दिल्ली में एक लाख से ज्यादा व्यापारियों को होगा फायदा, MCD ने नई व्यवस्था लागू की
दिल्ली नगर निगम के एक फैसले से राजधानी के एक लाख से ज्यादा व्यापारियों को फायदा होने वाला है। अब से दिल्ली नगर निगम की वेबसाइट में जनरल ट्रेड लाइसेंस (जीटीएल) और भंडारण लाइसेंस शुल्क, संपत्ति कर के साथ जुड़कर आएगा। इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं।

दिल्ली नगर निगम के एक फैसले से राजधानी के एक लाख से ज्यादा व्यापारियों को फायदा होने वाला है। अब से दिल्ली नगर निगम की वेबसाइट में जनरल ट्रेड लाइसेंस (जीटीएल) और भंडारण लाइसेंस शुल्क, संपत्ति कर के साथ जुड़कर आएगा। दिल्ली के व्यापारियों को अपनी संपत्ति परिसर का वार्षिक संपत्ति कर का कुल 15 फीसदी जनरल ट्रेड लाइसेंस और भंडारण शुल्क को जमा कराना होगा।
इस संबंध में निगम प्रशासन ने 30 अप्रैल की तारीख से सोमवार को आदेश जारी कर दिया है। इससे दिल्ली के एक लाख से अधिक व्यापारियों को लाभ मिलेगा। हालांकि, प्रदूषण प्रमाण पत्र और फायर एनओएसी सर्टिफिकेट संबंधित विभागों से लेना अनिवार्य रहेगा।
व्यापारियों को बहुत बड़ा लाभ मिला
सीटीआई चेयरमैन बृजेश गोयल ने बताया की निगम ने संपत्ति कर के साथ जनरल ट्रेड लाइसेंस शुल्क को जमा करने का आदेश जारी कर दिया है। इससे दिल्ली के एक लाख से अधिक व्यापारियों को लाभ मिलेगा। पहले यदि किसी व्यापारी को दुकानों के लिए अपनी संपत्ति परिसर के लिए आठ हजार रुपये वर्षित संपत्ति कर जमा करते थे। तब उन्हें अलग से जनरल ट्रेड लाइसेंस के लिए इसके शुल्क के तौर पर छह हजार रुपये तक लगा जमा कराने होते थे।
व्यापारियों को अब सिर्फ संपत्ति कर के 15 फीसदी ही जीटीएल शुल्क को जमा कराना होगा। इससे यदि आठ हजार रुपये वार्षिक संपत्ति कर जमा कर रहे हैं, तब संपत्ति कर के 15 फीसदी के अनुसार 1200 रुपये ही जीटीएल शुल्क जमा करना होगा।
ये फायदा होगा
- जनरल ट्रेड लाइसेंस और भंडारण शुल्क के लिए अब व्यापारियों को निगम वेबसाइट पर अलग से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी
- अपनी संपत्ति का वार्षिक संपत्ति कर शुल्क के साथ ही जनरल ट्रेड लाइसेंस शुल्क जुड़ कर आ जाएगा।
- संपत्ति कर का 15 फीसदी ही जनरल ट्रेड लाइसेंस शुल्क निगम वेबसाइट पर जमा कराना होगा।




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