गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ेंगे नोएडा-ग्रेटर नोएडा, हापुड़ बाईपास से आगे बनेगी 15 KM लंबी सड़क
ग्रेटर नोएडा और नोएडा के विकास की रफ्तार अब और तेज होने वाली है। गंगा एक्सप्रेसवे और जेवर एयरपोर्ट तक कनेक्टिविटी को लेकर आए इन फैसलों से इलाके की तस्वीर बदल जाएगी।

गौतमबुद्ध नगर जिले के लोगों के लिए आवागमन को सुगम बनाने के लिए ग्रेटर नोएडा बोर्ड ने शनिवार को दो अहम परियोजनाओं को मंजूरी दी। इससे नोएडा और ग्रेनो के गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ने का रास्ता साफ हो गया। 105 मीटर चौड़ी सड़क को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए हापुड़ बाईपास से आगे 15 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जाएगी।
इसके साथ ही मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब से डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के समानांतर 6 लेन एलिवेटेड रोड बनाई जाएगी। इससे नोएडा एयरपोर्ट तक पहुंचना आसान हो जाएगा। इन दोनों मार्गों को मास्टर प्लान- 2041 में शामिल करने के लिए ग्रेटर नोएडा के सीईओ रवि कुमार एनजी के प्रस्ताव पर बोर्ड ने मुहर लगा दी है।105 मीटर चौड़ी ग्रेटर नोएडा के सेक्टर अल्फा-टू से हापुड़ बाईपास तक प्रस्तावित है। इसकी कुल लंबाई 37 किलोमीटर है, जो अभी अल्फा- टू से लगभग छह किलोमीटर लंबी क्षेत्र के जुनपत गांव तक बनी हुई है। इसके आगे का निर्माण कार्य जल्द शुरू किए जाने की तैयारी है। इस सड़क को दादरी में राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच)-91 और दादरी क्षेत्र के ही बील गांव के पास ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा। इस प्रमुख सड़क को न्यू नोएडा और ग्रेटर नोएडा फेज 2 से होते हुए हापुड़ बाईपास पर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच)-9 से जोड़ा जाएगा। 105 मीटर चौड़ी सड़क यहीं पर खत्म हो रही है।
आधे घंटे में गंगा एक्सप्रेसवे तक पहुचेंगे
अधिकारी के मुताबिक, वहां से गंगा एक्सप्रेसवे की दूरी लगभग 15 किलोमीटर है। योजना के मुताबिक 105 मीटर चौड़ी सड़क को हापुड़ बाईपास से जोड़ने के बाद इसे गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए 15 किलोमीटर लंबी सड़क बनानी पड़ेगी। इसका निर्माण नोएडा- ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण मिलकर करेंगे या एनएचएआई करेगा, इसका निर्णय बाद में लिया जाएगा। इससे नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लोग गंगा एक्सप्रेसवे तक 30 से 45 मिनट में पहुंच जाएंगे।
उद्योगों को होगी बहुत सुविधा
वहीं, लॉजिस्टक हब से डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के समानांतर 6 लेन का एलिवेटेड रोड बनेगा। इससे उद्योगों का माल नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के कार्गो टर्मिनल तक आसानी से पहुंच सकेगा। ग्रेटर नोएडा के सीईओ रवि कुमार एनजी का कहना है कि इन दोनों मार्गों के बन जाने से निवासियों से लेकर उद्यमियों तक सभी को बहुत सुविधा हो जाएगी। उन्होंने कहा कि निवेशकों को विकसित भूखंड उपलब्ध कराने के लिए जमीन अधिग्रहण व आधारभूत परियोजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है।
आईआईटी की मदद से ट्रैफिक जाम खत्म होगा
ग्रेटर नोएडा की प्रमुख पहचान परी चौक, नॉलेज पार्क, एक्सपो मार्ट, पी-3 गोलचक्कर और उसके आसपास के क्षेत्र को ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने के लिए प्राधिकरण ने पहल की है। इसमें आईआईटी दिल्ली की मदद ली जाएगी, ताकि परी चौक से एलजी चौक और नॉलेज पार्क तक ट्रैफिक के पूर्ण समाधान की योजना तैयार किया जा सके। संस्था डिजाइन तैयार करेगी और कॉन्ट्रैक्टर का चयन करने के लिए आरएफपी तैयार करेगी।




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