2500 flats for workers will be built on 5 acres near Patwari village in Greater Noida west श्रमिकों के लिए गुड न्यूज, ग्रेटर नोएडा के पतवाड़ी गांव के पास 5 एकड़ में बनेंगे 2500 फ्लैट, Ncr Hindi News - Hindustan
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श्रमिकों के लिए गुड न्यूज, ग्रेटर नोएडा के पतवाड़ी गांव के पास 5 एकड़ में बनेंगे 2500 फ्लैट

श्रमिकों के लिए अच्छी खबर है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट में श्रमिकों के लिए 2500 से अधिक किफायती फ्लैट बनाने की तैयारी है। प्राधिकरण ने इसके लिए के पतवाड़ी गांव के पास पांच एकड़ जमीन चिह्नित कर ली है।

Fri, 1 May 2026 06:38 AMPraveen Sharma हिन्दुस्तान, ग्रेटर नोएडा
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श्रमिकों के लिए गुड न्यूज, ग्रेटर नोएडा के पतवाड़ी गांव के पास 5 एकड़ में बनेंगे 2500 फ्लैट

ग्रेटर नोएडा में श्रमिकों के लिए किफायती फ्लैट बनेंगे। प्राधिकरण ने इसके लिए ग्रेटर नोएडा वेस्ट के पतवाड़ी गांव के पास पांच एकड़ जमीन चिह्नित कर ली है। 2500 से अधिक फ्लैट बनाए जा सकते हैं। प्राधिकरण के नियोजन विभाग के अधिकारी के मुताबिक फ्लैट का डिजाइन तैयार किया जा रहा है। ये फ्लैट वन बीएचके और टू बीएचके होंगे। जिले में बीते दिनों हुए हिंसक आंदोलन के बाद श्रमिकों के लिए किफायती आवास और चिकित्सा सुविधा मुहैया कराए की योजना पर काम तेज कर दिया गया है।

जिम्स में निशुल्क परामर्श मिलेगा

जिम्स में आज कक्ष संख्या-6 जनरल ओपीडी में स्वास्थ्य शिविर लगेगा। इस शिविर का उद्देश्य श्रमिकों एवं कर्मचारियों के स्वास्थ्य एवं कल्याण को बढ़ावा देना होगा। स्वास्थ्य शिविर में पात्र लाभार्थियों, विशेष रूप से ईएसआई कार्डधारकों को निशुल्क चिकित्सा परामर्श सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी। दो मई से पूरे माह तक निशुल्क परामर्श सेवाएं जारी रहेंगी, जो प्रतिदिन प्रातः 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक संचालित होंगी, ताकि कर्मचारियों के स्वास्थ्य की बेहतर देखभाल सुनिश्चित की जा सके।

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नॉलेज पार्क-5 में ईएसआई अस्पताल बनेगा

ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर नॉलेज पार्क-5 में 350 बिस्तरों का मल्टीस्पेशलिटी ईएसआई अस्पताल बनेगा। इसके लिए सात एकड़ से अधिक जमीन दी जा चुकी है। प्राधिकरण ने कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) के नाम जमीन की लीजडीड कर दी है। जल्द निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।

कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल बनेंगे

प्राधिकरण ने कामकाजी महिलाओं के लिए पहले चरण में तीन हॉस्टल बनाने की योजना तैयार की है। अधिकारी के मुताबिक औद्योगिक सेक्टर इकोटेक-2 में दो और इकोटेक-1 में एक हॉस्टल बनाया जाएगा। तीनों हॉस्टल एक-एक एकड़ में होंगे।

चार श्रमिक हॉस्टल का भी निर्माण किया जाएगा

फैक्टरियों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए भी हॉस्टल बनाए जाएंगे। परियोजना विभाग ने इसके लिए औद्योगिक सेक्टर इकोटेक-3, 6, 12 और इकोटेक-1 एक्सटेंशन में जगह चिह्नित की है। प्रत्येक हॉस्टल में 100- 100 श्रमिक रह सकेंगे। भोजन की व्यवस्था भी की जाएगी।

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रोजगार के लिए सेक्टर इकोटेक-3 में सुविधा केंद्र

सेक्टर इकोटेक-3 में श्रमिक सुविधा केंद्र है। इसका उद्घाटन बीते माह ही किया गया था। यहां महिला और पुरुष दोनों के बैठने के लिए कमरे बनाए गए हैं। यहां दो रजिस्टर रखे जाएंगे। एक रजिस्टर में श्रमिकों का नाम और नंबर लिखा रहेगा और दूसरे रजिस्टर में उद्यमियों की जरूरत लिखा जाएगा। इसमें कार्य और श्रमिकों की संख्या के बारे में जानकारी होगी, जिससे उद्यमी अपनी जरूरत के हिसाब से कुशल श्रमिक को बुला सकेंगे। योजना के तहत इसी तरह अन्य औद्योगिक सेक्टरों में श्रमिक सुविधा केंद्र बनाए जाएंगे।

शिकायतें मिलने पर 350 एजेंसियों को नोटिस जारी

गौतमबुद्ध नगर जिले में श्रम विभाग की ओर से 350 एजेंसियों को नोटिस जारी किए गए हैं। श्रमिकों की शिकायतों के बाद यह कार्रवाई की गई। संतोषजनक जवाब न देने पर अब तक 45 एजेंसियों के लाइसेंस निरस्त हो चुके हैं। श्रम विभाग में जिले की 2400 एजेंसियां पंजीकृत हैं। इनमें न्यूनतम 50 से 500 श्रमिकों तक काम करते हैं। इन एजेंसियों में करीब पांच से सात लाख श्रमिक पंजीकृत हैं। श्रम विभाग ने श्रमिकों की शिकायत पर 350 एजेंसियों को नोटिस जारी किए। इसमें 45 एजेंसियों में तमाम अनियमिकताएं और श्रम कानूनों का उल्लंघन होने पर उनके लाइसेंस निरस्त कर दिए गए। अब इन एजेंसी के कर्मियों को सीधे कपंनी द्वारा भुगतान किया जा रहा है। इसके अलावा 305 एजेंसियों ने नोटिस के बाद अपना जवाब भेजा। उनके जवाब की जांच की जा रही है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। श्रम विभाग के अनुसार अभी उन एजेंसियों पर कार्रवाई की जा रही है, जिनके श्रमिकों ने एजेंसी के खिलाफ शिकायत की। इसमें श्रमिकों की सबसे ज्यादा शिकायतें वेतन को लेकर, नौकारी से निकालने, बोनस न देने, ओवर टाइम में डब्ल भुगतान नहीं करने और पीएफ से जुड़ी हैं।

राकेश द्विवेदी, उप श्रमायुक्त, ''श्रमिकों के हितों का ध्यान रखा जा रहा है। जिले में अब तक 45 एजेंसियों के लाइसेंस निरस्त किए जा चुके हैं। 305 एजेंसियों की जांच की जा रही है।''

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