केंद्रीय गृह सचिव बन BJP सांसद को लगाया फोन, कैबिनेट मंत्री बनाने का झांसा देकर ठगने की कोशिश
केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन बनकर BJP के भीलवाड़ा MP दामोदर अग्रवाल को राज्य कैबिनेट में बर्थ का वादा करके लुभाने की कोशिश करने वाले एक साइबर क्रिमिनल को रविवार को दिल्ली में अरेस्ट कर लिया गया।

साइबर अपराधी आजकल ठगी के लिए नए-नए और बेहद शातिराना तरीके अपना रहे हैं। ये लोग अब आम आदमी के साथ-साथ नेताओं तक को अपना शिकार बनाने से नहीं डर रहे। राजस्थान के भीलवाड़ा से ऐसा ही एक चौकाने वाला सामने आया है, जहां भाजपा सांसद दामोदर अग्रवाल को ठगी के ट्रैप में फंसाने की कोशिश की गई। खुद को देश का केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन बताकर एक जालसाज ने सांसद को फोन किया और उन्हें राजस्थान कैबिनेट में मंत्री पद दिलाने का झांसा दिया। हालांकि, सांसद की सजगता के कारण यह बड़ी साजिश नाकाम हो गई और आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया।
क्या था पूरा मामला?
द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना 15 मार्च की है, जब भीलवाड़ा सांसद दामोदर अग्रवाल के पास एक अज्ञात नंबर से वॉट्सएप कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन बताया। सांसद को झांसा देने के लिए उसने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उसे राजस्थान में आगामी कैबिनेट विस्तार की तैयारियों के लिए जानकारी जुटाने का जिम्मा सौंपा है।
भीलवाड़ा के सभी भाजपा विधायकों के नंबर भी मांगे
जालसाज ने सांसद को भरोसे में लेने के लिए राजनीति और मंत्रालय से जुड़ी बातें कीं। इसके बाद उसने सांसद अग्रवाल से भीलवाड़ा जिले के सभी विधायकों के मोबाइल नंबर शेयर करने को कहा था। माना जा रहा है कि अपराधी का मकसद इन नंबरों के जरिये अन्य जनप्रतिनिधियों को भी अपना शिकार बनाना और उनसे ठगी करना हो सकता था।
सांसद की सूझबूझ ने पलटा पासा
कॉल के दौरान सांसद दामोदर अग्रवाल को कुछ संदेह हुआ तो उन्होंने बिना देरी किए सीधे असली केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन से संपर्क साधा। जिन्होंने ऐसा कोई कॉल करने से इनकार किया। इससे ठगी की कोशिश साफ हो गई। अगले ही दिन 16 मार्च को सांसद ने इसको लेकर भीलवाड़ा पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की कार्रवाई
भीलवाड़ा पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत टेक्निकल सर्विलांस की मदद ली। इस दौरान जांच की कड़ियां दिल्ली तक जुड़ी पाई गईं, जहां से रविवार को एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस जालसाज ने और कितने नेताओं या अधिकारियों को निशाना बनाया है और इसके पीछे कोई बड़ा सिंडिकेट तो काम नहीं कर रहा।




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