दिल्ली के इन इलाकों में हुआ सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट अपग्रेड, 35 नए छोटे सीवेज प्लांट लगाने की भी तैयारी
पिछले एक साल में कई बैठक और फील्ड विजिट भी की जा चुकी है। आंकड़ों से पता चला है कि यमुना में गिरने वाले 22 बड़े नालों में से 11 को टैप किया जा चुका है और बाकी बचे नालों पर एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है।

पिछले एक साल में दिल्ली जल बोर्ड ने 10 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) को अपग्रेड किया है। यमुना नदी में गिरने वाली गंदगी को कम करने के लिए ये कदम उठाया गया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक यमुना की सफाई के लिए कई प्रयास किए गए हैं और साथ ही शहर में पानी की बेहतर व्यवस्था के लिए भी कदम उठाए गए हैं। इनमें सीवर लाइन बिछाना, छोटे नालों को बंद करना आदि शामिल है। वहीं पानी की बर्बादी को कैसे रोका जाए इसके लिए आईआईटी रुड़की से मदद ली जा रही है।
आंकड़ों से पता चलता है कि दिल्ली में सीवेज ट्रीटमेंट की क्षमता बढ़ाई गई है जो कि 707 मिलियन गैलन प्रतिदिन (MGD) से बढ़कर 735 MGD हो गई है। दिल्ली जल बोर्ट राज्य में 37 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को ऑपरेट कर रहा है। जिन इलाकों में काम पूरा हो चुका है उनमें केशोपुर, कोंडली, रोहिणी, नरेला, यमुना विहार, नजफगढ़, पप्पन कलां और निलोठी के प्लांट शामिल हैं। डेटा के मुताबिक जल बोर्ड सब-ड्रेन टैपिंग प्लान पर काम कर रहा है नजफगढ़ और शाहरदा जैसे बड़े नालों में गिरने वाला छोटे नालों का पानी रोककर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की ओर डायवर्ट किया जाएगा। यमुना नदी में कचरा न गिरे इसके लिए 35 छोटे सीवेज प्लांट लगाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
401 अनधिकृत कॉलोनियां और 110 शहरी गांव को फायदा
एक सरकारी अधिकारी ने कहा, 'इन छोटे प्लांट से सीवेज ट्रीटमेंट की क्षमता बढ़ेगी, साफ-सफाई बेहतर होगी और पानी बचाने के प्रयासों को मदद मिलेगी। अनुमान है कि इन सुविधाओं से करीब 29.7 लाख लोगों को फायदा होगा, जिनमें 401 अनधिकृत कॉलोनियां और 110 शहरी गांव शामिल हैं। वहीं पानी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए जल बोर्ड हरियाणा सरकार और आईआईटी रुड़की के साथ मिलकर काम कर रही है। इसके लिए पिछले एक साल में कई बैठक और फील्ड विजिट भी की जा चुकी है। आंकड़ों से पता चला है कि यमुना में गिरने वाले 22 बड़े नालों में से 11 को टैप किया जा चुका है और बाकी बचे नालों पर एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है।
लेट पेमेंट सरचार्ज माफी योजना
अधिकारियों ने बताया कि घरेलू ग्राहकों के लिए 'लेट पेमेंट सरचार्ज' (LPSC) माफी योजना भी शुरू की गई है। 31 जनवरी तक इस योजना से 3.5 लाख से ज्यादा परिवारों को फायदा पहुंचा है और सरकार को 484.48 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है।
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