बस कोरियन चाहिए; गाजियाबाद में खुदकुशी करने वाली 3 बहनों को अभी से थी शादी की टेंशन
Ghaziabad Triple Suicide: गाजियाबाद में सुसाइड करने वाली तीन नाबालिग बहनों के सुसाइड नोट में कोरियन लव और गेमिंग की लत के साथ-साथ परिवार से टकराव और शादी को लेकर डर सभी का जिक्र मिलता है।

Ghaziabad Triple Suicide: गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों की आत्महत्या के मामले में पुलिस के हाथ लगा सुसाइड नोट जांच एजेंसियों और समाज दोनों को झकझोर रहा है। नोट में बहनों द्वारा लिखी बातें यह सोचने को मजबूर कर देती हैं कि उनकी मनोदशा क्या थी?वे किस तरह अपने परिवार से बहुत दूर जा चुके थे। सुसाइड नोट में कोरियन कंटेंट, के-पॉप और विदेशी एंटरटेनमेंट से गहरे लगाव के साथ-साथ परिवार से टकराव, मानसिक दबाव और शादी को लेकर डर सभी का जिक्र मिलता है।
नाबालिग बेटियों ने अपने पिता के नाम छोड़े गए सुसाइड लेटर की कुछ पंक्तियां इस तरह हैं- ‘लो छुड़वाओगे हमसे कोरियन, कोरियन हमारी जान थी तो तुमने हिम्मत भी कैसे की, हमसे हमारी जान छुड़वाने की। जितना हम कोरियन एक्टर और के पॉप ग्रुप को चाहते थे न, उतना हम तुम घरवालों को भी नहीं चाहते थे। हम पसंद और प्यार करते थे, कोरियन से और शादी इंडिया के आदमी से, कभी नहीं। ऐसे तो हमें खुद से भी उम्मीद नहीं थी। तो इसलिये हमने खुदकुशी कर ली। सॉरी पापा।’
पसंद की लंबी सूची
नोट में बहनों ने अपनी पसंदीदा चीज़ों की एक लंबी सूची भी लिखी- कोरियन एक्टर, के-पॉप ग्रुप, कोरियन बीएल ड्रामा से लेकर चाइनीज, थाई, जापानी कंटेंट, हॉलीवुड म्यूजिक, कार्टून और मोबाइल गेम्स तक। यह सूची उनकी डिजिटल और एंटरटेनमेंट-आधारित दुनिया को दिखाती है, जहां वे खुद को सबसे ज़्यादा सुरक्षित और जुड़ा हुआ महसूस करती थीं।
परिवार से टकराव और भाई को लेकर नाराजगी
नोट में छोटे भाई ‘देवु’ का भी ज़िक्र है। बहनों ने लिखा कि वे उसे अपनी पसंद कोरियन और के-पॉप से जोड़ना चाहती थीं, लेकिन परिवार ने इसकी इजाजत नहीं दी। यहीं से दूरी और नाराजगी बढ़ती चली गई और उन्होंने भाई को भी खुद से अलग कर लिया। सुसाइड लेटर में वो लिखती हैं कि 'सच तो यह था कि हम तीनों देवु को अपना बनाना चाहते थे, पर तुम लोगो ने मौका ही नहीं दिया। तुमने उसे बालीवुड बना दिया जिसे हम जान से भी ज्यादा हेट करते थे।"
शादी के नाम से डर और मानसिक दबाव
सुसाइड नोट में बहनों ने लिखा कि शादी का विचार उन्हें डराता था। उन्होंने साफ कहा कि वे जिस संस्कृति और लोगों को पसंद करती थीं, उनसे शादी संभव नहीं लगती थी। इसी मानसिक दबाव और असहजता को उन्होंने मौत को चुनने का कारण बताया। बहनों के सुसाइड नोट में शब्द थे, "हम क्या तुम्हारी मार खाने के लिये जिएं, नहीं मार से बढ़िया तो हमें मौत ही अच्छी लगेगी। शादी के नाम से तो हमारे दिल में टेंशन होती थी। हम पसंद और प्यार करते थे कोरियन से और शादी इंडिया के आदमी से, कभी नहीं। ऐसी तो खुद से भी हमें उम्मीद नहीं थी। इसलिए हमने खुदखुशी कर ली।"
मनोवैज्ञानिक एंगल पर फोकस
पुलिस का कहना है कि सुसाइड नोट को सबूत के तौर पर कब्जे में लेकर उसकी फोरेंसिक जांच कराई जा रही है। साथ ही, डिजिटल लत, पारिवारिक संवाद की कमी और मानसिक स्वास्थ्य के पहलुओं पर भी जांच केंद्रित है।




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