ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो के 8 स्टेशनों पर एंट्री-एग्जिट के लिए GMRL ने HSVP से मांगी जमीन
गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड ने ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो के पहले चरण के 14 मेट्रो स्टेशन में से 8 स्टेशनों के प्रवेश और निकासी के लिए एचएसवीपी से करीब एक एकड़ जमीन उपलब्ध करवाने का आग्रह किया है।

गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) ने ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो के पहले चरण में प्रस्तावित 14 मेट्रो स्टेशन में से 8 स्टेशनों के प्रवेश और निकासी के लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) से करीब एक एकड़ जमीन उपलब्ध करवाने का आग्रह किया है। इन मेट्रो स्टेशन के दोनों तरफ प्रवेश और निकासी द्वार तैयार किए जाएंगे। जीएमआरएल ने पिछले साल सितंबर माह में एक कंपनी को करीब 15 किमी लंबे पहले चरण के मेट्रो कॉरिडोर का निर्माण करने का टेंडर आवंटित किया था। इसके तहत सेक्टर-45 से लेकर बख्तावर चौक के बीच तेजी से निर्माण कार्य शुरू हो चुका है।
मौजूदा वक्त में मेट्रो के पिलर खड़े करने का काम किया जा रहा है। जीएमआरएल अधिकारियों का दावा है कि मई माह तक मेट्रो पिलर नजर आना शुरू हो जाएंगे। इस बीच जीएमआरएल ने 8 मेट्रो स्टेशन के लिए एचएसवीपी को पत्र लिखकर जमीन उपलब्ध करवाने का आग्रह किया है।

जमीन का मालिकाना हक एचएसवीपी के पास
जीएमआरएल के एक अधिकारी ने बताया कि उनके सर्वे के मुताबिक, अधिकांश जमीन का मालिकाना हक एचएसवीपी के पास है। ऐसे में एचएसवीपी से आग्रह किया है कि इस जमीन को अतिशीघ्र जीएमआरएल को सौंपा जाए। यदि आवश्यक जमीन एचएसवीपी के पास नहीं है तो जमीन अधिग्रहण नीति के तहत जमीन मालिकों से स्टेशन द्वार बनाने के लिए जमीन खरीदी जाएगी। इसको लेकर हरियाणा सरकार की तरफ से जिला उपायुक्त की अध्यक्षता में जमीन खरीद समिति का गठन कर दिया है।
दो प्रवेश और निकासी द्वार बनाए जाएंगे
मिलेनियम सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन पर दो प्रवेश और निकासी द्वार बनाए जाएंगे। इसके लिए एक द्वार के लिए 575 वर्ग मीटर, जबकि दूसरे द्वार के लिए 668 वर्ग मीटर जमीन चाहिए। इस तरह सेक्टर-45 स्टेशन द्वार के लिए 676 वर्ग मीटर, सेक्टर-33 के लिए 287 वर्ग मीटर, उद्योग विहार फेज छह के लिए 628 वर्ग मीटर, सेक्टर-10 के लिए 289 वर्ग मीटर, सेक्टर-37 के लिए 306 वर्ग मीटर जमीन की जरूरत है। बसई मेट्रो स्टेशन निर्माण के लिए तीन अलग-अलग जगह पर 708 वर्ग मीटर जमीन की जरूरत है। इस तरह सेक्टर-101 में द्वारका एक्सप्रेसवे के पास प्रस्तावित मेट्रो स्टेशन में सड़क के दोनों तरफ प्रवेश और निकासी द्वार बनाए जाएंगे। पहले द्वार के लिए 371 वर्ग मीटर तो दूसरे द्वार के लिए 293 वर्ग मीटर जमीन की जरूरत है। इन प्रवेश और निकासी द्वारों के बनने के बाद यात्रियों को स्टेशन आने-जाने की सुविधा होगी।




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