UP के रेल यात्रियों को खुशखबरी! गाजियाबाद-सहारनपुर रूट पर हाईटेक हुआ ट्रैक, फुल स्पीड में चलेंगी ट्रेनें
रेल यात्रियों को लिए बड़ी गुड न्यूज है। उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण रेल खंड गाजियाबाद-मेरठ-सहारनपुर के बीच अब ट्रेनों की रफ्तार बढ़ने वाली है। रेलवे ने इस रूट पर ट्रेनों की सेक्शनल स्पीड को 130 किलोमीटर प्रति घंटा तक ले जाने के लिए सिग्नलिंग व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है।

उत्तर रेलवे ने रेल इंफ्रास्ट्रक्चर के आधुनिकीकरण और यात्रा समय में कमी लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की कहै। इसके तहत पाबली खास और मेरठ कैंट रेलवे स्टेशनों पर डबल डिस्टेंट सिग्नल सफलतापूर्वक चालू (कमीशन) कर दिया गया है। यह बदलाव गाजियाबाद–मेरठ–सहारनपुर सेक्शन पर ट्रेनों की स्पीड को 130 किमी/घंटा तक बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया है।
उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) हिमांशु शेखर उपाध्याय के अनुसार, 15 अप्रैल 2026 की शाम को इस नए सिस्टम का सफल ट्रायल भी कर लिया गया। शाम 5:36 बजे गाड़ी संख्या 12903 ने अप (UP) दिशा में इस उन्नत खंड को सुरक्षित तरीके से पार किया, जिससे यह साफ हो गया कि नई सिग्नलिंग और इंटरलॉकिंग प्रणाली पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी है।
तकनीकी मजबूती और बढ़ी सुरक्षा
इस प्रोजेक्ट के तहत रेलवे ने केवल रफ्तार ही नहीं, बल्कि सुरक्षा पर भी खास ध्यान दिया है। इसमें कई आधुनिक मशीनें और सिस्टम लगाए गए हैं:-
उन्नत इंटरलॉकिंग: लेवल क्रॉसिंग LC-31C का सफल इंटरलॉकिंग, जिसमें आधुनिक इलेक्ट्रिक लिफ्टिंग बैरियर (ELB), एफ्ट्रोनिक्स द्वारा रिमोट टर्मिनल यूनिट (RTU) तथा इंटीग्रेटेड पावर सप्लाई (IPS) प्रणाली स्थापित की गई है।
सिस्टम संशोधन: मेरठ छावनी और पाबली खास रेलवे स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (EI) तथा विजुअल डिस्प्ले यूनिट (VDU) प्रणालियों में महत्वपूर्ण संशोधन किए गए।
कठोर परीक्षण: उच्च गति संचालन सुनिश्चित करने के लिए कुल 90 रूट्स का परीक्षण एवं सत्यापन किया गया (मेरठ छावनी पर 57 और पाबली खास पर 33)।
नई सिग्नलिंग अवसंरचना: लोको पायलट को अग्रिम सूचना देने हेतु नए अप/डाउन (UP/DN) गेट एवं डिस्टेंट सिग्नल स्थापित किए गए, जो उच्च गति सेक्शनल संचालन के लिए आवश्यक हैं।
यात्री अनुभव में सुधार
सेक्शनल स्पीड को 130 किमी/घंटा तक बढ़ाने के लिए उत्तर रेलवे का उद्देश्य मेरठ–सहारनपुर कॉरिडोर से यात्रा करने वाले यात्रियों को अधिक सुगम और कुशल यात्रा अनुभव प्रदान करना है। डबल डिस्टेंट सिग्नलिंग प्रणाली के माध्यम से उच्च गति ट्रेनों के लिए बेहतर दृश्यता और नियंत्रण सुनिश्चित होता है, जिससे अचानक ब्रेक लगाने की आवश्यकता कम होती है और समयपालन में सुधार होता है।
भविष्य की ओर बढ़ता कदम
यह प्रोजेक्ट उत्तर रेलवे की अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाने और भारतीय रेल नेटवर्क की बढ़ती आवश्यकताओं को पूरा करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। अपग्रेड सिस्टम और नए समाधानों के एकीकरण के माध्यम से यह पहल परिचालन दक्षता बढ़ाने, यात्री अनुभव सुधारने और रेलवे में सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास है। यह दूरदर्शी कदम न केवल उत्तर रेलवे को रेलवे अवसंरचना के आधुनिकीकरण में अग्रणी बनाता है, बल्कि सतत विकास और पर्यावरणीय जिम्मेदारी के व्यापक लक्ष्यों के अनुरूप भी है।




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