ऑनलाइन ज्योतिष से पॉडकास्टिंग तक, मानसिक तनाव बना राजवीर की आत्महत्या की वजह? CCTV को भी दिया चकमा
गार्ड ने उन्हें करीब 10 बजे के आसपास देखा था। इसके कुछ देर बाद वह अचानक सीढ़ियों के रास्ते ऊपर चले गए और 13वीं मंजिल पर पहुंचकर लिफ्ट के पास बने ओपन स्पेस से छलांग लगा दी।

महागुनपुरम सोसाइटी के फ्लैट में वृद्धा के मृत मिलने और ज्योतिषी बेटे राजवीर सिंह द्वारा आत्महत्या करने की घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। राजवीर सिंह सोसाइटी के विनायक टावर में ग्राउंड फ्लोर पर रहते थे, लेकिन आत्महत्या करने के लिए वह 13वीं मंजिल तक सीढ़ियों से गए और लिफ्ट के बगल वाली खुली जगह से छलांग लगा दी।
ज्योतिषी राजवीर सिंह पिछले पांच-छह वर्षों से महागुनपुरम सोसाइटी में रह रहे थे। गुरुवार सुबह वह सामान्य तरीके से सोसाइटी परिसर में घूमते नजर आए। गार्ड ने उन्हें करीब 10 बजे के आसपास देखा था। इसके कुछ देर बाद वह अचानक सीढ़ियों के रास्ते ऊपर चले गए और 13वीं मंजिल पर पहुंचकर लिफ्ट के पास बने ओपन स्पेस से छलांग लगा दी।
घटना के वक्त ड्यूटी पर तैनात गार्ड ने जैसे ही राजवीर को गिरते देखा, तुरंत शोर मचाया और पुलिस को सूचना दी। सोसाइटी के अध्यक्ष यशपाल यादव ने बताया कि परिसर में सुरक्षा के लिए कई जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, लेकिन राजवीर लिफ्ट की बजाय सीढ़ियों से ऊपर गए थे। यही कारण रहा कि उनकी अंतिम गतिविधियां कैमरों में कैद नहीं हो सकीं। इससे यह भी संकेत मिलता है कि उन्होंने यह कदम पूरी योजना के तहत उठाया, ताकि वह कैमरों से बच सकें।
दहेज में मिला था फ्लैट, चार माह से बेरोजगार थे राजवीर
एसीपी कविनगर सूर्यबली मौर्य के मुताबिक, पुलिस जांच में सामने आया कि पारिवारिक मतभेद के चलते राजवीर सिंह अपनी पत्नी किरन बाला और 12 वर्षीय बेटे से अलग रह रहे थे। पत्नी अपने बेटे के साथ क्रॉसिंग रिपब्लिक की एक सोसाइटी में रह रही हैं और काफी समय से दोनों के बीच दूरी बनी हुई थी। घटना के बाद पहुंचीं पत्नी राजबाला ने बताया कि राजवीर पहले ऑनलाइन ज्योतिष के जरिए कमाई करते थे, लेकिन पिछले पांच-छह महीनों से यह काम भी बंद हो गया। इसके बाद उन्होंने पॉडकास्टिंग की शुरुआत की, लेकिन उसमें भी कोई खास सफलता नहीं मिली। हाल के दिनों में वह कोई स्थायी काम नहीं कर रहे थे। किरन बाला का कहना है कि बीते चार माह से राजवीर सिंह ने उन्हें खर्च के लिए रुपये भी नहीं दिए थे। उन्होंने पुलिस को बताया कि महागुनपुरम सोसाइटी का फ्लैट उनके नाम पर है। यह फ्लैट उनके पिता ने दहेज में दिया था।
चंद लोगों से थी बातचीत
आसपास के लोगों के अनुसार, वह काफी एकांतप्रिय हो गए थे और किसी से ज्यादा बातचीत नहीं करते थे। सोसाइटी के निवासियों का कहना है कि राजवीर का दायरा बहुत सीमित था। वह सिर्फ दो-चार लोगों से ही बातचीत करते थे और अधिकतर समय अपने फ्लैट में ही रहते थे। उसके व्यवहार में भी पिछले कुछ समय से बदलाव देखा जा रहा था। एसीपी का कहना है कि राजवीर की पत्नी किरन बाला मानसिक रूप से आहत हैं और फिलहाल ज्यादा जानकारी देने की स्थिति में नहीं हैं। प्रारंभिक जांच में आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव आत्महत्या की मुख्य वजह प्रतीत हो रही है। हालांकि, सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।
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