आपके इलाके में क्या बदलेगा? पाइपलाइन से नालों तक, दिल्ली बजट का ‘प्लान वाटर’ समझिए
Delhi Budget 2026: ‘प्लान वाटर’ के तहत पाइपलाइन विस्तार, वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट और नालों के सुधार पर खास जोर दिया गया है, ताकि लोगों को बेहतर जल आपूर्ति और जलभराव से राहत मिल सके।

Delhi Budget 2026: राजधानी में पानी, सीवर और ड्रेनेज से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए सरकार ने बजट 2026-27 में बड़ा प्लान तैयार किया है। ‘प्लान वाटर’ के तहत पाइपलाइन विस्तार, वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट और नालों के सुधार पर खास जोर दिया गया है, ताकि लोगों को बेहतर जल आपूर्ति और जलभराव से राहत मिल सके।
इतने KM पाइपलाइन बिछाई जाएंगी
सरकार ने जल और सीवरेज इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के लिए 9000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसके तहत 12.7 किलोमीटर नई ट्रांसमिशन लाइन और 172 किलोमीटर वितरण पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इसके साथ ही जल आपूर्ति क्षमता बढ़ाकर 10 MGD करने और आगे 36 MGD अतिरिक्त पानी उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
इतनी विधानसभाओं को होगा फायदा
सरकार की योजना ‘हर घर नल से जल’ को आगे बढ़ाने और नॉन-रेवेन्यू वाटर को 45% से घटाकर 15% तक लाने की है। वहीं, चंद्रावल वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट और पाइपलाइन विस्तार के लिए 475 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे करीब 9 विधानसभा क्षेत्रों को फायदा मिलेगा।
प्रहलादपुर और जाफराबाद वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण भी इस योजना का हिस्सा है, जिससे उत्तरी दिल्ली के 10 विधानसभा क्षेत्रों में पानी की सप्लाई बेहतर होगी। इस प्रोजेक्ट के लिए एशियाई विकास बैंक (ADB) से वित्तपोषण प्रस्तावित है।
MB रोड पर 387 करोड़ के ड्रेन निर्माण की मंजूरी
ड्रेनेज सुधार के तहत नए नालों का निर्माण और पुराने नालों का पुनर्विकास किया जाएगा। तैमूर नगर, कैलाश नगर, किराड़ी और बवाना जैसे इलाकों में नालों को अपग्रेड किया जाएगा। इसके अलावा जलभराव से राहत के लिए एमबी रोड पर 387 करोड़ रुपये की लागत से ड्रेन निर्माण को मंजूरी दी गई है।
सीवरेज सिस्टम को मजबूत करने के लिए एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) की क्षमता 707 MGD से बढ़ाकर 814 MGD कर दी गई है, जिसे आगे 1500 MGD तक ले जाने का लक्ष्य है।
बाढ़-सिचाई विभाग को मिले 610 करोड़
सरकार का दावा है कि इस ‘प्लान वाटर’ के जरिए दिल्ली में पानी और सीवर की पुरानी समस्याओं को दूर कर नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं दी जाएंगी। इसके अलावा किसानों के मुद्दों की बात करें तो सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के लिए 610 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।




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