दिल्ली सरकार का बड़ा कदम, बुजुर्गों की देखभाल के लिए शुरू की ये खास सेवा
दिल्ली सरकार ने बुजुर्गों की स्वास्थ्य देखभाल की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए जेरियाट्रिक एंबुलेंस शुरू कर रही है। यह एम्बुलेंस सेवा विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों की शारीरिक जरूरतों को ध्यान में रखकर डिज़ाइन की गई है, ताकि इमरजेंसी में उन्हें सुरक्षित और आरामदायक परिवहन मिल सके।

दिल्ली सरकार ने बुजुर्गों की स्वास्थ्य देखभाल की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए जेरियाट्रिक एंबुलेंस शुरू कर रही है। यह एम्बुलेंस सेवा विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों की शारीरिक जरूरतों को ध्यान में रखकर डिज़ाइन की गई है, ताकि इमरजेंसी में उन्हें सुरक्षित और आरामदायक परिवहन मिल सके।
इस विशेष सेवा के तहत, एम्बुलेंस में न केवल अत्याधुनिक जीवन रक्षक उपकरण मौजूद होंगे, बल्कि तैनात मेडिकल स्टाफ भी बुजुर्गों की देखभाल के लिए विशेष रूप से ट्रेंड होगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अस्पताल पहुंचने तक मरीज को शुरुआती इलाज के साथ संवेदनशील देखभाल भी मिले।
इससे पहले दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने 15 अप्रैल को कहा था कि दिल्ली सरकार वरिष्ठ नागरिकों के लिए आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए जल्द ही 20 आधुनिक 'जेरियाट्रिक एम्बुलेंस' शुरू करेगी। मंत्री ने कहा कि बुजुर्ग मरीजों के लिए विशेष रूप से डिजाइन की गई नई एम्बुलेंस आधुनिक मेडिकल सुविधाओं से लैस होंगी।
1000 एंबुलेंस करने का टारगेट
एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, अभी सेंट्रलाइज्ड एक्सीडेंट एंड ट्रॉमा सर्विसेज़ (कैट्स) अपने केंद्रीयकृत नियंत्रण कक्ष (टोल-फ्री नंबर 102) के जरिए राजधानी में 331 एम्बुलेंस का संचालन कर रही है, जो 112 आपातकालीन प्रतिक्रिया समर्थन प्रणाली (ईआरएसएस) के साथ भी जुड़ी हुई हैं। इसमें कहा गया है कि 20 'जेरियाट्रिक' एम्बुलेंस के जुड़ने के बाद दिल्ली में कुल एम्बुलेंस की संख्या बढ़कर 351 हो जाएगी, जिससे राजधानी में आपातकालीन सेवाएं और ज्यादा मजबूत होगी।
बयान के अनुसार, दिल्ली सरकार चरणबद्ध तरीके से अपने एम्बुलेंस बेड़े को 1000 तक बढ़ाने की योजना बना रही है, ताकि दिल्ली के लिए एक मजबूत और भविष्य की जरूरतों के हिसाब से आपातकालीन नेटवर्क तैयार किया जा सके।
भाषा से इनपुट




साइन इन