कट्टरपंथी विचारों से ‘जहरीला’ हो गया था जीशान, बनाता था भड़काऊ वीडियो; मेहदी मुस्लिम आर्मी से भी लिंक
गाजियाबाद के लोनी इलाके की अली गार्डन कॉलोनी में यूट्यूबर और एक्स मुस्लिम सलीम वास्तिक का चाकू से गला रेतकर जानलेवा हमला करने वाला जीशान कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित था। उसने अपने कमरे में ‘इंस्पायर विद जीशान’ नाम से एक पॉडकास्ट स्टूडियो बना रखा था।

गाजियाबाद के लोनी इलाके की अली गार्डन कॉलोनी में यूट्यूबर और एक्स मुस्लिम सलीम वास्तिक का चाकू से गला रेतकर जानलेवा हमला करने वाला जीशान कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित था। गाजियाबाद पुलिस ने रविवार रात उसे मुठभेड़ में मारा गया। उसने अपने कमरे में ‘इंस्पायर विद जीशान’ नाम से एक पॉडकास्ट स्टूडियो बना रखा था, जहां से वह भड़काऊ वीडियो अपलोड करता था। वीडियो में जीशान यह भी कहता था कि हम कमजोर नहीं हैं। हमारा दीन हमें सब्र सिखाता है, लेकिन एक दिन अपना हक जरूर लेकर रहेंगे।
उत्तर प्रदेश के ही अमरोहा जिले के कस्बा सैद नंगली निवासी जीशान के पिता बुनियाद अली के मुताबिक, जीशान ने गांव के स्कूल से 12वीं तक पढ़ाई की थी और साथ ही मदरसे में उर्दू की तालीम भी ली थी। वह अपने बड़े भाई गुलफाम के साथ नोएडा की एक कंपनी में फर्नीचर कारीगर का काम करता था। जीशान सबसे छोटा और अविवाहित था। पिता के अनुसार, उन्हें उसके धार्मिक वीडियो बनाने और शायरी के शौक की जानकारी थी, लेकिन उन्होंने इसे महज उसकी रुचि समझा। पढ़े-लिखे नहीं होने के कारण वो उसकी अन्य गतिविधियों से अनजान रहे।
विदेशी ग्रुप मेहदी मुस्लिम आर्मी से भी जुड़ा था जीशान
पुलिस की जांच में सामने आया है कि जीशान एक कथित कट्टरपंथी विदेशी ग्रुप मेहदी मुस्लिम आर्मी से भी जुड़ा था। इस ग्रुप में देश-विदेश के करीब 19 हजार सदस्य बताए जाते हैं। सूत्रों का दावा है कि इस मंच पर युवाओं को भड़काने की कोशिश की जाती थी। सलीम वास्तिक द्वारा एक वीडियो पोस्ट किए जाने के बाद इस ग्रुप में तीखी प्रतिक्रिया हुई। हालांकि, पुलिस अभी इस कड़ी की पुष्टि में जुटी है। आशंका है कि इसी उकसावे के चलते जीशान और उसके भाई गुलफाम ने हमला किया।
धार्मिक किताबें और शायरी की डायरी मिली
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने खोड़ा स्थित जीशान के कमरे की तलाशी ली। कमरे के एक कोने में पॉडकास्ट के लिए माइक्रोफोन और रिकॉर्डिंग की व्यवस्था मिली। साथ ही एक प्रसिद्ध शायर की पुस्तक, धार्मिक पुस्तक और जीशान की हस्तलिखित शायरी से भरी एक डायरी बरामद हुई। पुलिस के मुताबिक जीशान की लिखावट और वीडियो सामग्री से स्पष्ट है कि वह धार्मिक भावनाओं को उकसाने वाले विचारों को शब्दों में ढालने की कोशिश कर रहा था।
पिता से काम सीखकर खोड़ा आया
जीशान के पिता बुनियाद अली अमरोहा में फर्नीचर कारीगर हैं। पिता से काम सीखने के बाद बड़ा बेटा खोड़ा कॉलोनी में काम के चलते आ गया। इसके बाद छोटा भाई भी उसके पास रहने आ गया था। दोनों भाई कारपेंटर का काम करते थे। मुठभेड़ के बाद हिंडन मोर्चरी पर पोस्टमॉर्टम के बाद शव लेने पहुंचे पिता बुनियाद अली ने बताया कि अगर उन्हें पहले पता चलता तो बेटों को ऐसा नहीं करने देते। बेटों ने कुछ नहीं बताया था।




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