गाजियाबाद वालों के गुड न्यूज, राजस्व से जुड़े मुकदमों का एक महीने में होगा निपटारा
गाजियाबाद में वर्षों से लंबित राजस्व मुकदमों के जल्द निपटारे के लिए अप्रैल तक का समय दिया गया है। जिलाधिकारी ने विरासत, म्यूटेशन और जमीन खरीद-फरोख्त जैसे मामलों को सुलह या नियमित सुनवाई से एक महीने में खत्म करने की योजना बनाई है।

गाजियाबाद जिले में पिछले कई वर्षोँ से लंबित पड़े राजस्व मुकदमों का अब जल्द निस्तारण की उम्मीद जगी है। शासन ने लंबित मुकदमों को अप्रैल माह में निस्तारित करने का आदेश दिया है। इस पर काम भी शुरू हो चुका है। गाजियाबाद में विभिन्न राजस्व अदालतों में इस समय साढ़े छह हजार से अधिक मुकदमे लंबित हैं। चार हजार मुकदमे जिलाधिकारी और उप जिलाधिकारियों की अदालतों में ही लंबित हैं।
बताया जाता है कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के सभी जिलों में लंबित राजस्व मामलों की समीक्षा की थी। इसमें गाजियाबाद पिछड़ा मिला। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने बताया कि मुख्यमंत्री के आदेश पर इन ऐसे मामलों को जल्द निस्तारित करने की योजना बना ली है। इनमें विरासत, म्युटेशन (धारा-34- 35), स्टांप आदि के मामले भी हैं। एक रोस्टर बनाकर इनके निस्तारण का खाका तैयार किया जा रहा है।
SC/ST के मामलों में होगा जल्द निपटारा
सरकार ने अनुसूचित जाति, जनजाति की जमीन की खरीद फरोख्त को आसान बना दिया है। अब एससी/एसटी की जमीन खरीदने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होता है, पहले परमिशन मांगने के लिए मैन्युअली आवेदन करना होता था। पहले पट्टे पर दी गई जमीन की बिक्री आसान नहीं होती थी। अब कुछ संशोधन के साथ एससी की जमीन को खरीदने-बेचने की परमिशन जिलाधिकारी के स्तर पर देना संभव हुआ है। इससे इस प्रकार के लंबित मामलों का निपटारा जल्द होगा।
म्यूटेशन के मुकदमों में जल्द सुनवाई होगी
जनपद में जमीनों की खसरा-खतौनी में नाम दर्ज कराने को लेकर सबसे ज्यादा मुकदमे हैं। कई मामले में जमीन कई बार बेची गई, लेकिन दाखिल खारिज नहीं कराया। इस कारण खसरा खतौनी में पहले मालिक का ही नाम चलता रहा है।
विरासत के मामलों फंसता है पेच
अधिकारियों के मुताबिक, कुछ मामले बेहद अजीबो-गरीब हैं। मां का हिस्सा बेटा इस्तेमाल कर रहा है, शिकायत तो होती है, मगर मां कार्रवाई के नाम से पीछे हट जाती है। अब ऐसे मामले भी अदालत में लंबित हैं। इसमें केवल तारीख पर तारीख लगती रहती है। इस प्रकार के मामलों को अब सबसे पहले निपटाया जाएगा।
एक माह में किया जाना है निपटारा
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने कहा कि राजस्व से जुड़े मामलों का निपटारा एक माह में किया जाना है। ऐसी व्यवस्था की जा रही है, जो मामले आपसी सुलह-समझौते से निपट सकते हैं, उनका निपटारा कराया जाएगा। बाकी मुकदमो की नियमित सुनवाई कर निस्तारण कराया जा रहा है।




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