दिल्ली में श्रमिकों के लिए ‘डिजिटल कवच’, स्मार्ट कार्ड और सेस पोर्टल की तैयारी; मिलेंगे ये फायदे
दिल्ली सरकार इसके साथ ही एक सेस पोर्टल तैयार करेगी जिसके जरिए बिल्डर्स और कंस्ट्रक्शन फर्म से हासिल सेस कलेक्शन को cबेहतर बनाया जाएगा। इस फंड का इस्तेमाल कंस्ट्रक्शन वर्कर्स के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं चलाने के लिए किया जाता है।

दिल्ली सरकार कंस्ट्रक्शन वर्कर्स का रजिस्ट्रेशन करेगी और साथ ही सेस पोर्टल भी शुरू करने की तैयारी में है। इसके लिए सरकार कंस्ट्रक्शन वर्कर्स को स्मार्ट कार्ड मुहैया करवाएगी जिसपर चिप भी लगी होगी। सरकार का मानना है कि इसके जरिए कल्याणकारी योजनाओं का फायदा मिलने में आसानी होगी।
दिल्ली सरकार इसके साथ ही एक सेस पोर्टल तैयार करेगी जिसके जरिए बिल्डर्स और कंस्ट्रक्शन फर्म से हासिल सेस कलेक्शन को बेहतर बनाया जाएगा। इस फंड का इस्तेमाल कंस्ट्रक्शन वर्कर्स के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं चलाने के लिए किया जाता है।
दिल्ली सरकार के एक अधिकारी के मुताबिक, इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सेस मैनेजमेंट पोर्टल, कार्मिक सेवा केंद्र और लेबर चौकों को एक विस्तृत नेटवर्क शामिल होगा। इसके साथ ही मजदूरों को स्मार्ड कार्ड भी दिए जाएंगे। इन कार्ड को साल में एकबार रिन्यू करवाना होगा और इनमें मौजूद डेटा इंक्रिप्टेड होगा। इन कार्ड को रजिस्टर्ड कंस्ट्रक्शन वर्कर्स को ही दिया जाएगा। इससे पारदर्शिता आएगी और डीबीओसीडब्ल्यूबी की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र वर्कर को ही मिलेगा।
नियुक्त करने की प्रक्रिया भी शुरू
अधिकारी ने आगे बताया कि 'दिल्ली भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड (डीबीओसीडब्ल्यूबी) ने एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म को डिजाइन करने, लागू करने और संचालित करने के लिए एक एजेंसी को नियुक्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।'
बिल्डर और निर्माण कंपनियां अपने काम की कुल लागत का 1% हिस्सा बोर्ड को 'सेस' (टैक्स) के रूप में देती हैं। इस पैसे का इस्तेमाल रजिस्टर्ड मजदूरों के लिए कल्याणकारी योजनाएं चलाने में किया जाता है।
लगभग 2.62 लाख एक्टिव मजदूर
बोर्ड के रिकॉर्ड के अनुसार, दिल्ली में अभी लगभग 2.62 लाख एक्टिव मजदूर हैं, जबकि करीब 19 लाख लोगों ने रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन किया है। नया सिस्टम गलत आवेदकों और एक से ज्यादा बार होने वाले रजिस्ट्रेशन को रोकेगा। इससे भ्रष्टाचार कम होगा और जवाबदेही बढ़ेगी। अधिकारियों के अनुसार, इस योजना को करीब 30 लाख लोगों तक पहुंचाने का लक्ष्य है, जिसमें प्रवासी और बिना रजिस्ट्रेशन वाले मजदूरों पर खास ध्यान दिया जाएगा।
ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा दी जाएगी
इस योजना को चरणों में लागू किया जाएगा। साथ ही, लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाए जाएंगे। बिल्डरों के लिए ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा दी जाएगी ताकि वे आसानी से फंड जमा कर सकें। इससे बोर्ड के पास ज्यादा फंड जमा होगा, जिससे मजदूरों को स्वास्थ्य सहायता, पेंशन, बच्चों की पढ़ाई और बीमा जैसी बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। इस सिस्टम को 'ई-श्रम' जैसे राष्ट्रीय पोर्टल से जोड़ा जाएगा ताकि सरकारी विभागों के बीच जानकारी साझा की जा सके।
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