दिल्ली पुलिस में होगी अग्निवीरों की एंट्री: 20% कोटा तय, आयु और फिजिकल टेस्ट में मिलेगी बड़ी छूट
चयनित उम्मीदवारों को दो साल के प्रोबेशन पीरियड (परिवीक्षा अवधि) से गुजरना होगा, और एक आरक्षित पैनल (रिजर्व पैनल) एक वर्ष तक वैध रहेगा। ये नियम सरकार को विशिष्ट मामलों में प्रावधानों में छूट देने का अधिकार भी प्रदान करते है।

अग्निपथ योजना के तहत प्रशिक्षित अग्निवीरों के पुनर्वास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने शुक्रवार को उन्हें एक बड़ी खुशखबरी दी और पूर्व-अग्निवीरों को कांस्टेबल (एग्जीक्यूटिव) (पुरुष) के रूप में भर्ती करने की अनुमति दे दी, जिसमें उनके लिए विशेष आरक्षण और छूट का प्रावधान किया गया है।
MHA ने दिल्ली पुलिस (नियुक्ति और भर्ती) नियम, 1980 के नियम 9 में संशोधन करके यह बदलाव लागू किया है। भारत के राजपत्र में प्रकाशित इस अधिसूचना के माध्यम से कांस्टेबल भर्ती के मौजूदा मानदंडों में व्यापक बदलाव किया गया है और पूर्व-अग्निवीरों को औपचारिक रूप से पात्रता के दायरे में लाया गया है। यह नया नियम 27 मार्च, 2026 से प्रभावी हो गया है।
अग्निवीरों की भर्ती के लिए किए गए निम्न प्रावधान
दिल्ली के उपराज्यपाल द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, 'दिल्ली पुलिस (नियुक्ति और भर्ती) (संशोधन) नियम, 2026' के तहत निम्नलिखित प्रावधान किए गए हैं।
20% आरक्षण- कॉन्स्टेबल (पुरुष) की कुल रिक्तियों में से 20 प्रतिशत पद पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित होंगे। सरकार समय-समय पर इस कोटे में बदलाव भी कर सकती है।
आयु सीमा में छूट- सभी पूर्व अग्निवीरों को ऊपरी आयु सीमा में 3 वर्ष की छूट मिलेगी। योजना के पहले बैच के उम्मीदवारों के लिए यह छूट 5 वर्ष की होगी।
शारीरिक परीक्षण से मुक्ति- पूर्व अग्निवीरों को शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) देने से भी छूट प्राप्त होगी।
अतिरिक्त कोटा- अधिसूचना के अनुसार यह आरक्षण पहले से मौजूद SC, ST, OBC, EWS, पूर्व सैनिकों, खेल कोटे और अनुकंपा के आधार पर दी जाने वाली नियुक्तियों से अलग होगा। भूतपूर्व सैनिकों के लिए 10% आरक्षण यथावत जारी रहेगा, जिसमें विशेष कमांडो अनुभव रखने वाले सैनिकों के लिए उप-कोटा भी शामिल है।
चयनित उम्मीदवारों को दो साल के प्रोबेशन पीरियड (परिवीक्षा अवधि) से गुजरना होगा, और एक आरक्षित पैनल (रिजर्व पैनल) एक वर्ष तक वैध रहेगा। ये नियम सरकार को विशिष्ट मामलों में प्रावधानों में छूट देने का अधिकार भी प्रदान करते है।
अराजपत्रित श्रेणी में आता है कांस्टेबल का पद
कांस्टेबल (एग्जीक्यूटिव) (पुरुष) का पद 'ग्रुप C' (अराजपत्रित, गैर-मंत्रालयी) श्रेणी के अंतर्गत आता है, जिसका वेतनमान लेवल-3 (21,700 रुपए से 69,100 रुपए) के अनुसार निर्धारित है।
वर्ष 2024 के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल के कुल पदों की संख्या 42,451 है, जिसमें जरूरत के आधार पर परिवर्तन संभव है।
भर्ती प्रक्रिया- इसके लिए 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष भर्ती के माध्यम से ही संपन्न होगी, जिसकी देखरेख पुलिस आयुक्त द्वारा गठित एक बोर्ड द्वारा की जाएगी।
योग्यता और चयन प्रक्रिया
उम्मीदवारों को निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करना होगा, जिसमें 10+2 की शैक्षिक योग्यता, निर्धारित शारीरिक और चिकित्सा मानक, और एक वैध ड्राइविंग लाइसेंस (सीमित छूट के साथ) का होना शामिल है।
अधिकारियों ने कहा कि इस निर्णय से न केवल दिल्ली पुलिस मजबूत होगी, बल्कि पूर्व-अग्निवीरों के लिए नागरिक रोजगार में एक व्यवस्थित बदलाव भी सुनिश्चित होगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस कदम का उद्देश्य प्रशिक्षित पूर्व-अग्निवीरों को नागरिक पुलिसिंग भूमिकाओं में शामिल करना है, जिससे उनके कौशल और अनुशासन का लाभ उठाया जा सके और साथ ही दिल्ली पुलिस बल को भी मजबूती मिले।




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