मुकरबा चौक अंडरपास 98% तैयार, जाम से कब मिलेगी राहत? जानिए समय-ईंधन बचत का हिसाब
Mukraba chowk underpass: यह उत्तरी दिल्ली में बन रहा एक अंडरपास है। दिल्ली सरकार में पीडब्ल्यूडी विभाग की कमान संभालने वाले कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने बुधवार को इस अंडरपास परियोजना का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि अंडरपास का निर्माण कार्य 98 फीसदी पूरा हो चुका है।

Mukraba chowk underpass: राजधानी दिल्ली में दिन प्रति दिन बढ़ रही आबादी से ट्रैफिक जाम होने की समस्या भी बढ़ती जा रही है। इससे छुटकारा दिलाने के लिए अंडरपास, ओवरब्रिज, सुरंग वाली सड़कों जैसे तमाम ढांचे खड़े किए जा रहे हैं। इनमें से एक है, मुकरबा चौक। यह उत्तरी दिल्ली में बन रहा एक अंडरपास है। दिल्ली सरकार में पीडब्ल्यूडी विभाग की कमान संभालने वाले कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने बुधवार को इस अंडरपास परियोजना का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि अंडरपास का निर्माण कार्य 98 फीसदी पूरा हो चुका है। जल्द उद्घाटन कर इसे जनता के लिए खोले जाने की संभावना है।
इन इलाकों को मिलेगी कनेक्टिविटी
अगर इसकी कनेक्टिविटी की बात करें, तो यह अंडरपास बदली-रोहिणी और आजादपुर-जहांगीरपुरी के बीच सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगा, जिससे वाहनों को मुकरबा चौक के व्यस्त इंटरचेंज से होकर गुजरने की जरूरत नहीं होगी। रोजाना आने-जाने वाले लोगों को इस बात का अंदाजा ठीक से होगा कि मुकरबा चौक पर कितना बुरा ट्रैफिक जाम लगता है। इसी समस्या से निजात दिलाने के लिए इसकी जरूरत को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा रहा है।
10 मिनट का समय बचेगा
इस समस्या को दूर करने के लिए अंडरपास जैक पुशिंग तकनीक और प्री-कास्ट आरसीसी बॉक्स संरचना के माध्यम से तैयार किया जा रहा है। इसके बनने से आउटर रिंग रोड स्थित व्यस्त मुकरबा चौक पर ट्रैफिक दबाव कम होगा। इस परियोजना से प्रति वाहन लगभग 10 मिनट तक का समय बचेगा और यात्रा की दूरी लगभग एक किलोमीटर तक कम हो जाएगी। जिससे दैनिक यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
हर साल 58 हजार लीटर ईधन बचेगा
इन दिनों दुनिया के मिडिल ईस्ट में संघर्ष जारी है। ऐसे में तेल-गैस संकट लगभग हर देश को अपनी चपेट में ले चुका है। ऐसे में हम लोगों को उन प्रयासों की तरफ भी ध्यान देना चाहिए, जिससे तेल-गैस के इस्तेमाल को सकारात्मक तरीके से घटाया जा सके। इस प्रयास का एक नमूना यहां देखने को मिलता है। जब मुकरबा चौक का अंडरपास बनकर तैयार हो जाएगा, तो इससे हर साल लगभग 58 हजार लीटर ईंधन की बचत होगी। अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना से प्रति वर्ष लगभग 135 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी।
पैदल चलने वालों को मिलेगी अधिक सुरक्षा
इस परियोजना में पैदल अंडरपास भी शामिल हैं, जिससे व्यस्त मार्ग को पैदल पार करने वाले लोगों की आवाजाही अधिक सुरक्षित होगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली में जहां-जहां ट्रैफिक जाम की समस्या है, वहां हमारा काम जारी है। यह उद्देश्य है कि लोगों को बुनियादी ढांचे की कमी के कारण परेशानी न उठानी पड़े। इसलिए समस्याओं का जमीन पर वास्तविक समाधान करने का काम किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के साथ क्षेत्र की सहायक नालियों में किए जा रहे डी-सिल्टिंग कार्यों की समीक्षा भी की, ताकि मानसून के समय अंडरपास में जलभराव की समस्या न हो।




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