गुरुग्राम मेट्रो डिपो का काम अटका, सुप्रीम कोर्ट ने मार्बल मार्केट में तोड़फोड़ पर लगाया स्टे
गुरुग्राम के सेक्टर-33 मार्बल मार्केट के व्यापारियों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने तोड़फोड़ की कार्रवाई पर रोक लगा दी है, जिससे ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो डिपो का निर्माण कार्य फिलहाल प्रभावित हो गया है।

ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो के डिपो का निर्माण फिलहाल अटक गया है। सर्वोच्च न्यायालय ने सेक्टर-33 स्थित मार्बल मार्केट के दो व्यापारियों की याचिका पर तोड़फोड़ की कार्रवाई पर स्टे दे दिया है। इस मामले में अगली सुनवाई 30 जनवरी को होनी है। वहीं, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय से राहत नहीं मिलने से निराश और मार्बल व्यापारी भी सुप्रीम कोर्ट का रूख करने की तैयारी कर रहे हैं।
प्रस्तावित जगह पर मार्बल मार्केट
बता दें कि करीब 45 एकड़ में प्रस्तावित मेट्रो डिपो में नौ एकड़ जमीन पर मार्बल मार्केट है। इस मार्केट में प्रत्येक दुकानदार को 206 वर्ग मीटर जमीन आवंटित थी। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) ने गत 29 दिसंबर को व्यापारियों के विरोध के बीच मार्बल मार्केट की 61 दुकानों को तोड़ दिया था। नई जगह मार्बल मार्केट विकसित नहीं होने पर अभी व्यापारी इस जगह पर व्यापार कर रहे हैं।
कोर्ट ने तोड़फोड़ पर दी स्टे
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय से राहत नहीं मिलने पर दो मार्बल व्यापारियों ने सर्वाच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। इसकी सुनवाई मंगलवार को हुई। अदालत ने तोड़फोड़ पर स्टे दे दिया है। मार्बल व्यापारियों ने अदालत को बताया था कि उनके साथ अन्याय हो रहा है। एचएसवीपी ने दुकान का कब्जा दिया था। आवंटन पत्र दिया था। तोड़फोड़ से एक दिन पहले नोटिस दिया था। बता दें कि ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो और भौंडसी से रेलवे स्टेशन मेट्रो का मेट्रो डिपो सेक्टर-33 में प्रस्तावित है। मेट्रो डिपो के निर्माण को लेकर करीब 409 करोड़ का इस्टीमेट गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) ने तैयार किया है।
साढ़े तीन करोड़ से मार्बल मार्केट विकसित कर रहे
एचएसवीपी की तरफ से मौजूदा मार्बल मार्केट से करीब 100 मीटर की दूरी पर करीब सात एकड़ में नई मार्बल मार्केट विकसित की जा रही है। इसमें मार्बल व्यापारियों को स्थानांतरित किया जाएगा। इसको लेकर साढ़े तीन करोड़ रुपये की लागत से टेंडर आवंटित कर दिया है। फरवरीके अंत तक मार्बल मार्केट को तैयार करने का दावा है।




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