ग्रेटर नोएडा के ग्रैंड वेनिस मॉल का मालिक मोंटू भसीन गिरफ्तार, 10 साल पुराने केस में ऐक्शन
ग्रेटर नोएडा पुलिस ने ग्रैंड वेनिस मॉल के मालिक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी सत्येंद्र भसीन उर्फ मोंटू के खिलाफ लंबे समय से जांच चल रही थी और अदालत की ओर से गैर-जमानती वारंट जारी होने के बावजूद वह पेश नहीं हो रहा था। इसके चलते पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी।

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर बीटा-2 कोतवाली की पुलिस ने शुक्रवार को ग्रैंड वेनिस मॉल के मालिक सत्येंद्र भसीन उर्फ मोंटू को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, दावा किया जा रहा है कि चंपावत पुलिस, सीमा सुरक्षा बल और उत्तर प्रदेश पुलिस की विशेष टीम ने आरोपी को नेपाल सीमा से दबोचा।
पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ लंबे समय से जांच चल रही थी और अदालत की ओर से गैर-जमानती वारंट जारी होने के बावजूद वह लगातार पेश नहीं हो रहा था। इसके चलते पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। काफी प्रयास के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने दो अप्रैल 2026 को सत्येंद्र भसीन उर्फ मोंटू की जमानत रद्द कर एक सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का निर्देश दिया था। साथ ही, स्पष्ट किया था कि समय पर सरेंडर न करने पर यूपी पुलिस उन्हें गिरफ्तार करे। आरोपी ने अदालत के आदेश का पालन नहीं किया।
बचाव पक्ष के वकील ने किया पुलिस रिमांड का विरोध
अभियोजन के अनुसार, आरोपी ने मामले को लंबा खींचने की कोशिश की और अपने खिलाफ दर्ज कई एफआईआर की जानकारी भी अदालत से छिपाई। वहीं, बचाव पक्ष के वकील अमित चौहान ने पुलिस रिमांड का विरोध करते हुए कहा कि मामला करीब 10 वर्ष पुराना है और इसकी जांच पूरी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 में मुख्य चार्जशीट और वर्ष 2022 और 2025 में पूरक चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है, जिससे सभी साक्ष्य अदालत के समक्ष उपलब्ध हैं। बचाव पक्ष का तर्क था कि जब कोई बरामदगी शेष नहीं है, तब पुलिस रिमांड की मांग अनावश्यक और कानूनी रूप से असंगत है। वर्ष 2019 में सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम संरक्षण मिलने और करीब 50 करोड़ रुपये जमा कराने का भी हवाला दिया गया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने शुक्रवार को आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
ईडी ने मॉल में छापेमारी की थी
बीते साल अप्रैल 2025 में ग्रेटर नोएडा स्थित ग्रैंड वेनिस माल में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी हुई थी। टीम में शामिल सदस्य मॉल के दफ्तर में कागजात खंगालने के बाद बाहर निकले थे। सतेंद्र उर्फ मोंटू भसीन बिल्डर के अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी हुई थी। निवेशकों से मोटी रकम हड़पने के मामले में यह कार्रवाई की गई थी।
बाइक बोट मामले में भी आरोपी
जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश में हुए 42 हजार करोड़ रुपये के बाइक बोट घोटाले में भी मोंटू आरोपी है। बाइक बोट घोटाले के संबंध में उत्तर प्रदेश में कई लोगों के खिलाफ 100 से ज्यादा और दिल्ली में एक एफआईआर दर्ज की गई थी। बाइक टैक्सी सेवा योजना में निवेश पर आकर्षक रिटर्न के झूठे वादे पर दो लाख से ज्यादा लोगों से कथित तौर पर करोड़ों रुपये की ठगी की गई थी। मामले में दिसंबर 2020 में आर्थिक अपराध शाखा मेरठ ने द ग्रैंड वेनिस मॉल के मालिक सुरेंद्र भसीन उर्फ मोंटू भसीन को गिरफ्तार किया था।




साइन इन