इंटरनेट वाला 'टेरर मॉड्यूल' बेनकाब, दिल्ली पुलिस ने 3 राज्यों से किए 4 गिरफ्तार; बम बनाने वाला संदिग्ध सामान भी बरामद
पकड़े गए आरोपी युवाओं को भड़काने और उन्हें आतंकी संगठन में शामिल करने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे थे। दो आरोपियों को महाराष्ट्र से तो एक को ओडिशा तो एक को बिहार से छापेमारी के बाद गिरफ्तार किया गया है।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने महाराष्ट्र, ओडिशा और बिहार से चार कट्टरपंथी युवकों को गिरफ्तार किया है। ये सभी ऐसे आतंकी मॉड्यूल से जुड़े थे जो कि खिलाफत की स्थापना की विचारधारा और ऑनलाइन रेडिकलाइजेशन से प्रभावित था। पकड़े गए आरोपी युवाओं को भड़काने और उन्हें आतंकी संगठन में शामिल करने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे थे। दो आरोपियों को महाराष्ट्र से तो एक को ओडिशा तो एक को बिहार से छापेमारी के बाद गिरफ्तार किया गया है।
आरोपी 'खुरासान आधारित लश्कर' के गठन और खिलाफत की स्थापना की वकालत करने वाले विचारों से प्रभावित थे और 'जगवा-ए-हिंद' की तैयारी कर रहे थे और साथ ही एन्क्रिप्टेड डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए दूसरे लोगों को भी अपनी कट्टरपंथी सोच से जोड़ने की कोशिश कर रहे थे।
क्या थी चारों की जिम्मेदारी?
एक आरोपी से एक आईईडी बरामद किया गया है। दो आरोपी संभावित आतंकी हमले के लिए रिमोट-कंट्रोल्ड आईईडी बनाने के लिए स्थानीय स्तर पर सामान इकट्ठा कर रहे थे। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, चौथा आरोपी क्यूआर कोड/बैंक डिटेल के जरिए जिहादी गतिविधियों के लिए पैसे जुटा रहा था और हथियार और फिजिकल ट्रेनिंग का वादा कर रहा था।
डीसीपी स्पेशल सेल प्रवीण कुमार त्रिपाठी ने बताया है कि भारतीय न्याय संहिता 2023 की संबंधित धाराओं के तहत स्पेशल सेल पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है। मोबाइल फोन और कम्युनिकेशन के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले डिजिटल डिवाइज के साथ-साथ आईईडी बनाने में इस्तेमाल होने वाली संदिग्ध सामग्री भी बरामद की गई है।
सोशल मीडिया प्लेटफार्म के जरिए ऑपरेट
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ठाणे के मोसैब अहमद उर्फ सोनू उर्फ कलाम, मुंबई के मोहम्मद हम्माद, भुवनेश्वर के शेख इमरान और बिहार के कटिहार के मोहम्मद सोहेल के रूप में हुई है। एनडीटीवी पर छपी एक खबर के मुताबिक, यह ग्रुप गुप्त सोशल मीडिया प्लेटफार्म के जरिए ऑपरेट कर रहा था। इन प्लेटफार्म पर जिहादी गतिविधियों, फंड इकट्ठा, भर्ती और हिंसा से जुड़ी चर्चा होती थी। आरोप है कि क्यूआर कोड और बैंक खातों के जरिए क्राउडफंडिंग की भी कोशिश की।
आतंकी मॉड्यूल शुरुआती चरण में था
एनडीटीवी पर छपी खबर के मुताबिक, पुलिस ने पूछताछ के दौरान पाया कि आरोपी ऑनलाइन उपलब्ध वैचारिक कंटेट और जाकिर नाइक सहित कई धार्मिक वक्ताओं के विचारों से प्रभावित हैं। अधिकारियों के मुताबिक यह आतंकी मॉड्यूल शुरुआती चरण में था और अपना दायरा बढ़ाने की कोशिश में जुटा हुआ था। फिलहाल पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है। इसके साथ ही मॉड्यूल के फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं इसकी पड़ताल जारी है।
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