गाजियाबाद में हवाई संपर्क को मजबूत करने की कवायद, 2 हेलीपैड बनाए जाएंगे
गाजियाबाद जिले में सड़कों के जाल के बाद अब हवाई संपर्क को मजबूत करने की कवायद तेज हो गई है। राज्य लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) लोनी और भोजपुर ब्लॉक में हेलीपैड बनाएगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है। दोनों हेलीपैड की लागत करीब 51 लाख रुपये है।

गाजियाबाद जिले में सड़कों के जाल के बाद अब हवाई संपर्क को मजबूत करने की कवायद तेज हो गई है। राज्य लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) लोनी और भोजपुर ब्लॉक में हेलीपैड बनाएगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है। दोनों हेलीपैड की लागत करीब 51 लाख रुपये है।
जिले में अब तक कोई स्थायी हेलीपैड नहीं
जिले में अब तक कोई स्थायी हेलीपैड नहीं है। एयर कनेक्टिविटी के नाम पर सिर्फ हिंडन एयरफोर्स स्टेशन और हिंडन एयरपोर्ट है। संवेदनशीलता को देखते हुए इनका उपयोग भी सिर्फ वीआईपी मूवमेंट में ही किया जा सकता है। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर पुलिस लाइन व दूसरे स्थानों पर अस्थायी हेलीपैड बनाए जाते हैं। निजी स्थान पर हेलीपैड बनाने के लिए अलग से अनुमति लेनी होती है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर डिडवारी रेस्ट एरिया में एयर एंबुलेंस की सुविधा देने का वादा किया गया था, लेकिन यह भी अभी तक शुरू नहीं हो पाई।
एक माह में हेलीपैड तैयार हो जाएंगे
इस बीच पीडब्ल्यूडी ने लोनी और भोजुपर ब्लॉक में स्थायी हेलीपैड बनाने की प्रक्रिया शुरू की है। पहले चरण में दो स्थानों पर करीब 51 लाख रुपये की लागत से हेलीपैड का निर्माण होगा। अधिकारियों का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसे पूरा अगले माह से निर्माण शुरू कराने का लक्ष्य है। यदि कोई अड़चन नहीं आई तो एक माह में दोनों हेलीपैड बनकर तैयार हो जाएंगे।
एक्सप्रेसवे के नजदीक बनेंगे
दो हेलीपैड बनने से जिले में एयर कनेक्टिविटी तो बढ़ेगी ही, इनका उपयोग आपात स्थिति में भी किया जा सकेगा। अधिकारियों का कहना है कि भोजपुर में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और लोनी में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के ही आसपास हेलीपैड बनाने का फैसला लिया गया है। ऐसे में कोई हादसा होने पर इनका उपयोग एयर एंबुलेंस के लिए भी किया जा सकेगा। सबसे बड़ा फायदा गोल्डन ऑवर यानी आपातकाल के पहले घंटे के दौरान मिलेगा।
लोगों को भी सुविधा मिलेगी
हेलीपैड से वीआईपी मूवमेंट भी सुगम होगा और इससे लोगों को होने वाली परेशानी भी कम हो जाएगी। वर्तमान में मुख्यमंत्री समेत अन्य वीआईपी का कार्यक्रम होने पर हिंडन एयरफोर्स स्टेशन से बाकी स्थानों पर जाने के लिए सड़क मार्ग का उपयोग किया जाता है। अब नजदीकी हेलीपैड का इस्तेमाल होने से सड़क मार्ग पर वीआईपी मूवमेंट कम से कम हो सकेगी।
वहीं, इन हेलीपैड का उपयोग आम नागरिक अपनी सुविधा के लिए भी कर सकेंगे। सिर्फ बुकिंग ही करनी होगी, जबकि वर्तमान में हेलीपैड बनाने और इसकी अनुमति लेने की जटिल प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।




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