दिल्ली धमाके के आरोपी जसीर बिलाल वानी की याचिका पर NIA को नोटिस, क्या है मामला
दिल्ली हाई कोर्ट ने जसीर बिलाल वानी उर्फ दानिश की याचिकाओं पर 23 जुलाई को सुनवाई के लिए एनआईए को नोटिस जारी किया है। जसिर नवंबर 2025 के दिल्ली विस्फोट मामले में आरोपी है।

दिल्ली हाई कोर्ट ने जसीर बिलाल वानी उर्फ दानिश की याचिकाओं पर 23 जुलाई को सुनवाई के लिए एनआईए को नोटिस जारी किया है। जसिर नवंबर 2025 के दिल्ली विस्फोट मामले में आरोपी है। उसने फरवरी 2026 में विशेष एनआईए अदालत द्वारा जांच अवधि को 90 दिनों से आगे बढ़ाने के फैसले को चुनौती दी है। उसने एनआईए अदालत द्वारा उसकी जमानत याचिका खारिज करने के आदेश को भी चुनौती दी है। पटियाला हाउस स्थित विशेष एनआईए अदालत ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
दिल्ली कोर्ट ने एनआईए को 10 नवंबर, 2025 को लाल किले के पास हुए धमाके के मामले में अपनी जांच पूरी करने के लिए 45 और दिन का समय दिया था। पटियाला हाउस अदालत के प्रधान जिला और सत्र न्यायाधीश पीतांबर दत्त ने आरोपियों के वित्तीय और डिजिटल संबंधों की जांच करने के आधार पर 90 दिन का अतिरिक्त समय देने की एनआईए की याचिका को स्वीकार कर लिया था।
अदालत ने सात आरोपियों आमिर राशिद मीर, जसीर बिलाल वानी, मुफ्ती इरफान अहमद वागे, डॉ. मुजमिल शकील गनी, डॉ. अदील अहमद राथर, डॉ. शाहीन सईद और शोएब की न्यायिक हिरासत भी बढ़ादी थी। शोएब को अदालत में भौतिक रूप से पेश किया गया, जबकि अन्य लोग वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सुनवाई में शामिल हुए।
एनआईए की याचिका में क्या मांग
एनआईए की याचिका में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) के प्रावधानों के अनुसार, ''जांच और हिरासत की अवधि को वैधानिक 90 दिन की अवधि से आगे बढ़ाकर 180 दिन तक'' करने का अनुरोध किया गया था।
10 नंंवंबर 2025 की रात को दिल्ली में लाल किले के बार एक गाड़ी में धमाका हो गया था। ये धमाका इतना भीषण था कि 15 मारे गए थे जबकि कई घायल हो गए। इस दौरान डॉ उमर उर नबीं कार के अंदर मौजूद था और आत्मघाती हमलावर के रूप में विस्फोटकों से भरी कार चला रहा था।
भाषा से इनपुट




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