सोनीपत में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, वायरस का डर दिखाकर करते थे ठगी; 20 लड़के-लड़कियां काबू
हरियाणा के सोनीपत जिले के कुंडली इंडस्ट्रियल एरिया में एक फैक्टरी में चल रहे एक अवैध कॉल सेंटर का भंडाफोड़ हुआ है। सीएम फ्लाइंग और सीआईए स्टाफ की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर मौके से 20 लड़के-लड़कियों को काबू किया है। यह गिरोह वायरस का डर दिखाकर तकनीकी सहायता के नाम पर ऑनलाइन ठगी कर रहा था।

हरियाणा के सोनीपत जिले के कुंडली इंडस्ट्रियल एरिया में एक फैक्टरी में चल रहे एक अवैध कॉल सेंटर का भंडाफोड़ हुआ है। सीएम फ्लाइंग और सीआईए स्टाफ की संयुक्त टीम ने फैक्टरी नंबर-394 में छापेमारी कर मौके से 16 लड़के और 4 लड़कियों को काबू किया है।
यह गिरोह खुद को माइक्रोसॉफ्ट का कर्मचारी बताकर अमेरिका के नागरिकों से वायरस का डर दिखाकर तकनीकी सहायता के नाम पर ऑनलाइन ठगी कर रहा था। कॉल सेंटर का मुख्य संचालक आशीष गाबा है जो दिल्ली का रहने वाला है। वह फिलहाल फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। इस संबंध में थाना कुंडली में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
हेडफोन लगा अंग्रेजी में कर रहे थे बात
सीएम फ्लाइंग के सब इंस्पेक्टर सतपाल सिंह को गुप्त सूत्रों से सूचना मिली थी कि कुंडली इंडस्ट्रियल एरिया की फैक्टरी नंबर-394 में अवैध कॉल सेंटर चल रहा है। यहां से विदेशी नागरिकों को तकनीकी सहायता देने के नाम पर ठगा जा रहा था। इसके बाद संयुक्त टीम गठित कर देर रात छापा मारा गया।
मौके पर 20 लोग लैपटॉप पर काम करते मिले। सभी अंग्रेजी में बात कर रहे थे और हेडफोन लगाए हुए थे। जब आरोपियों से दूरसंचार विभाग का लाइसेंस, कंपनी रजिस्ट्रेशन, पेमेंट मोड, डेटा सोर्स और अन्य दस्तावेज मांगे गए तो वे कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। मौके से 23 लैपटॉप, 26 मोबाइल फोन, 21 लैपटॉप चार्जर, 16 हेडफोन और एक वाई-फाई राउटर बरामद हुआ। सभी उपकरणों के सीरियल नंबर की पहचान कर उन्हें सील किया गया।
रिमोट एक्सेस एप से कंट्रोल में लेते थे डिवाइस
प्रारंभिक जांच में यह अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें विदेशी नागरिकों को निशाना बनाया जाता था। पुलिस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। पूछताछ में सामने आया कि इस फर्जी कॉल सेंटर का मुख्य संचालक दिल्ली के जनकपुरी का रहने वाला आशीष गाबा है। वह आरोपी खुद को माइक्रोसॉफ्ट का कर्मचारी बताकर अमेरिका और अन्य देशों के ग्राहकों को कंप्यूटर में वायरस या तकनीकी समस्या होने का डर दिखाते थे।
इसके बाद रिमोट एक्सेस एप इंस्टॉल करवाकर डिवाइस का नियंत्रण अपने हाथ में ले लेते थे। फर्जी स्कैनिंग दिखाकर पीड़ितों से ईमेल आईडी, बैंक खाते की जानकारी ली जाती थी। यह सारी डिटेल मुख्य आरोपी को भेजी जाती थी, जो वित्तीय ठगी को अंजाम देता था। आरोपियों के खिलाफ कुंडली थाना में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।




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