गाजियाबाद में प्रसिद्ध मंदिरों-झील के पास बनेंगे होमस्टे, बेड एंड ब्रेकफास्ट योजना से लोगों को मिलेगा रोजगार
Ghaziabad News : गाजियाबाद जिले के प्रमुख धार्मिक और प्राकृतिक स्थलों के आसपास होमस्टे विकसित किए जाएंगे। इससे पर्यटकों और श्रद्धालुओं को ठहरने की बेहतर सुविधा मिल सकेगी। नई पर्यटन नीति के तहत जिला प्रशासन दूधेश्वरनाथ मंदिर, पुरा महादेव और मसूरी झील के पास सर्वे कराएगा।

Ghaziabad News : गाजियाबाद जिले के प्रमुख धार्मिक और प्राकृतिक स्थलों के आसपास होमस्टे विकसित किए जाएंगे। इससे पर्यटकों और श्रद्धालुओं को ठहरने की बेहतर सुविधा मिल सकेगी। नई पर्यटन नीति के तहत जिला प्रशासन दूधेश्वरनाथ मंदिर, पुरा महादेव और मसूरी झील के पास सर्वे कराएगा।
पर्यटन अधिकारी सुरेश रावत के अनुसार, जिले में पर्यटन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। खासकर सीकरी महामाया मंदिर, गंग नहर, धूमेश्वर महादेव मंदिर और दूधेश्वरनाथ मंदिर जैसे स्थलों पर हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इन क्षेत्रों में ठहरने की सीमित व्यवस्था होने के कारण पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। साथ ही पर्यटन स्थल के आसपास ठहरने की व्यवस्था न होने के कारण लोग उस ओर जाने से कतराते हैं।
घरों को होमस्टे के रूप में रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे
इस समस्या को हल करने के लिए प्रदेश सरकार ने बेड एंड ब्रेकफास्ट होमस्टे योजना शुरू की है। नई नीति के तहत जिले के भीतर और आसपास लगे मंदिर, झील और अन्य पर्यटन स्थलों के आसपास सर्वे कराया जा रहा है। इसमें स्थानीय निवासी अपने घरों को होमस्टे के रूप में रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। इसके लिए उन्हें न्यूनतम सुविधाएं जैसे साफ-सफाई, शौचालय, पेयजल और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। इसके तहत होटल के बजाय घर जैसा माहौल, स्थानीय संस्कृति को समझने, पारंपरिक भोजन का स्वाद लेने और मेजबानों के साथ बातचीत करने का मौका मिलेगा।
भोजन की सुविधा भी मिल सकेगी
इस योजना के तहत स्थानीय लोग अपने घर का एक हिस्सा पर्यटकों को किराये पर दे सकेंगे। इसके लिए सरकार के निर्धारित मानकों के अनुसार घर का रजिस्ट्रेशन कराना होगा। यहां पर्यटकों को रहने के साथ घर जैसे नाश्ते और खाने की सुविधा भी मिलेगी। दिल्ली की सीमा से लगे क्षेत्रों में होमस्टे व्यवस्था लागू की गई है, ताकि लोग होटल के बजाय घर में स्टे कर सकें।
इन क्षेत्रों में दी जाएगी प्राथमिकता
इस योजना को प्रमुख धार्मिक स्थल और मंदिर परिसर, झील, नहर और प्राकृतिक स्थल, शहर के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक क्षेत्र और बेहतर कनेक्टिविटी वाले गांव और कस्बों में लागू किया जाएगा। इसमें भी पर्यटन स्थल के पास वाले घरों को प्राथमिकता दी जाएगी।
स्थानीय लोगों को होगा फायदा
इसके तहत लोगों को घर बैठे रोजगार का अवसर मिलेगा। अतिरिक्त आय का स्थायी स्रोत बनेगा। स्थानीय हस्तशिल्प और खान-पान को बढ़ावा देने के साथ ग्रामीण पर्यटन को नई पहचान मिलेगी। गांव में रहने पर लोगों को ग्रामीण परिवेश का आभास हो सकेगा। लोग अपने घर में इस्तेमाल होने वाली चूल्हे की रोटी, गांव का मट्ठा, मक्खन, ताजा गाय-भैंस का दूध आदि की बिक्री करके आय प्राप्त कर सकेंगे।




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