Three reasons Centre asked Delhi Gymkhana Club to vacate premises दिल्ली जिमखाना क्लब को क्यों खाली कराना चाहती है केंद्र सरकार, तीन बड़ी वजहों पर नजर, India News in Hindi - Hindustan
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दिल्ली जिमखाना क्लब को क्यों खाली कराना चाहती है केंद्र सरकार, तीन बड़ी वजहों पर नजर

केंद्र सरकार ने लुटियंस दिल्ली स्थित दिल्ली जिमखाना क्लब को पांच जून तक परिसर सौंपने को कहा है। सरकार ने कहा है कि 27.3 एकड़ का यह भूखंड रक्षा बुनियादी ढांचे को मजबूत और सुरक्षित करने के लिए जरूरी है। क्या हैं वो तीन वजहें, जिस वजह से सरकार ने यह आदेश जारी किया...

Sun, 24 May 2026 06:07 PMDeepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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दिल्ली जिमखाना क्लब को क्यों खाली कराना चाहती है केंद्र सरकार, तीन बड़ी वजहों पर नजर

केंद्र सरकार ने लुटियंस दिल्ली स्थित दिल्ली जिमखाना क्लब को पांच जून तक परिसर सौंपने को कहा है। सरकार ने कहा है कि 27.3 एकड़ का यह भूखंड रक्षा बुनियादी ढांचे को मजबूत और सुरक्षित करने के लिए जरूरी है। इस कदम से लगभग एक सदी तक दिल्ली के प्रभावशाली और अभिजात वर्ग के मेल-जोल का केंद्र रहे इस क्लब के बंद होने का खतरा मंडराने लगा। दिल्ली के लुटियंस रोड के बीचोंबीच 2, सफदरजंग रोड पर स्थित यह विशाल परिसर, इंपीरियल दिल्ली जिमखाना क्लब लिमिटेड (अब दिल्ली जिमखाना क्लब लिमिटेड के नाम से जाना जाता है) को सामाजिक और खेल क्लब के संचालन के लिए पट्टे पर दिया गया था। आइए जानते हैं वह तीन वजहें, जिस वजह से सरकार ने यह आदेश जारी किया...

1. सबसे बड़ी वजह सुरक्षा
लुटियंस दिल्ली के मध्य में स्थित विशाल दिल्ली जिमखाना क्लब लोक कल्याण मार्ग पर प्रधानमंत्री आवास के पास है। यह सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील है। यहां पर कई महत्वपूर्ण केंद्रीय सरकारी और रक्षा संस्थान भी हैं।

2. सार्वजनिक हित
एलएंडडीओ ने 22 मई के अपने नोटिस में कहाकि 2, सफदरजंग रोड पर स्थित परिसर मूल रूप से इम्पीरियल दिल्ली जिमखाना क्लब लिमिटेड (अब दिल्ली जिमखाना क्लब लिमिटेड) को सामाजिक व खेल क्लब के संचालन के लिए पट्टे पर दिया गया था, और अब आसपास की सरकारी भूमि से जुड़ी व्यापक जनहित परियोजनाओं के लिए इसकी जरूरत है।

3. केंद्र की जमीन
केंद्र सरकार का आवास और शहरी मामला मंत्रालय लुटियंस दिल्ली में विभिन्न संस्थानों को पट्टे पर आवंटित अधिकांश जमीन का मालिक है। आदेश में कहा गया कि भारत की राष्ट्रपति, पट्टा विलेख के खंड चार के तहत प्राप्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए भूमि एवं विकास कार्यालय के माध्यम से उक्त परिसर का पट्टा तत्काल प्रभाव से समाप्त करती हैं। इस पर पुन: कब्जा लेने का आदेश देती हैं।

क्या है इसका इतिहास
ब्रिटिश काल में स्थापित इस क्लब ने 1913 में इंपीरियल दिल्ली जिमखाना क्लब के नाम से इस स्थल से संचालन शुरू किया था। भारत की आजादी के बाद इसका नाम बदलकर दिल्ली जिमखाना क्लब कर दिया गया और मौजूदा संरचनाओं का निर्माण 1930 के दशक में किया गया था। वहीं, केंद्र सरकार द्वारा दिल्ली के प्रतिष्ठित जिमखाना क्लब को पांच जून तक परिसर खाली करने का निर्देश दिए जाने के बाद क्लब के कर्मचारियों में चिंता और अनिश्चितता का माहौल छा गया है। कई कर्मचारी राजधानी के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक में दशकों तक सेवा देने के बाद अपनी आजीविका खोने से डर रहे हैं।

क्लब ने क्या कहा
क्लब ने अपने सदस्यों को भेजे गए एक आधिकारिक संदेश में कहाकि अचानक हुए घटनाक्रम के मद्देनजर, जिमखाना क्लब ने आज आपातकालीन आधार पर बैठक की और विस्तृत विचार-विमर्श के बाद क्लब के सदस्यों तथा कर्मचारियों के हित में कई मुद्दों पर स्पष्टीकरण मांगने के लिए ‘एल एंड डी ओ’ को तत्काल जवाब दाखिल करने का निर्णय लिया। इसने यह भी कहाकि उसने आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के अधिकारियों से तत्काल मुलाकात का समय मांगा है।

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क्लब ने यह भी कहा कि उसकी तत्काल प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि क्लब का संचालन बिना किसी बाधा के जारी रहे, और सरकार से एक बार जवाब मिल जाने पर आगे के घटनाक्रम के बारे में जानकारी साझा की जाएगी।