चैट करने से रोका तो 12वीं की छात्रा ने खुदकुशी की, फरीदाबाद में हैरान करने वाला मामला
फरीदाबाद में 12वीं की छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि वह वाट्सऐप पर एक लड़के ले चैट करती थी। उसे चैट करने से रोका गया तो उसने फंदा लगाकर जान दे दी।

फरीदाबाद में 12वीं की छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि वह वाट्सऐप पर एक लड़के ले चैट करती थी। उसे चैट करने से रोका गया तो उसने फंदा लगाकर जान दे दी। इसी तरह एक 14 वर्षीय किशोरी ने भी एक लड़के से फोन पर बात करने पर डांटने से गुस्सा होकर फंदा लगाकर जान दे दी। वहीं एक अन्य मामले में छठी कक्षा के छात्र ने भी पढ़ाई न करने पर डांटने पर फंदा लगाकर जान दे दी।
सारन थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक कॉलोनी निवासी 12वीं कक्षा की छात्रा पड़ोस में रहने वाले एक युवक से फोन पर चैट करती थी। इसका पता चलने पर उसके परिजनों ने उसे डांट दिया था। इससे गुस्सा होकर छात्रा ने शुक्रवार देर रात अपने कमरे में चुनरी से फंदा लगाकर जान दे दी। शनिवार सुबह इसका पता चलने पर परिजनों में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को बीके अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दियाथा।
बुआ के घर लगा ली फांसी
इसी तरह एक अन्य मामले में 14 वर्षीय नाबालिग ने सेक्टर-58 थाना क्षेत्र की एक कॉलोनी में अपनी बुआ के घर में फंदा लगाकर जान दे दी। किशोरी इंस्टाग्राम के जरिए एक युवक के संपर्क में आ गई थी। वह अक्सर उससे बात करती थी। परिजनों ने इसका पता चलने पर उसका मोबाइल तोड़ दिया था। 26 जनवरी को किशोरी अपनी बुआ के साथ फरीदाबाद आ गई थी। यहां आकर भी किशोरी इंस्टाग्राम पर दोस्त बने युवक से बात करने लगी। जब बुआ इस बारेमें पता चला तो उन्होंने उसके पिता को जानकारी दे दी। पिता ने फोन पर किशोरी को डांटा तो वह परेशान हो गई। इस दौरान उसने शुक्रवार रात को फंदा लगाकर जान दे दी।
बच्चों की भावनाओं को समझें
ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ. अंकुर ने बताया कि किशोरावस्था में भावनात्मक उतार-चढ़ाव, आवेग में निर्णय लेना, अस्वीकृति या डांट को अपमान समझ लेना और सोशल मीडिया पर अत्यधिक निर्भरता ऐसे कदमों के पीछे प्रमुख कारण हैं। इस उम्र में बच्चे तुरंत प्रतिक्रिया देते हैं, परिणामों पर नहीं सोचते। रोकथाम के लिए परिवार में खुला संवाद, डांट की जगह समझाना, मोबाइल उपयोग के स्पष्ट लेकिन संवेदनशील नियम और बच्चों की भावनाओं को गंभीरता से लेना जरूरी है। माता-पिता तुलना न करें।
पढ़ाई करने के लिए डांटने पर छात्र ने फंदा लगाया
पल्ला थाना क्षेत्र की एक कॉलोनी में शनिवार को एक 11 वर्षीय छात्र ने अपने घर में फंदा लगाकर जान दे दी। मृतक के पिता ने बच्चे से खेलने के बजाय पढ़ाई में मन लगाने के लिए कहा था,लेकिन बच्चा खेलने में ज्यादा ध्यान दे रहा था। पिता की डांट से परेशान होकर छात्र ने फंदा लगाकर जान दे दी। छात्र छठी कक्षा में पढ़ता था। पुलिस नेशव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों के हवाले कर दिया है।




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