नोएडा के सेक्टर-150 से पानी निकालने के लिए बनेगा नाला और रेगुलेटर, प्राधिकरण ने मंजूरी दी
Noida Engineer Death: सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की हादसे में मौत के बाद नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर-150 में जल निकासी के लिए 27 करोड़ की योजना मंजूर की है। सिंचाई विभाग नाला और रेगुलेटर बनाएगा।

कार सवार सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के बाद नोएडा के सेक्टर-150 समेत आसपास के सेक्टर से बारिश का पानी निकालने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश ने बुधवार को पानी निकालने के लिए नाला और रेगुलेटर बनाने की मंजूरी दे दी। इस काम पर 27 करोड़ रुपये खर्च होंगे। रेगुलेटर बनाने का काम सिंचाई विभाग करेगा।
सिंचाई विभाग ने तैयार किया प्रस्ताव
सेक्टर-150 के एक गहरे गड्ढे में 16 जनवरी की रात को गिरने से कार सवार सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हो गई थी। सेक्टर-150 समेत 13 सेक्टर में पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। इस परियोजना का प्रस्ताव सिंचाई विभाग ने तैयार किया है। इसमें नाला और रेगुलेटर बनाकर इन सेक्टरों से बारिश का पानी हिंडन में गिराया जाएगा।
कब तक पूरा होगा काम?
परियोजना की लागत करीब 27 करोड़ रुपये अनुमानित है। प्राधिकरण के सीईओ कृष्ण करुणेश ने बताया कि सिंचाई विभाग की तरफ से आए प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। अब यह काम सिंचाई विभाग करवाएगा। संबंधित काम की निगरानी नोएडा करेगा। यह काम चार से पांच महीने में पूरा होने की उम्मीद है। अभी इन सेक्टर में बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति बनती है। कुछ सोसाइटी परिसर में भी पानी भरने की समस्या होती है।
इन सेक्टरों में क्या इंतजाम?
नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे किनारे के सेक्टरों में प्राधिकरण ने सड़क, नाली, सीवर समेत सभी विकास कार्य करवाए हैं। सेक्टर-150 के एक तरफ हिंडन तो दूसरी तरफ यमुना है। बाढ़ से बचाव के लिए तटबंध भी हैं। इसी तरह सेक्टर-151, 152, 153, 154, 155, 156, 157, 158, 159, 160, 161, 162 सेक्टर में भी विकास कार्य हुए हैं। प्राधिकरण के मुताबिक अभी इन सेक्टर का पानी सेक्टर-168 की तरफ मोड़कर नाले से ले जाकर यमुना तक पहुंचाया जाता है।
गड्ढे से अब तक पानी नहीं निकाला
सेक्टर-150 में स्पोर्ट्स सिटी के भूखंड नंबर-2 के ए-3 भूखंड में हो रखे गहरे गड्ढे में गिरने से इंजीनियर की मौत हुई थी। अब तक इस गड्ढे से पानी नहीं निकाला जा सका है। यह पानी कैसे निकाला जाए, इस पर प्राधिकरण के अधिकारी मंथन कर रहे हैं। पानी निकालने की कानूनी जिम्मेदारी को लेकर भी विधिक राय ली गई है। प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि पानी निकालने के वैकल्पिक इंतजाम पर विचार किया जा रहा है। यह भी देखा जा रहा है कि पाइप लगाने के बाद किसी नाले के जरिए पानी हिंडन तक पहुंचाया जाएगा
पहले ठंडे बस्ते में चली गई थी फाइल
प्राधिकरण की तैयारी इतने लंबे नाला नेटवर्क के बजाय सीधे नाला बनवाकर सेक्टर-150 से हिंडन में बारिश का पानी निकालने की है। इसको लेकर सिंचाई विभाग ने योजना तैयार की है। वर्ष 2023 में इसको लेकर प्राधिकरण और सिंचाई विभाग का संयुक्त निरीक्षण भी हुआ था। इसके बाद परियोजना की फाइल ठंडे बस्ते में चली गई थी। युवराज की मौत के बाद फिर इस परियोजना पर चर्चा शुरू हुई। प्राधिकरण इंजीनियरों का कहना है कि पूरे सेक्टर में नाला बना हुआ है।




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