दिल्ली के सीमापुरी में 15 साल की किशोरी की मौत, चाकूबाजी के अगले ही दिन तोड़ा दम
Delhi : दिल्ली के सीमापुरी में शुक्रवार शाम को 24 साल के एक युवक द्वारा चाकू से ताबड़तोड़ वार करने से घायल हुई 15 वर्षीय किशोरी ने शनिवार सुबह जीटीबी अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक का माहौल है।

उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सीमापुरी में शुक्रवार शाम को 24 साल के एक युवक द्वारा चाकू से कई ताबड़तोड़ वार करने से घायल हुई 15 वर्षीय किशोरी ने शनिवार सुबह जीटीबी अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक का माहौल है। किशोरी पर हमले के कुछ देर बाद ही शुक्रवार शाम आरोपी युवक की भी उसके घर में सिलेंडर फटने से मौत हो गई थी।
किशोरी के परिजनों ने बताया कि घटना के वक्त वह पास की एक दुकान से दवा लेने के लिए बाहर निकली थी, तभी उस पर हमला कर दिया गया। लड़की ने हाल ही में अपनी दसवीं क्लास की बोर्ड परीक्षा दी थी और अपने रिजल्ट का इंतजार कर रही थी। लड़की के परिवार में उसकी दादी, मां, पिता और एक छोटी बहन हैं।
‘एक दर्जन से भी ज्यादा बार चाकू से किए गए वार’
द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, मृतका के चाचा ने बताया कि मदद पहुंचने से पहले वह 20 मिनट से भी ज्यादा समय तक खून से लथपथ पड़ी रही। उन्होंने कहा, "जिस गुस्से और बेरहमी से उस पर चाकू से हमला किया गया, उस पर यकीन करना मुश्किल है। उस पर एक दर्जन से भी ज्यादा बार चाकू से वार किए गए थे।"
लड़की की चाची ने कहा, "हमें समझ नहीं आ रहा कि कोई उसे क्यों नुकसान पहुंचाना चाहेगा। हमें अभी तक इस हमले के पीछे का कोई साफ मकसद पता नहीं चला है।"
ई-कॉमर्स कंपनी में डिलीवरी एग्जीक्यूटिव था आरोपी
हत्या का आरोपी युवक एक ई-कॉमर्स कंपनी में डिलीवरी एग्जीक्यूटिव के तौर पर काम करता था। लड़की के घर से करीब 2 किलोमीटर दूर स्थित आरोपी के घर पर उसके रिश्तेदारों ने दावा किया कि उसने खुद ही सिलेंडर में धमाका किया था ताकि वह सुसाइड कर सके। उन्होंने उसे एक कम बोलने वाला इंसान बताया। बताया जा रहा है कि जब धमाका हुआ, तब वह युवक घर पर अकेला था। उसकी मां काम पर गई हुई थी।
बेटे ने लड़की या गुस्से के बारे में कभी कुछ नहीं बताया : मां
उसकी मां ने कहा कि उसने कभी किसी लड़की के बारे में, या मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी किसी समस्या जैसे डिप्रेशन या गुस्से के बारे में कुछ नहीं बताया था। वह ज्यादातर अपने आप में ही खोया रहता था। उसकी बुआ ने कहा कि अगर वह जिंदा होता, भले ही जेल में होता, तब भी वह अपनी मां के लिए जिंदा ही होता। अब उसका और कोई सहारा नहीं है। उसके पिता की 11 महीने पहले मौत हो गई थी।
दोनों एक-दूसरे को जानते थे और परिचित थे : पुलिस
हालांकि दोनों परिवारों ने एक-दूसरे को जानने से इनकार किया है, लेकिन एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “वे दोनों एक-दूसरे को जानते थे और परिचित थे। दोनों परिवारों को इस बात की जानकारी थी।”
घटना के पीछे की असल वजह जानने के लिए अभी जांच चल रही है। बताया जा रहा है कि घटना से पहले उन दोनों के बीच फोन पर बातचीत हुई थी। एक अन्य अधिकारी ने बताया, “वे एक-दूसरे को तब से जानते थे, जब दो साल पहले उस लड़के की बुआ, लड़की के घर के पास में ही रहती थी।”




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