नोएडा में आई रोजगार की बहार, 6 महीने 3 लाख से अधिक लोगों को मिलीं नई नौकरियां
नोएडा में रोजगार तेजी से बढ़ रहा है। यहां पर छह माह में तीन लाख से अधिक लोगों को दोबारा नौकरी मिली हैं। 5500 से अधिक कंपनियों ने अतिरिक्त रोजगार सृजित कर इन लोगों को नौकरी दी। इनमें कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स समेत हर तरह की कंपनियां शामिल हैं।

नोएडा में रोजगार तेजी से बढ़ रहा है। यहां पर छह माह में तीन लाख से अधिक लोगों को दोबारा नौकरी मिली हैं। 5500 से अधिक कंपनियों ने अतिरिक्त रोजगार सृजित कर इन लोगों को नौकरी दी। इनमें कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स समेत हर तरह की कंपनियां शामिल हैं।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के क्षेत्रीय कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार छह माह में 5556 कंपनियों में 303664 लोगों ने दोबारा नौकरी प्राप्त की है। यह वे लोग हैं, जिन्होंने एक कंपनी से नौकरी समाप्त होने के बाद दूसरी कंपनी में पदभार संभाला है। हालांकि, अतिरिक्त रोजगार सृजित करने वाली यह सभी कंपनियां प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत नहीं आएंगी। इस योजना के लाभ के लिए कुछ नियम शर्ते हैं, जो सभी कंपनियों पर लागू नहीं होंगे।
क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त प्रथम सुयश पांडे कहा कि कुछ नियम शर्तों की जांच के बाद ही प्रोत्साहन के दायरे में आने वाली कंपनियों की संख्या प्रकाश में आएगी। इनमें कंपनी के लिए खिलाफ एफआईआर नहीं होनी चाहिए, कंपनी की कभी कोई जांच न हुई हो समेत अन्य नियम शर्तें लागू हैं।
लाभार्थियों की संख्या के लिए सर्वे शुरू
सुयश पांडे कहा कि नियम शर्तों के दायरे में आने वाली कंपनियों और पहली बार नौकरी प्राप्त करने वाले कर्मचारियों की संख्या को लेकर सर्वे शुरू कर दिया गया है। इनकी सूची तैयार की जा रही है, ताकि लाभ के दायरे में आने वाले लोगों की सही संख्या सामने आ सके।
प्रोत्साहन राशि दो किस्तों में सीधे आधार कार्ड से लिंक बैंक खाते में जाएगी
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना एक रोजगार-संबद्ध प्रोत्साहन योजना है, जो पहली बार नौकरी पाने वाले युवाओं को 15,000 रुपये तक की सहायता और नियोक्ताओं को प्रति कर्मचारी 3,000 रुपये प्रति माह तक का प्रोत्साहन प्रदान करती है। 15,000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दो किस्तों में सीधे आधार लिंक बैंक खाते में मिलेगी। इसकी पहली किस्त छह महीने का रोजगार पूरा करने पर मिलेगी। दूसरे किस्त इसके छह माह बाद बैंक खाते में दी जाएगी। यह योजना एक अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच मिली नौकरियों पर लागू है।
2047 तक विकसित भारत के विजन को प्राप्त करना योजना का लक्ष्य
योजना का उद्देश्य औपचारिक रोजगार को बढ़ावा देना, निर्माण सेक्टर पर विशेष ध्यान और 2047 तक विकसित भारत के विजन को प्राप्त करना है। वहीं, अतिरिक्त रोजगार सृजन पर ₹3,000 प्रति माह तक का प्रोत्साहन दो वर्षों तक (विनिर्माण क्षेत्र के लिए चार वर्ष तक) के लिए लागू है। यदि 50 से कम कर्मचारी हैं तो कम से कम दो नए कर्मचारी और 50 या अधिक कर्मचारी हैं तो कम से कम पांच नए कर्मचारी कंपनियों को जोड़ने होंगे। यह योजना आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना के समान है, लेकिन इसका फोकस नए 3.5 करोड़ नौकरियों के सृजन पर है।




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