Delhi Gymkhana Club approaches HC against Centre decision Lawyer Abhishek Manu Singhvi sought urgent hearing केंद्र के खिलाफ HC पहुंचा दिल्ली जिमखाना क्लब, अभिषेक मनु सिंघवी संभालेंगे मोर्चा; 5 जून डेडलाइन, Delhi Hindi News - Hindustan
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केंद्र के खिलाफ HC पहुंचा दिल्ली जिमखाना क्लब, अभिषेक मनु सिंघवी संभालेंगे मोर्चा; 5 जून डेडलाइन

दिल्ली की प्रतिष्ठित इमारतों में शुमार जिमखाना क्लब के अधिग्रहण को लेकर 22 मई को आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले भूमि एवं विकास कार्यालय (L&DO) ने परिसर खाली कर केंद्र सरकार को सौंपने के निर्देश जारी किए थे।

Mon, 25 May 2026 11:41 AMMohit लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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केंद्र के खिलाफ HC पहुंचा दिल्ली जिमखाना क्लब, अभिषेक मनु सिंघवी संभालेंगे मोर्चा; 5 जून डेडलाइन

दिल्ली के लुटियंस जोन में स्थित जिमखाना क्लब की करीब 27.3 एकड़ जमीन को खाली करने के केंद्र के फैसले को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है। मामले की सुनवाई कल यानी 26 मई को जस्टिस अवनीश झींगन करेंगे। रविवार को क्लब के सदस्यों ने एक मीटिंग की थी जिसमें कोर्ट में याचिका दायर करने के लिए हस्ताक्षर अभियान चलाया गया था।

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी दिल्ली जिमखाना क्लब की ओर से अपनी दलीलें पेश करेंगे। केंद्र ने क्लब के अधिग्रहण के लिए 5 जून 2026 की तारीख तय की है मगर उससे पहले ही कानूनी तौर पर चुनौती पेश की जा रही है।

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22 मई को दिया गया था आदेश

दिल्ली की प्रतिष्ठित इमारतों में शुमार जिमखाना क्लब के अधिग्रहण को लेकर 22 मई को आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले भूमि एवं विकास कार्यालय (L&DO) ने परिसर खाली कर केंद्र सरकार को सौंपने के आदेश जारी किए थे। केंद्र के आदेश के बाद यहां काम करने वाले कर्मचारियों को भी चिंता सता रही है।

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सरकार क्यों कर रही अधिग्रहण?

सफदरजंग रोड पर स्थित 113 साल पुराने जिमखाना क्लब की लीज डीड के खंड 4 का हवाला दिया गया है जो कि 'जनहित' में कब्जा लेने की अनुमति देता है। आपको बता दें कि केंद्र ने जिमखाना क्लब के अधिग्रहण के पीछे रक्षा, सुरक्षा और रणनीतिक कारणों का हवाला दिया है। सरकार का कहना है कि यह अत्यंत संवेदनशील और रणनीतिक क्षेत्र में आता है। क्लब की जमीन रणनीतिक रूप से अहम होने के वजह से जमीन का इस्तेमाल रक्षा ढांचे और सार्वजनिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए किया जाएगा। आपको बता दें कि यह क्लब लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री आवास के पास ही है। केंद्र के इस फैसले के खिलाफ सदस्य कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं।

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क्या है इस क्लब का इतिहास?

तीन जुलाई 1913 को 'इम्पीरियल दिल्ली जिमखाना क्लब' के रूप में स्थापित इस संस्था की शुरुआत ब्रिटिश शासन के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और सैन्य अधिकारियों के लिए की गई थी। साल 1947 में देश की आजादी के बाद इसके नाम से 'इम्पीरियल' शब्द हटा दिया गया था, जबकि मौजूदा इमारतों का निर्माण 1930 के दशक में हुआ था। यह क्लब इतिहास और विरासत से गहराई से जुड़ा हुआ है। इसमें स्विमिंग पूल, टेनिस कोर्ट, बिलियर्ड्स टेबल और लकड़ी के फर्श वाला भव्य बॉलरूम भी है। यहां की सदस्यता पाने के लिए भी लोगों का लंबा इंतजार करना पड़ता है। फिलहाल दिल्ली जिमखाना क्लब भविष्य में रहेगा या नहीं इसकी तस्वीर जल्द साफ हो जाएगी।

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