दिल्ली में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएगी दुर्गा ई-ऑटो योजना, परमिट के लिए कौन-कौन होगा पात्र
Durga E-Auto Scheme : दिल्ली की महिलाओं के लिए जल्द ‘दुर्गा ई-ऑटो योजना’ शुरू होने जा रही है। इस योजना के तहत 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर 20 से 40 साल तक की महिलाओं को परमिट दिए जाएंगे।

दिल्ली सरकार राजधानी की महिलाओं और किन्नरों के लिए बजट में घोषित की गई ‘दुर्गा ई-ऑटो योजना’ (Durga E-Auto Scheme) को जल्द शुरू करने जा रही है। इसके लिए सरकार ने ड्राफ्ट भी तैयार कर लिया है और एनआईसी के सहयोग से वेबसाइट बनाने का काम चल रहा है।
सरकार ने तय किया है कि 20 से 40 साल उम्र तक की महिलाओं को ही दुर्गा ई-ऑटो दिए जाएंगे। इस ड्राफ्ट पर विभिन्न विभागों से टिप्पणी मांगी गई है, जिसके बाद इसे कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। महिलाओं को यह ऑटो 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर दिए जाएंगे।
ऑटो को 3 साल तक बेचा नहीं जा सकेगा
दिल्ली सरकार के सूत्रों ने बताया कि राजधानी में रहने वाली एक हजार महिलाओं और 100 किन्नरों को पहले चरण में दुर्गा ई-ऑटो दिए जाएंगे जो गुलाबी रंग के होंगे। इसके लिए दिल्ली सरकार के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर डॉ. पंकज सिंह और दिल्ली की ट्रांसपोर्ट कमिश्नर निहारिका राय की देखरेख में ड्राफ्ट तैयार किया गया है। सूत्रों ने बताया कि इस ऑटो को तीन वर्ष तक किसी दूसरी महिला को बेचा नहीं जा सकेगा। सरकार ओला-उबर सहित विभिन्न प्लेटफॉर्म से भी इन महिलाओं को जोड़ेगी ताकि उन्हें महिला सवारी आसानी से मिल सकें।
1000 महिलाओं, 100 किन्नरों को ई-ऑटो मिलेंगे
पहले आओ-पहले पाओ के तहत सरकार देगी परमिट
ड्राफ्ट में महिलाओं के लिए संभावित पात्रता
● महिला दिल्ली की निवासी हो और मतदाता पहचान पत्र होना चाहिए
● महिला की उम्र 20 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए
● महिला के पास ड्राइविंग लाइसेंस और पीवी बैच होना चाहिए
● महिला या परिवार के पास पहले से ऑटो नहीं होना चाहिए
● 2024-25 में परिवार की वार्षिक आय पांच लाख से ज्यादा न हो
किन्नरों के लिए संभावित पात्रता
● डीएम से किन्नर होने का प्रमाण-पत्र जारी होना चाहिए
● आवेदक की उम्र 20 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए
● आवेदक के पास ड्राइविंग लाइसेंस और पीवी बैच होना अनिवार्य होगा
● आवेदक दिल्ली की निवासी हो और मतदाता पहचान पत्र होना चाहिए
महिलाएं सुरक्षित महसूस करेंगी
दिल्ली सरकार की ओर से महिला चालकों को दिए जाने वाले ई-ऑटो का एक मकसद महिलाओं के लिए सुबह एवं रात के समय सफर सुरक्षित बनाना है। इस तरह के ऑटो में सफर करने वाली महिलाएं और युवतियां खुद को ज्यादा सुरक्षित महसूस करेंगी, क्योंकि ऑटो चालक भी महिला ही होगी। वहीं महिलाएं एवं किन्नर इससे सीधे तौर पर रोजगार से जुड़ सकेंगे।




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