Killed Friend for Asking Back 5,000 Father and Son Found Guilty by Delhi Court मात्र 5000 रु के लिए दोस्त का कत्ल, दिल्ली की अदालत ने बाप-बेटे को ठहराया दोषी, Delhi Hindi News - Hindustan
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मात्र 5000 रु के लिए दोस्त का कत्ल, दिल्ली की अदालत ने बाप-बेटे को ठहराया दोषी

अभियोजन पक्ष के मुताबिक आरोपी और दोषी दोस्त थे। महबूब ने बल्लू से कुछ महीने पहले 5000 रुपये लिए थे मगर वह वापस नहीं कर रहा था। 6 मई 2021 की शाम बल्लू छज्जू गेट के पास दोस्तों के साथ था और उसने एकबार फिर पैसों की मांग की।

Thu, 5 March 2026 05:38 PMMohit लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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मात्र 5000 रु के लिए दोस्त का कत्ल, दिल्ली की अदालत ने बाप-बेटे को ठहराया दोषी

दिल्ली की एक कोर्ट ने एक शख्स और उसके पिता को मर्डर केस में दोषी ठहराया है। साल 2021 में नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के वेलकम एरिया में 5000 रुपये के कर्ज के विवाद के चलते दोनों ने एक युवक की हत्या कर दी थी। एडिशनल सेशन जज चारू अग्रवाल ने इस केस की सुनवाई की। दोषी ठहराए गए हत्यारों के नाम महबूब और महफूज है। दोनों ने 6 मई, 2021 को अनिमेष उर्फ ​​बल्लू को मौत के घाट उतार दिया था।

कोर्ट ने 28 फरवरी को अपने आदेश में कहा कि गवाहों ने अपनी गवाही से साबित किया है कि महबूब ने अपने पिता महफूज के साथ मिलकर मर्डर को अंजाम दिया। अभियोजन पक्ष के मुताबिक आरोपी और दोषी दोस्त थे। महबूब ने बल्लू से कुछ महीने पहले 5000 रुपये लिए थे मगर वह वापस नहीं कर रहा था। 6 मई 2021 की शाम बल्लू छज्जू गेट के पास दोस्तों के साथ था और उसने एकबार फिर पैसों की मांग की। महबूब ने बल्लू से कहा कि वह उसके साथ बाबरपुर स्थित उसके घर चले, जहां वह उसे पैसे लौटा देगा। बल्लू अपने दोस्त गौरव उर्फ ​​आशू के साथ उसके घर गया, जो इस मामले का एकमात्र चश्मदीद गवाह बना।

चाकू से किए थे ताबड़तोड़ वार

सरकारी वकील ने बताया कि घर पहुंचने पर महबूब ऊपर गया और अपने पिता के साथ नीचे आया। महबूब ने चाकू निकाला और बल्लू पर वार करने लगा। इस बीच, महफूज ने बल्लू को पकड़ लिया और अपने बेटे को उसे जान से मारने के लिए उकसाया।

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सबूतों और गवाही से ये साबित हुआ

एडिशनल सेशन जज चारू अग्रवाल ने माना कि सबूतों और गवाही से ये साबित होता है कि महबूब ने हत्या को अंजाम दिया तो महफूज ने इसमें उसकी मदद की। कोर्ट ने फैसला सुनाया कि सबूतों से यह साफ है कि मृतक की मौत असामान्य और हिंसक थी, और अभियोजन पक्ष हत्या के अपराध को साबित करने में सफल रहा। अभियोजन पक्ष ये भी साबित करने में सफल रहा है कि मौत प्राकृतिक नहीं थी बल्कि हिंसक थी। कोर्ट ने दोनों आरोपियों, महबूब और महफूज को आईपीसी की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया है।

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