नोएडा एयरपोर्ट के नाम होंगे ये रिकॉर्ड, हर साल 1.25 करोड़ यात्री भर सकेंगे उड़ान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन करने के बाद उत्तर प्रदेश पांच हवाईअड्डों वाला देश का इकलौता ऐसा राज्य बन जाएगा। नोएडा एयरपोर्ट से पहले चरण में करीब सवा करोड़ यात्री उड़ान भर सकेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन करने के बाद उत्तर प्रदेश पांच हवाई अड्डों वाला देश का इकलौता ऐसा राज्य बन जाएगा। नोएडा एयरपोर्ट से पहले चरण में करीब सवा करोड़ यात्री उड़ान भर सकेंगे। इसके निर्माण में बीते ढाई दशक में कई बड़ी बाधाएं आईं। एक वक्त तो ऐसा लगने लगा कि मानों यह एयरपोर्ट गौतमबुद्धनगर में बन ही नहीं सकेगा। तमाम दिक्कतों के बाद आखिरकार इसके शुभारंभ की घड़ी आ गई। पेश है रिपोर्ट....
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भारतीय एविएशन इतिहास में तेज गति के साथ पूरे होने वाले एयरपोर्ट की सूची में शुमार है। एयरपोर्ट के निर्माण शुरू होने से उड़ान के लिए एयरोड्रम लाइसेंस मिलने तक में तीन वर्ष आठ माह और 19 दिन लगे।
15 जून 2022 को शुरू हुआ था निर्माण कार्य
चौथे चरण तक करीब पांच हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि में विकसित होने वाले एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट के लिए 53 फीसदी भूमि प्राप्त हो चुकी है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नायल) के नोडल अधिकारी ने बताया कि कोरोना काल के दौरान 29 सिंतबर 2021 को नोएडा एयरपोर्ट का अवॉर्ड किया गया था। 15 जून 2022 को इसका निर्माण कार्य शुरू हो गया था। वहीं, उड़ान की अंतिम प्रक्रिया के हिसाब से देखें तो एयरपोर्ट का निर्माण कार्य समेत अन्य कागजी औपचारिकताएं 6 मार्च 2026 को पूरी हुईं। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि 6 मार्च को अंतिम कागजी प्रक्रिया पूरी हुई थी, जबकि इसका निर्माण दिसंबर 2025 में ही पूरा कर लिया गया था।
नोएडा एयरपोर्ट प्रथम चरण के तहत 1,334 हेक्टेयर में विकसित किया गया है। यहां एक 3900 मीटर लंबा रनवे, एक लाख वर्गमीटर में टर्मिनल भवन, एटीसी, 30 एकड़ में कार्गो हब शामिल है।

डीएक्सएन है एयरपोर्ट का कोड
नोएडा एयरपोर्ट को इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (आईटा) ने डीएक्सएन के नाम से कोड आवंटित किया है। यह कोड एयरपोर्ट को सितंबर 2023 में मिल गया था। कोडनेम मिलने के बाद एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय विमानन मानचित्र में जगह मिल गई।
अब यूपी में पांच एयरपोर्ट होंगे
उत्तर प्रदेश के नाम देश में सबसे अधिक अंतराष्ट्रीय हवाई अड्डों का रिकॉर्ड दर्ज हो जाएगा। उत्तर प्रदेश देश का इकलौता ऐसा राज्य होगा, जहां पर पांच अंतराष्ट्रीय हवाई अड्डे होंगे। वर्तमान में यहां पर 16 हवाई अड्डों से उड़ान संचालित हो रही है। जबकि, तीन हवाई अड्डे अभी निर्माणाधीन हैं। जेवर में बनने वाला यह एयरपोर्ट प्रारम्भ होते ही अनेक अन्य रिकार्ड भी अपने नाम करने जा रहा है।
कई बार बदली गई उद्घाटन की तारीख
नोएडा एयरपोर्ट के पहले चरण का काम पूरा करने की समयसीमा 2024 तक की रखी गई थी। इसके बाद इसे अप्रैल 2025 के अंत तक शुरू करने की योजना बनाई गई थी। हालांकि, बाद में 15 मई 2025 तक घरेलू उड़ान संचालन शुरू करने और 25 जून 2025 तक अंतरराष्ट्रीय सेवाएं शुरू करने की बात कही गई। इसके बाद एयरपोर्ट के उद्घाटन की नई तारीख 30 अक्टूबर 2025 रखी गई। तब भी कुछ वजहों से इसका उद्घाटन नहीं हो सका। आखिरकार अब 28 मार्च को इस एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन होने जा रहा है।
उत्तर प्रदेश में स्थित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे
1. वाराणसी का लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीयएयरपोर्ट
2. लखनऊ का चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट
3. कुशीनगर में स्थित कुशीनगर अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट
4. अयोध्या में स्थित महर्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट
अभी यहां से उड़ानें संचालित
लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, आगरा, प्रयागराज, कानपूर, बरेली, गाजिाबाद का हिंडन, कुशीनगर, अयोध्या, अलीगढ़, आजमगढ़, मुरादाबाद, श्रावस्ती, चित्रकूट और सहारनपुर का सरसावा शामिल हैं।
नोएडा अंतराष्ट्रीय हवाई अड्डे के नाम ये रिकॉर्ड होंगे
● चारों चरण का निर्माण होने के बाद सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा।
● हवाई अड्डा सौ प्रतिशत एफडीआई वाला पहला प्रोजेक्ट।
● भारतीय एविएशन इतिहास में सबसे कम समय में बनने का दावा।
● 1334 हेक्टेयर में बना हवाई अड्डा तीन वर्ष, आठ माह,19 दिन में तैयार।
● हवाई अड्डे पर ही देश का पहला एमआरओ सेंटर भी बनेगा। इसके लिए अलग डेडिकेटिड रनवे होगा।
● पहले चरण में 3003 परिवार विस्थापित। किसी भी परियोजना का यह सबसे बड़ा विस्थापन।
● पूरी तरह से डिजिटल होने वाला देश का पहला हवाई अड्डा होगा।
● पर्यावरण सुरक्षा के लिए रिन्यूएबल एनर्जी का इस्तेमाल किया जाएगा।
● टिकट बुकिंग से सफर पूरा करने तक सब कुछ मोबाइल से होगा।
डॉ. महेश शर्मा, सांसद, ''नोएडा एयरपोर्ट जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। यह एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होने के साथ ही पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर में तरक्की की नई राह खोलेगा। लाखों लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। एयरपोर्ट शुरू होने के बाद विकास की गति और तेज होगी।''
सुरेन्द्र नागर, राज्यसभा सांसद, ''नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश का ग्रोथ इंजन बनेगा। इसका सबसे अधिक लाभ पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली एनसीआर के लोगों को मिलेगा। बड़ी संख्या में नई इंडस्ट्री स्थापित होंगी। कुछ अंतरराष्ट्रीय स्तर की कंपनी यहां पर आ चुकी हैं और कई आने को तैयार हैं।''




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