सालों से गैस नहीं ले रहे, अब सिलेंडर लेने पहुंच रहे; रांची में अभी भी जारी LPG किल्लत
झारखंड की राजधानी रांची में घरेलू गैस की किल्लत के बीच अब पैनिक बुकिंग ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। उपभोक्ता जरूरत से पहले ही बार-बार बुकिंग कर रहे हैं, जिससे गैस एजेंसियों पर असामान्य दबाव बन गया है।

झारखंड की राजधानी रांची में घरेलू गैस की किल्लत के बीच अब पैनिक बुकिंग ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। उपभोक्ता जरूरत से पहले ही बार-बार बुकिंग कर रहे हैं, जिससे गैस एजेंसियों पर असामान्य दबाव बन गया है। हालात यह है कि अधिकांश एजेंसियों में तीन हजार से अधिक सिलेंडरों का बैकलॉग हो चुका है और सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है।
डिलीवरी व्यवस्था चरमराई
गैस एजेंसियों के कार्यालयों और गोदामों में रविवार को भी भीड़ देखी गई। उपभोक्ताओं को सिलेंडर लेने के लिए 2 से 3 घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। लंबी कतारों के कारण होम डिलीवरी व्यवस्था भी चरमरा गई है और कई इलाकों में गाड़ियां देर से पहुंच रही हैं। एजेंसियों का कहना है कि लगातार कॉल और बार-बार बुकिंग के प्रयास से सिस्टम पर भी दबाव बढ़ गया है।
सालों से गैस नहीं ले रहे, अब…
खासकर इंडेन के उपभोक्ताओं को बुकिंग में अधिक परेशानी हो रही है, जिससे लोग सीधे कार्यालय पहुंच रहे हैं और भीड़ बढ़ रही है। स्थिति को और जटिल बना रहे हैं वे उपभोक्ता, जो वर्षों से गैस नहीं ले रहे थे और अब अचानक सिलेंडर लेने पहुंच रहे हैं। ऐसे कनेक्शन इनऑपरेटिव हो चुके हैं, जिन्हें दोबारा चालू कराने की प्रक्रिया लंबी है, लेकिन उपभोक्ता इसे समझने को तैयार नहीं हैं। एजेंसियों ने अपील की है कि उपभोक्ता जरूरत के अनुसार ही बुकिंग करें, ताकि आपूर्ति व्यवस्था को सामान्य किया जा सके।

कॉमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति कल से संभव
राज्य में अस्पताल और शिक्षण संस्थानों के बाद अब उद्योगों को भी वाणिज्यिक सिलेंडर की आपूर्ति शुरू कर दी है। तेल कंपनी के अधिकारी के अनुसार शनिवार को आदित्यपुर के कई उद्योगों को वाणिज्यिक सिलेंडर की आपूर्ति की गई है। वहीं, होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को भी मंगलवार से आपूर्ति शुरू की जा सकती है।
हालांकि, उनका यह भी कहना है कि शिक्षण संस्थानों और अस्पतालों को छोड़कर बाकी सभी को फिलहाल 20 फीसदी ही आवंटन किया जाएगा। इधर, मंगलवार को रांची में तेल कंपनियों के अधिकारियों की बैठक बुलाई गई है। जिसमें रांची में कॉमर्शियल गैस लेने वाले किस श्रेणी के उपभोक्ताओं को और कितनी प्रायोरिटी में गैस उपलब्ध कराई जाएगी। इसपर निर्णय लिए जाने की संभावना है।




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