशियों का भुगतान 24 महीनों के भीतर करेगी और इसका कोई भी अतिरिक्त बोझ खरीदारों पर नहीं डाला जाएगा।
750 करोड़ का निवेश करेगी कंपनी
अल्फा कॉर्प डेवलपमेंट इन परियोजनाओं को पूरा करने और उनके पुनर्विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार और पजेशन देने के लिए करीब 750 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। साथ ही परियोजनाओं से लगभग 1,200 करोड़ रुपये की संभावित आय का अनुमान है। पुनरुद्धार योजना के तहत कंपनी इन परियोजनाओं के पुनर्विकास और अपग्रेडेशन पर काम कर रही है। इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना, सुविधाओं को अपग्रेड करना और डिजाइन को आधुनिक बनाना शामिल है।




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