‘बीजेपी ने फिर से’... AAP में सबसे बड़ी टूट पर क्या बोले अरविंद केजरीवाल?, राघव समेत 7 सांसदों ने एक साथ छोड़ी पार्टी
पार्टी में हुई इस टूट पर आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी प्रतिक्रिया दी है। केजरीवाल ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर कहा है कि बीजेपी ने फिर से पंजाबियों के साथ धक्का किया है।

आम आदमी पार्टी (आप) के 10 में सात राज्यसभा सदस्य बीजेपी में शामिल होंगे। शुक्रवार को आप नेता राघव चड्डा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह जानकारी दी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में चड्ढा के साथ आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संदीप पाठक और अशोक मित्तल भी मौजूद थे।
पार्टी में हुई इस टूट पर आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी प्रतिक्रिया दी है। केजरीवाल ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर कहा है कि ‘बीजेपी ने फिर से पंजाबियों के साथ धक्का किया है।’
केजरीवाल ने इसके अलावा और कोई भी प्रतिक्रिया नहीं दी है। एक लाइन में ही उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी बात रखी है। अब देखना होगा कि वे इसपर खुलकर कब प्रतिक्रिया देते हैं। आपको बता दें कि इस बात के संकेत काफी समय से मिल रहे थे कि राघव पार्टी से अलग हो सकते हैं मगर वे 6 अन्य पार्टी सांसद के साथ ऐसा करेंगे इसका अंदाजा शायद ही किसी को था।
कौन-कौन पार्टी से हुआ अलग?
राघव चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि ‘राज्यसभा में आप के 10 सांसद हैं, जिनमें से दो-तिहाई से ज्यादा इस मामले में हमारे साथ हैं। उन्होंने हस्ताक्षर किए हैं और आज सुबह हमने हस्ताक्षरित पत्र और दस्तावेज राज्यसभा के सभापति को सौंप दिए हैं। उनमें से 3 आपके सामने यहां मौजूद हैं। हमारे अलावा ( खुद राघव, अशोक कुमार मित्तल और संदीप पाठक), हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, विक्रम साहनी और स्वाति मालीवाल भी हैं। आप के लगभग दो-तिहाई राज्यसभा सदस्यों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है और वे एक गुट के रूप में भाजपा में शामिल होंगे। हमने इस संबंध में आज राज्यसभा सभापति सी पी राधाकृष्णन को एक पत्र सौंपा है... सभी आवश्यक दस्तावेज जमा कर रहे हैं।’
आप के राज्यसभा मे कितने सदस्य रह जाएंगे?
सात राज्यसभा सदस्यों के अलग होने के बाद आम आदमी पार्टी के अब सिर्फ तीन ही सांसद रह जाएंगे। जिनमें संजय सिंह, नारायण दास गुप्ता और संत बलबीर सिंह हैं।
केजरीवाल के लिए बड़ी चुनौती?
अरविंद केजरीवाल के लिए सात सदस्यों का अलग होना एक बड़ी चुनौती बन सकता है। पार्टी में यह टूट ऐसे वक्त में हुई है जब पार्टी गुजरात में खड़े होकर बीजेपी को चुनौती दे रही है। वहीं पार्टी पंजाब में सत्ता बचाने की जद्दोजहद में है।
संजय सिंह क्या बोले?
आप राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा है कि 'पार्टी ने राघव चड्ढा को विधायक बनाया और सांसद भी। पार्टी ने उन्हें क्या नहीं दिया? पंजाब के लोगों ने उन्हें इतना प्यार दिया और राज्यसभा भेजा, फिर भी अब वह भाजपा की गोद में जा बैठे हैं। जनता के प्यार और आशीर्वाद से संदीप पाठक को राज्यसभा पहुँचने का अवसर दिया गया और पार्टी द्वारा उन्हें बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी गईं।'
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