एप से ढूंढते थे पेंडिंग EMI वाली गाड़ियां, फिर खुद को बैंक एजेंट बता करते थे ठगी; दिल्ली पुलिस ने दबोचा
पीड़ित की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए शकरपुर पुलिस ने जाल बिछाया और चारों आरोपियों को धर दबोचा। पुलिस ने इनके पास से पांच मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल हुई एक सफेद कार बरामद की है।

दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे गैंग का भंडाफोड़ किया है जो एक मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए सड़कों पर ऐसी गाड़ियों की पहचान करता था जिनकी इएमआई पेंडिंग होती थी। गैंग पेंडिंग ईएमआई के नाम पर खुद को बैंक का रिकवरी एजेंट बताकर वाहन मालिकों से ठगी को अंजाम दे रहा था।
पूर्वी दिल्ली के शकरपुर थाना पुलिस ने सड़कों पर अवैध वसूली करने वाले नकली रिकवरी एजेंटों के गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गैंग ने हाल ही में एक व्यक्ति को डरा धमकाकर ऑनलाइन 18,000 रुपये वसूल कर लिए थे।
पुलिस ने जाल बिछाया
पीड़ित की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए शकरपुर पुलिस ने जाल बिछाया और चारों आरोपियों को धर दबोचा। पुलिस ने इनके पास से पांच मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल हुई एक सफेद कार बरामद की है।
आगे की जांच में जुटी पुलिस
गैंग पेंडिंग ईएमआई वाले वाहन मालिकों को गाड़ी जब्त होने का डर दिखाकर जबरन वसूली कर रहा था। वाहन मालिक भी मामले को रफा-दफा करने के नाम पर पैसे ट्रांसफर कर देते थे। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
कैसे करें फर्जी रिकवरी एजेंट की पहचान?
सबसे पहले तो यह जान लीजिए कि रिकवरी एजेंट बैंक द्वारा बकाया ऋण वसूलने के लिए नियुक्त किया जाता है। ईएमआई पेंडिंग होने की स्थिति में सबसे पहले आपको घबराना नहीं है। अगर कोई एजेंट आपसे संपर्क कर डराता धमकाता है तो सबसे पहले उससे पहचान पत्र की मांग करें। अगर वह पहचान पत्र दिखाने से इनकार करें तो उसपर भरोसा न करें।
संदिग्ध पाए जाने पर शिकायत करें
किसी भी फर्जी कॉल और ईमेल पर अपनी व्यक्तिगत और गोपनीय जानकारी शेयर न करें। रिकवरी एजेंट के खिलाफ शिकायत दर्ज करने के लिए बैंक की आधिकारिक हेल्पलाइन या आरबीआई शिकायत पोर्टल का इस्तेमाल करें।
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