Delhi Budget 2026: 1.03 लाख करोड़ का बजट, जानिए कहां से आएगा पैसा और कहां होगा खर्च?
Delhi Budget 2026: समझिए सरकार कहां-कितने रुपये खर्च करने वाली है। इसके साथ ही जानिए इतनी बड़ी रकम की व्यवस्था कैसे की जाएगी, तकनीति शब्द में कहें तो इसका वित्तपोषण कैसे होगा।

Delhi Budget 2026: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बतौर वित्त मंत्री मंगलवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1,03,700 करोड़ रुपये बजट पेश किया। इसे 'ग्रीन बजट' कहा गया है। यह 2025-26 के 1,00,000 करोड़ के बजट अनुमान से 3.700 फीसदी अधिक है। अब समझिए सरकार कहां-कितने रुपये खर्च करने वाली है। इसके साथ ही जानिए इतनी बड़ी रकम की व्यवस्था कैसे की जाएगी, तकनीति शब्द में कहें तो इसका वित्तपोषण कैसे होगा।
पहली बार पेश हुआ ग्रीन बजट
रेखा सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवहन एवं रहन-सहन पर सबसे ज्यादा खर्च करने का ऐलान किया है। दिल्ली सरकार ने पहली बार अपने विकास की यात्रा में ग्रीन बजट पेश किया है। इस बजट की हर नीति में पर्यावरण, हर योजना और भविष्य की पीढ़ियों की चिंता समाहित है। इसलिए पूरे बजट का 21 फीसदी हिस्सा ग्रीन बजट के लिए आवंटित है।
किस क्षेत्र में कितने रुपये खर्च करेगी सरकार
हर क्षेत्र के आंकड़े कुछ इस प्रकार हैं-
शिक्षा (क्षेत्र)- 19,326(कुल खर्च)- 18.64 (फीसदी)
चिकित्सा एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य- 13,034- 12.57
परिवहन, सड़कें एवं पुल- 12,613-12.16
आवास एवं शहरी विकास- 11,572- 11.16
सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याण- 10,537- 10.16
जल आपूर्ति एवं स्वच्छता- 9,000- 8.68
सार्वजनिक ऋण- 4,254- 4.10
ऊर्जा- 3,938- 3.80
ब्याज भुगतान- 2,734- 2.64
कृषि, ग्रामीण विकास और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण- 1,777- 1.71
अन्य- 14,915- 14.38

जानिए सरकार की आमदनी कहां से होती है
अब आपको बताते हैं कि सरकार की आमदनी कहां से होती है। राज्य या सरकार की आय दो तरह से होती है। पहला, राजस्व के जरिए होने वाली कमाई। दूसरा, पूंजी के जरिए मिलने वाला पैसा।
राजस्व प्राप्ति से आएंगे करीब 82000 करोड़ रुपये
अब अगर दिल्ली की बात करें तो बजट में बताया गया है कि स्वयं के राजस्व कर से 74,000 करोड़ रुपये प्राप्त होने वाले हैं। इसमें जीएसटी, वैट, स्टाम्प और पंजीकरण शुल्क, राज्य आबकारी शुल्क, वाहनों पर लगने वाला टैक्स शामिल है। स्वयं के गैर कर राजस्व, केंद्र प्रायोजित योजना जैसे अन्य हिस्सों से करीब 8000 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे। इस तरह राजस्व प्राप्ति से करीब 82000 करोड़ रुपये आएंगे।

पूंजीगत कमाई से आएंगे करीब 20067 करोड़
कमाई का दूसरा हिस्सा पूंजीगत आय से आता है। इसमें आरबीआई के माध्यम से बाजार से लिए गए 16,700 करोड़ रुपये है। SASCI योजना के तहत भारत सरकार से लिए गए 2500 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण, बाह्य सहायता प्राप्त योजनाओं के लिए 380 करोड़ रुपये की राशि, ऋण और अग्रिमों की वसूली से 487.93 करोड़ रुपये मिलने वाले हैं। इस तरह पूंजीगत प्राप्ति से करीब 20,067 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे। बाकी के बचे हुए 1640 करोड़ रुपये प्रांरभिक शेष से आएंगे।





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