ग्रेटर नोएडा में मकान-दुकान खरीदना और महंगा, 3.58% बढ़ी जमीन की कीमतें; देखें नई दरें
ग्रेटर नोएडा में प्रॉपर्टी खरीदने का सपना देख रहे लोगों के लिए एक बड़ा झटका है। प्राधिकरण ने संपत्तियों की आवंटन दरों में 3.58 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है। प्राधिकरण का यह फैसला सीधा आम आदमी की जेब पर असर डालेगा।

ग्रेटर नोएडा में मकान, दुकान खरीदने के साथ उद्योग लगाना और अधिक महंगा हो जाएगा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने सभी तरह की संपत्तियों की आवंटन दरों में 3.58 फीसदी वृद्धि की है। नई आवंटन दरें एक अप्रैल से लागू मानी जाएंगी।
नोएडा-ग्रेटर नोएडा के चेयरमैन दीपक कुमार की अध्यक्षता में शनिवार को 143वीं बोर्ड बैठक में नई आवंटन दरों पर मुहर लग गई। हालांकि, यह वृद्धि बीते साल की तुलना में कम है। बीते साल दरों में औसतन पांच फीसदी की वृद्धि की गई थी। ग्रेटर नोएडा के सीईओ रवि कुमार एनजी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए संपत्तियों की नई आवंटन दरें तय कर दी गई हैं।
आवासीय श्रेणी में मौजूदा आवंटन दर 33,481 से 49,588 रुपये प्रति वर्ग मीटर है। औद्योगिक श्रेणी में यह दर 10,416 से 32,327 रुपये है। वहीं, बिल्डर श्रेणी में 40,408 से 57,218 रुपये, जबकि व्यावसायिक श्रेणी में एफएआर के हिसाब से 60,035 से 95,362 रुपये प्रति वर्ग मीटर है। मौजूदा दर में अब 3.58 फीसदी की वृद्धि हो जाएगी। सरकारी और अर्द्धसरकारी विभागों को प्रचलित आवासीय दरों पर ही भू-आवंटन किया जाएगा।
बहुमंजिला फ्लैट आवंटियों के लिए भी ओटीएस लागू
ग्रेटर नोएडा बोर्ड ने प्राधिकरण द्वारा बनाए गए ईडब्ल्यूएस से लेकर 135 वर्गमीटर क्षेत्रफल तक के बहुमंजिला फ्लैट आवंटियों को भी बड़ी राहत दी है।बहुमंजिला फ्लैटों के आवंटियों के लिए बकाया प्रीमियम और लीज डीड के विलंब शुल्क के ब्याज पर राहत देने लिए एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) को मंजूरी दे दी गई है। यह ओटीएस कार्यालय आदेश जारी होने की तिथि से छह माह के लिए लागू होगी। प्राधिकरण के संपत्ति विभाग की तरफ से बहुमंजिला फ्लैटों के आवंटियों के लिए एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) का प्रस्ताव रखा गया, जिस पर बोर्ड ने मुहर लगा दी है। ओटीएस के लागू होने से प्रीमियम की बकाया धनराशि और लीज डीड के विलंब शुल्क पर 80 प्रतिशत तक छूट मिल सकती है। प्रीमियम की बकाया धनराशि पर ब्याज नहीं लगेगा।
40 हजार से अधिक लोगों को मालिकाना हक मिला
रुकी हुई बिल्डर परियोजनाओं की अड़चन को दूर करने के लिए लागू की गई अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों के आधार पर बकाया राशि का 25 फीसदी जमा करने पर रजिस्ट्री खोल दी गई है। परियोजनाओं की तरफ से 25 फीसदी धनराशि जमा कराने से प्राधिकरण को लगभग 1592 करोड़ की बकाया धनराशि प्राप्त हुई है। साथ ही अब तक 40,570 को मालिकाना हक मिल चुका है। इससे संबंधित रिपोर्ट बोर्ड बैठक में प्रस्तुत की गई। अधिकारी के मुताबिक 85 में से 73 परियोजनाओं की तरफ से 25 फीसदी धनराशि जमा कराई जमा कराई गई। अब तक जिन 73 बिल्डर परियोजनाओं को लाभ मिला है, उनके खरीदारों को उनका आशियाना मिलने का रास्ता साफ हुआ है।




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