Women Reservation Bill Delhi CM Rekha Gupta Hits Out at SP Akhilesh Yadav and Congress Rahul Gandhi 'अखिलेश को डिंपल तो राहुल को'... महिला आरक्षण बिल गिरने पर भड़कीं CM रेखा गुप्ता, Delhi Hindi News - Hindustan
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'अखिलेश को डिंपल तो राहुल को'... महिला आरक्षण बिल गिरने पर भड़कीं CM रेखा गुप्ता

विधेयक पर वोटिंग के लिएं 528 सदस्यों ने हिस्सा लिया था। इस विधेयक को पारित करने के लिए जरूरी दो तिहाई बहुमत के हिसाब से 352 सदस्यों के समर्थन की जरूरत थी।

Sat, 18 April 2026 12:29 PMMohit लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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'अखिलेश को डिंपल तो राहुल को'... महिला आरक्षण बिल गिरने पर भड़कीं CM रेखा गुप्ता

लोकसभा चुनाव 2029 से पहले महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने संबंधी संविधान संशोधन विधेयक पारित न होने पर सियासी घमासान तेज हो गया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी विपक्ष को आड़े हाथ लिया है। सीएम ने कहा कि विधेयक को पास करवाने में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने साथ नहीं दिया।

रेखा गुप्ता ने कहा ‘संसद में महिला आरक्षण बिल गिर गया। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने साथ नहीं दिया। इन सभी ने तय कर रखा था कि हम किसी भी हालत में महिलाओं को विधानसभा और लोकसभा तक पहुंचने नहीं देंगे। कुछ भी कहा कभी कहा जाति के ऊपर दो तो कभी कहा कि धर्म के आधार पर आरक्षण होना चाहिए। इन्होंने कभी कहा कि 543 पर क्यों नहीं हो रहा तो कभी कहा कि 850 क्यों हो रहा है। कभी परिसीमन पर सच्चाई ये है कि ये लोग चाहते ही नहीं हैं कि देश की आधी आबादी 70 करोड़ महिलाएं सदन तक पहुंचे।’

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'देश में इनके अलावा भी महिलाएं हैं'

सीएम ने आगे कहा ‘इनको केवल अपने घर की महिलाएं अच्छी लगती हैं। अखिलेश यादव को डिंपल यादव तो राहुल गांधी को सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी। देश में इनके अलावा भी महिलाएं हैं। 70 करोड़ महिलाएं हैं वे अपनी हक की आवाज उठा रही थीं। पर आपको उसमें राजनीति करनी थी। आपको नरेंद्र मोदी जी ने ये कहा कि दे देना चाहिए। 1971 में 543 सीट इस देश के लिए तय हुई थी, उस समय जनसंख्या कितनी थी? 50 से 55 करोड़ और आज कितनी जनसंख्या है 140 करोड़ तो क्या सीटें नहीं बढ़नी चाहिए? आपको तकलीफ है कि सीटें क्यों बढ़ा रहे हो। क्योंकि एक-एक मठाधीश 50-50 लाख की जनसंख्या वाली सीट का राजा बनकर बैठा है। आप चाहते ही नहीं हो कि उस 1 में से 2 बन जाए।’

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'तुलना तो बहुत बड़े-बड़े देशों के साथ में करते हैं'

सीएम ने आगे कहा ‘कोई महिला आगे आ जाए या प्रतिनिधित्व कर दे नहीं चाहते आप। क्यों 1971 की जनगणना पर आधारित 543 सीटें हम लेकर के बैठे हैं। तुलना तो बहुत बड़े-बड़े देशों के साथ में करते हैं आज उन में प्रतिनिधित्व देखिए। वहां महिलाओं का कहीं 40 प्रतिशत तो कहीं 50 प्रतिशत तक है। मगर अपने देश में नहीं देना चाहते। हमारे देश की महिलाओं को आगे नहीं आने देंगे। सब रूढ़िवादिता है ये आपका महिला विरोधी चेहरा है जो आज देश की महिलाओं ने देख लिया। जब आप अपने ससंदीय क्षेत्र में जाएंगे तो हर एक महिला आप से पूछेगी की ऐसा क्यों किया।’

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संख्याबल की कमी से गिर विधेयक

आपको बता दें कि विधेयक पर वोटिंग के लिएं 528 सदस्यों ने हिस्सा लिया था। इस विधेयक को पारित करने के लिए जरूरी दो तिहाई बहुमत के हिसाब से 352 सदस्यों के समर्थन की जरूरत थी।

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