दिल्ली पुलिस ने आतंकी मॉड्यूल के मेन गुर्गे को दबोचा, पाकिस्तानी हेंडलर्स से तार
दिल्ली पुलिस ने एक टेरर मॉड्यूल के मेन गुर्गे को गिरफ्तार किया है। लॉरेंस बिश्नोई गैंग के इस करीबी के तार पाकिस्तान हैंडलर्स से जुड़े हैं। आरोपी व्यापारियों को रंगदारी के लिए निशाना बनाता था।

दिल्ली पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी और टेरर मॉड्यूल के एक मेन गुर्गे को दबोचा है। आरोपी का संबंध पाकिस्तानी हैंडलर्स से बताया जा रहा है। गाजियाबाद का रहने वाला आरोपी गैंग के लिए मध्यस्थ और हथियारों की सप्लाई का काम करता था। पुलिस ने आरोपी के पास से विदेशी पिस्तौल और कारतूस बरामद किए हैं। वह दुबई और बैंकॉक में गैंग के संपर्क में आया था। आरोपी ऑनलाइन सट्टेबाजी के जरिए व्यापारियों को रंगदारी के लिए निशाना बनाता था। इस मामले में अब तक 13 लोग पकड़े जा चुके हैं।
क्राइम ब्रांच के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने हथियारों की तस्करी और एक आतंकी मॉड्यूल के बेहद महत्वपूर्ण गुर्गे को अरेस्ट किया है। इस सदस्य के तार पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स से जुड़े पाए गए हैं। आरोपी का नाम हर्ष पाल सिंह उर्फ रूबल (31) है। वह जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके साथी रोहित गोदारा का करीबी माना जाता है। उसके पास से एक विदेशी पिस्तौल और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
रंगदारी में बिचौलिए का काम
पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी को पिछले महीने दर्ज किए गए एक मामले के सिलसिले में अरेस्ट किया गया है। आरोपी ने अवैध हथियारों की खेप लेने वाले के तौर पर भूमिका निभाई। जांच में पाया गया कि आरोपी ने रंगदारी के मामलों में गैंग के गुर्गों और पीड़ितों यानी व्यापारियों के बीच बिचौलिए का काम किया। पुलिस ने अब तक इस मामले में 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
ISI से कनेक्शन
आरोपियों के पास से 24 विदेशी हथियार और 216 कारतूस बरामद किए गए हैं। जांच में पाया गया है कि इस टेरर मॉड्यूल का पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) से कनेक्शन है। कुछ ऑपरेशनों में विदेश में बैठे पाकिस्तानी हैंडलर गैंग के साथ कोऑर्डिनेट करते हैं। गाजियाबाद का रहने वाला आरोपी हर्ष पाल सिंह उर्फ रूबल पूर्वी दिल्ली में एक खाने की दुकान चलाता था। उसका सह-आरोपी निशांत अरोड़ा से भी संबंध था।
दुबई और बैंकॉक की यात्रा
उसकी मुलाकात 2023 में दुबई में गैंग के गुर्गों से हुई थी। बाद में उसने नेटवर्क के भीतर अपने संबंधों को मजबूत करने के लिए बैंकॉक की यात्रा की थी। आरोपी सिंह के ऑनलाइन सट्टेबाजी के नेटवर्क से भी संबंध रहे हैं। आरोपी सट्टेबाजी के नेटवर्क का इस्तेमाल रंगदारी के लिए कारोबारियों की पहचान करने के लिए करता था। पुलिस टीमें इस रैकेट के अन्य सदस्यों की पहचान करने में जुटी हैं। पुलिस गिरोह की फंडिंग का पता लगाने के लिए जांच कर रही है।




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