दिल्ली में फिर बदलेगा मौसम, 2 दिन और बारिश होगी; आ रहा नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस
राजधानी दिल्ली के कई हिस्सों में मंगलवार को हल्की बारिश दर्ज की गई। राजधानी में दोपहर बाद घने बादल और बिजली कड़कने के साथ मौसम बदल गया। दिन में ही लोग गाड़ियों की लाइट जलाकर चलाते हुए देखे गए। मौसम विभाग का कहना है कि 2 अप्रैल को आने वाले पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में फिर से बदलाव संभव है।

राजधानी के कई हिस्सों में मंगलवार को हल्की बारिश दर्ज की गई। राजधानी में दोपहर बाद घने बादल और बिजली कड़कने के साथ मौसम बदल गया। दिन में ही लोग गाड़ियों की लाइट जलाकर चलाते हुए देखे गए। मौसम विभाग का कहना है कि 2 अप्रैल को आने वाले पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में फिर से बदलाव संभव है।
मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए यलो अलर्ट जारी किया था लेकिन मौसम में बदलाव को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया। हालांकि, बाद में फिर यलो अलर्ट जारी किया। सोमवार की अपेक्षा मंगलवार को अधिकतम तापमान में कमी दर्ज की गई। मंगलवार का तापमान भी सामान्य से अधिक दर्ज किया गया।
राजधानी के हिस्सों में एक मिमी से चार मिमी तक बारिश दर्ज की गई। बारिश होने के कारण तापमान में कोई विशेष कमी नहीं दर्ज की गई। कई स्थानों पर तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई। राजधानी के कई इलाकों में उत्तर पश्चिमी दिशा से 20 से 30 किलो मीटर प्रति घंटा की रफ्तार से सतही हवा चली। कई स्थानों पर हवा की गति 41 किलो मीटर प्रति घंटा तक दर्ज की गई।
मौसम विभाग का कहना है कि 2 अप्रैल को आने वाले पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में बदलाव संभव है। मौसम विभाग ने शुक्रवार और शनिवार को भी गरज चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना जताई है।
सामान्य से अधिक तापमान
मंगलवार को सफदरजंग में अधिकतम तापमान 33.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1.1 डिग्री अधिक था जबकि न्यूनतम तापमान 19.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और यह सामान्य से 1.3 डिग्री सेल्सियस अधिक था। पालम और लोधी रोड में भी तापमान 33 डिग्री के आसपास दर्ज हुआ। जबकि अधिकांश जगहों पर न्यूनतम तापमान 18 से 19.6 डिग्री के बीच रहा। मंगलवार को सफदरजंग में 4.8 मिमी, पूसा में 8.5 मिमी, जनकपुरी में 4.5 मिमी,पीतमपुरा में 3 मिमी बारिश दर्ज की गई।
'मीडियम' कैटेगरी में रहा AQI
सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के अनुसार, हवा की क्वालिटी 'मीडियम' कैटेगरी में रही, जिसका AQI 171 था। अनुमान लगाया है कि 1 अप्रैल से 3 अप्रैल तक हवा की क्वालिटी 'मीडियम' कैटेगरी में ही रहने की संभावना है। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर के एक विश्लेषण के अनुसार, 30 मार्च तक औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 181 रहा, जो 2022 के बाद से सबसे ज्यादा है। 2022 में यह 217 था।
अप्रैल-जून के बीच राहत के आसार
इस बार देश के अधिकांश हिस्सों में अप्रैल-जून के बीच भीषण गर्मी से राहत मिलने के आसार हैं। देश के पूर्वी हिस्से और पूर्वोत्तर के कुछ इलाकों को छोड़कर शेष भारत में अधिकतम तापमान सामान्य या सामान्य से नीचे रहेगा। मौसम विभाग ने मंगलवार को आगामी तीन महीने के तापमान का पूर्वानुमान जारी किया।




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