बोड़ाकी के पास लॉजिस्टिक पार्क बनाने की मंजूरी, नई रेल लाइन से सड़क चौड़ी करने सहित होंगे ये काम
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में बोड़ाकी के पास प्रस्तावित मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क परियोजना के नियम, शर्तों और ब्रोशर को मंजूरी मिल गई। इसको विकसित करने में तीन बड़ी कंपनियों ने रुचि दिखाई है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में बोड़ाकी के पास प्रस्तावित मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क परियोजना के नियम, शर्तों और ब्रोशर को मंजूरी मिल गई। इसको विकसित करने में तीन बड़ी कंपनियों ने रुचि दिखाई है। भूखंड का आवंटन ई-नीलामी के माध्यम से किया जाएगा।
मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क ग्रेटर नोएडा के सेक्टर कप्पा-टू में 174.12 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाना है। यहां सड़कों का निर्माण करने के साथ अन्य मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने का काम पहले से चल रहा है। इस सेक्टर को 130 मीटर चौड़ी सड़क सहित प्रमुख सड़कों से जोड़ने का काम चल रहा है। मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क परियोजना से ग्रेटर नोएडा में 1200 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आएगा। इससे अनेक युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
सात वर्षों में परियोजना पूरी करनी होगी
अधिकारी के मुताबिक, कैबिनेट बैठक में मंजूरी के बाद अब कंपनी के चयन और अन्य प्रक्रियाओं में तेजी आएगी। चयनित कंपनी को सात वर्षों में परियोजना पूरी करनी होगी। सरकार या औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा लीज पर आवंटित भूमि पर 30 फीसदी की सहायता सब्सिडी के रूप में मिलेगी। प्रदेश सरकार की नीति के तहत न्यूनतम 1000 करोड़ रुपये के निवेश वाली मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क परियोजनाओं को प्रोत्साहन दिया जाएगा। ऐसी परियोजनाओं को ही 30 फीसदी की सब्सिडी प्रदान की जाएगी, जो केवल सरकारी या औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा लीज पर जमीन आवंटित की गई हो।बता दें कि इस परियोजना के नियम और शर्तों को उच्च स्तरीय समिति द्वारा भी अनुमोदित किया जा चुका है। इस परियोजना में भारत में पंजीकृत साझेदारी फर्म, सीमित देयता भागीदारी (एलएलपी), निजी या सार्वजनिक लिमिटेड कंपनियां इसमें भाग ले सकेंगी, जबकि साझेदारी या संयुक्त उद्यम को निविदा में भाग लेने की अनुमति नहीं होगी।
भूखंड का आरक्षित मूल्य तय किया गया
परियोजन के तहत आवंटित होने वाले भूखंड का आरक्षित मूल्य 11 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर निर्धारित किया गया है। 30 फीसदी सब्सिडी की गणना इसी आरक्षित मूल्य के आधार पर की जाएगी। चयनित कंपनी को परियोजना सात वर्षों में पूरी करनी होगी, जिसमें पहले तीन वर्षों में कम से कम 40 फीसदी कार्य पूरा करना होगा। विशेष परिस्थितियों में अधिकतम दो वर्षों का अतिरिक्त समय दिया जा सकता है।
परियोजना को 130 मीटर चौड़ी सड़क से जोड़ा जाएगा
लॉजिस्टिक पार्क के लिए आवाजाही आसान हो, इसके लिए सेक्टर कप्पा-टू को 130 मीटर चौड़ी सड़क से जोड़ा जाएगा। योजना के तहत मिग्सन से मकौड़ा गोलचक्कर के बीच की सड़क को छह लेन कर दिया गया है। यह सड़क मकौड़ा गोलचक्कर से आगे जाकर 105 मीटर चौड़ी सड़क से जुड़ती है। इसका फायदा सेक्टर कप्पा-टू में विकसित किए जा रहे लॉजिस्टिक पार्क को भी मिलेगा।
रेलवे लाइन बिछेगी
बोड़ाकी के पास विकसित किए जा रहे मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क तक रेलवे लाइन बिछाई जाएगी। इसे डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (डीएफसीसीआईएल) के दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा। इससे उद्योगों के लिए माल ढुलाई आसान हो जाएगी।
ये सुविधाएं मिलेंगी
मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क (एमएमएलपी) एक एकीकृत हब है, जो रेल, सड़क और हवाई परिवहन को जोड़कर माल ढुलाई को तेज, सस्ता और कुशल बनाता है। इनमें मुख्य रूप से अत्याधुनिक वेयरहाउसिंग, कोल्ड स्टोरेज, कंटेनर टर्मिनल, मशीनीकृत कार्गो हैंडलिंग, सीमा शुल्क निकासी (कस्टम बॉन्डेड) जैसी सुविधाएं उपलब्ध होती हैं।




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