गाजियाबाद जासूसी नेटवर्क; एक और ऐक्शन, महिला समेत 3 अरेस्ट, सीमा पार से जुड़े हैं तार
गाजियाबाद की कौशाम्बी पुलिस ने देश विरोधी जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए नौशाद, मीरा और एक किशोर को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह सीमा पार के इशारों पर रेलवे स्टेशनों और सुरक्षा ठिकानों की रेकी कर फोटो-वीडियो भेजता था।

गाजियाबाद में देश के खिलाफ जासूसी करने वाले एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। इस जासूसी गिरोह के तार गाजियाबाद और उसके आसपास के इलाकों से गहराई से जुड़े हुए हैं। कौशाम्बी थाना पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 3 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों में 2 पुरुष और एक महिला शामिल हैं। इस पूरे मामले की शुरुआत 14 मार्च को हुई थी, जब पुलिस को सूचना मिली कि कौशाम्बी के भोवापुर इलाके में रहने वाले कुछ लोग संदिग्ध गतिविधियों में शामिल हैं। ये लोग रेलवे स्टेशनों और सुरक्षा बलों के ठिकानों के वीडियो बनाकर कहीं बाहर भेज रहे हैं।
खुफिया सूचना पर ऐक्शन
कौशाम्बी थाना पुलिस की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक, 14 मार्च को खुफिया सूचना मिली थी कि भोवापुर थाना कौशाम्बी में रहने वाले कुछ युवक देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त हैं। ये लोग रेलवे स्टेशन और सुरक्षा बलों की जगहों के वीडियो बनाकर कुछ लोगों को भेजते हैं। ये लोग पैसे का लालच देकर इस काम को करने के लिए युवाओं को आकर्षित करते हैं।
महत्वपूर्ण संस्थानों की तस्वीरें, वीडियो बरामद
उक्त सूचना पर संज्ञान लेते हुए थाना कौशाम्बी में मामला दर्ज किया गया। थाना कौशाम्बी पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इस मामले में 5 पुरुषों और 1 महिला को गिरफ्तार किया जिनके मोबाइल फोन की गैलरी से अपराध से संबंधित वीडियो और फोटो के साथ महत्वपूर्ण संस्थानों की तस्वीरें, वीडियो और लोकेशन बरामद गईं।
मामला गंभीर देख बनाई SIT
मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर पुलिस आयुक्त ने डीसीपी ट्रांसहिंडन की निगरानी और एडीसीपी क्राइम के नेतृत्व में एक एसआईटी बनाई थी जिसमें एसीपी इंदिरापुरम क्राइम, इंटेलिजेंस के साथ कौशाम्बी थाना प्रभारी, साइबर क्राइम और ट्रांसहिंडन जोन की स्वाट टीम को शामिल किया गया था।
पहले नौशाबू अली को दबोचा
एसआईटी ने 17 मार्च से आरोपियों को रिमांड पर लिया है। उनसे पूछताछ के आधार पर 20 मार्च को 9 और लोगों को पकड़ा गया जिनमें 5 नाबालिग भी शामिल हैं। आज 22 मार्च को एसआईटी ने एक अन्य आरोपी नौशाबू अली को गिरफ्तार किया। उसकी सूचना पर इस मामले में शामिल एक महिला और एक नाबालिग को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
यूपी के मथुरा की रहने वाली है महिला
नौशाद अली मूल रूप से बिहार का रहने वाला है और सिर्फ आठवीं पास है। वहीं गिरफ्तार महिला मीरा यूपी के मथुरा की रहने वाली है और 5वीं तक पढ़ी है। आरोपियों से की गई पूछताछ में पता चला है कि पूरा गिरोह सीमा पार से चलाया जा रहा था। इस गिरोह के मुख्य सदस्य सुहैल मलिक, नौशाद अली और समीर उर्फ शूटर हैं। सुहैल मलिक को 14 मार्च को गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपी नौशाद अली ने बताया कि वह सोशल मीडिया के जरिए इस गिरोह से जुड़ा था।
सुरक्षा केंद्रों, महत्वपूर्ण संस्थानों और रेलवे स्टेशनों की रेकी
नौशाद अली से पहले भी देश के अलग-अलग सुरक्षा केंद्रों, महत्वपूर्ण संस्थानों और रेलवे स्टेशनों की रेकी कराई गई थी। उन जगहों के फोटो, वीडियो और जीपीएस लोकेशन विदेशी नंबरों पर मंगवाए गए थे। उसने फोटो और वीडियो के लिए प्ले स्टोर से एक ऐप इंस्टॉल किया था और उसे चलाने की ट्रेनिंग भी ली थी। इन्हीं सोशल मीडिया ग्रुप के जरिए उसकी मुलाकात मीरा से हुई जो इसी गिरोह का हिस्सा थी। मीरा मुख्य रूप से हथियारों की तस्करी करती थी। मीरा को पहले दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल गिरफ्तार कर चुकी है। मीरा सीधे सीमा पार से मिलने वाले निर्देशों पर काम कर रही थी।




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