खुशखबरी! किताबों के इंतजार में नहीं बीतेगी छुट्टियां, दिल्ली सरकार ने कोर्ट को दिया भरोसा
एनजीओ सोशल ज्यूरिस्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट में यह याचिका दायर की हुई है। याचिका में शैक्षिक सामग्री उपलब्ध कराने के संबंध में कोर्ट के 2024 के आदेश की जानबूझकर अवहेलना करने की बात कही गई है।

दिल्ली सरकार ने गुरुवार को दिल्ली हाई कोर्ट में कहा है कि सभी सरकारी स्कूल में बच्चों को गर्मियों की छुट्टियां शुरू होने से पहले किताबें दे दी जाएंगी। सरकार ने यह बयान एक एनजीओ की उस याचिका की सुनवाई के दौरान दिया जिसमें किताबें बांटने को लेकर हो रही देरी के संबंध में सचिव (शिक्षा) के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू करने की मांग की गई थी।
एनजीओ सोशल ज्यूरिस्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट में यह याचिका दायर की हुई है। याचिका में शैक्षिक सामग्री उपलब्ध कराने के संबंध में कोर्ट के 2024 के आदेश की जानबूझकर अवहेलना करने की बात कही गई है। जस्टिस सचिन दत्ता ने एनजीओ की याचिका पर सुनवाई की। इस दौरान जस्टिस दत्ता ने अवमानना याचिका पर संबंधित अधिकारी को नोटिस जारी किया है और दिल्ली सरकार की ओर से पेश अधिकारी के आश्वासन को रिकॉर्ड में लिया है।
1 अप्रैल को शुरू हो चुका नया एकेडमिक सेशन
एनजीओ की ओर से पेश वकील अशोक अग्रवाल ने सुनवाई के दौरान बताया कि दिल्ली में लाखों बच्चों के पास किताबें नहीं हैं क्योंकि सरकार उन्हें 1 अप्रैल को शुरू हुए मौजूदा एकेडमिक सेशन होने से पहले स्टडी मैटेरियल मुहैया करवाने में विफल रही है जिससे उनको मिले 'शिक्षा के अधिकार' का उल्लंघन हो रहा है। वहीं दिल्ली सरकार के वकील ने बताया कि टेंडर जारी किए जा चुके हैं अबतक 10 लाख बच्चों को किताबें बांटी जा चुकी हैं और बाकी बचे करीब 8 लाख बच्चों को अगले कुछ दिनों में किताबें दे दी जाएंगी।
कोर्ट ने मांगी स्टेट्स रिपोर्ट
कोर्ट ने अधिकारियों से स्टेट्स रिपोर्ट मांगी है और मामले की अगली सुनवाई सितंबर में तय करते हुए कोर्टन ने कहा कि ‘दिल्ली सरकार मौजूदा एकेडमिक सेशन के लिए किताबें बांटने के लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर चुकी है और किताबों का डिस्ट्रीब्यूशन पहले भी कर चुकी है। दिल्ली सरकार के अधिकारी कह चुके हैं वे गर्मियों की छुट्टियों से पहले क्लास 1 से 8 तक के बाकी बच्चों को भी किताबें मुहैया करवा देंगे।’
2024 के आदेश का दिया हवाल
आपको बता दें कि एनजीओ ने अपनी याचिका में कहा है कि हाई कोर्ट की डिविजन बेंच ने 4 जुलाई 2024 को आदेश दिया था कि सरकारी स्कूल के सभी बच्चों को तय समय के मुताबिक किताबें, नोटबुक, लेखन सामग्री और फर्नीचर मुहैया करवाया जाना चाहिए। ऐसे में संबंधित अथॉरिटी ऐसा करने के लिए बाध्य हैं। सचिव (शिक्षा) ने इस संबंध में एक औपचारिक सूचना भी जारी की थी जिसमें कहा था कि पूरी टेंडर प्रक्रिया और सप्लाई प्रोसेस तय टाइमलाइन के तहत पूरा होना चाहिए जिससे बच्चों को मार्च के आखिरी हफ्ते तक या फिर एकेडमिक सेशन शुरू (1 अप्रैल) होने पहले हर हाल में किताबें मुहैया करवाई जा सके।
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