दिल्ली में आधी रात को एनकाउंटर; 6 बांग्लादेशी डकैत अरेस्ट, वारदात का तरीका कर देगा हैरान
दिल्ली पुलिस ने एक एनकाउंटर के बाद 6 खतरनाक बांग्लादेशी डकैतों को गिरफ्तार किया है। गिरोह के पास से पिस्तौल और हथियार बरामद हुए हैं। गिरोह के फरार साथियों की तलाश चल रही है।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सराय काले खां के पास एक एनकाउंटर के बाद बांग्लादेशी डकैतों के एक खतरनाक गिरोह को दबोचा है। गिरोह के 6 सदस्य अरेस्ट किए गए हैं। गिरोह सीमा पार कर अवैध रूप से भारत आता था। गिरोह दिल्ली, गोवा और कर्नाटक जैसे राज्यों में हिंसक डकैतियां और हत्याएं करता था। पुलिस ने इनके पास से हथियार और लूट के औजार बरामद किए हैं। ये अपराधी अपराध करने के बाद वापस बांग्लादेश भाग जाते थे ताकि पकड़े न जाएं। पुलिस इनके फरार साथियों और स्थानीय मददगारों की तलाश कर रही है।
ऐसे करते थे टार्गेट की तलाश
पुलिस ने बताया कि यह गिरोह टार्गेट की तलाश के लिए भारत में फैले अपने रिश्तेदारों और जान पहचान वालों की मदद लेता था। सभी आरोपी बांग्लादेश के बागेरहाट जिले के रहने वाले हैं। क्राइम ब्रांच की टीम ने एक गुप्त सूचना मिलने पर 14 और 15 अप्रैल की रात को एक खतरनाक ऑपरेशन चलाकर गिरोह के गुर्गों को दबोचा। गिरोह अवैध तरीके से भारत-बांग्लादेश सीमा पार करके आया था। गिरोह दक्षिण दिल्ली में डकैती करने की योजना बना रहा था। इससे पहले ही पुलिस की टीम ने जाल बिछाकर गिरोह को दबोच लिया।
खुफिया इनपुट पर कार्रवाई
एक अधिकारी ने बताया कि एक खुफिया इनपुट पर कार्रवाई की गई। टीम ने सराय काले खां श्मशान घाट (दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में) के पास एक सुनसान जंगली इलाके में जाल बिछाया। जब टीम ने संदिग्धों को पकड़ने की कोशिश की तो उन्होंने भागने की कोशिश में पुलिस पर गोलियां चला दीं। जवाबी कार्रवाई के बाद पुलिस के जवानों ने छह बांग्लादेशी बदमाशों को काबू कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुमन हालदार उर्फ पन्नू (35), सैफुल इस्लाम (31), सोहेल शेख (35), मोहम्मद नासिर (48), नूर इस्लाम उर्फ नदीम खान (56) और जाकिर (40) के रूप में हुई है।
अंधेरे का फायदा उठा, दो बदमाश फरार
पुलिस की मानें तो गिरोह के दो बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे। पुलिस ने बताया कि बदमाशों के पास से 4 देसी पिस्तौल, कारतूस और चोरी डकैती में इस्तेमाल होने वाले औजार जब्त किए गए हैं। एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस बाकी आरोपियों को तलाश रही है। गिरोह पिछले कई वर्षों से अपराध करके गायब हो जाने का तरीका अपना रहा था। गैंग दिल्ली के अलावा गोवा, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और ओडिशा में अमीर घरों और खासकर अकेले रहने वाले बुजुर्गों को लूटता था।
वारदात कर भाग जाते थे बांग्लादेश
अधिकारी ने बताया कि ये लोग गैरकानूनी तरीके से भारत में घुसते थे। साथ ही डकैती की वारदात को अंजाम देते थे। फिर गिरफ्तारी से बचने के लिए वापस बांग्लादेश भाग जाते थे। कुछ महीनों में जब मामला शांत हो जाता था तब फिर लौटते थे और नए इलाकों में वारदातों को अंजाम देते थे। गैंग पूरे भारत में अपने टार्गेट को चुनने के लिए परिचितों और रिश्तेदारों के नेटवर्क की मदद लेता था। गिरोह अमीर और पैसे वाले परिवारों और लोगों को निशाना बनाता था। गिरोह के सदस्य पकड़े जाने के डर से मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करते थे। आरोपी बिना किसी की नजर में आए सीमा पार करने के लिए तस्करों की मदद लेते थे।
डकैती, लूट और हत्या के 14 मामले दर्ज
गिरोह पर कई राज्यों में डकैती, लूट और हत्या के कम से कम 14 मामले दर्ज हैं। साल 2025 में गोवा के मापुसा में गिरोह ने कथित तौर पर एक घर में घुसकर परिवार को बंधक बना उनके साथ मारपीट की थी। आरोपी 35 लाख रुपये और गहने लूटकर फरार हो गए थे। आरोपियों ने पणजी में एक परिवार को निशाना बनाया था। आरोपियों ने पीड़ितों को घर में बंद कर दिया था और करीब एक किलो सोने के गहने और 3 लाख रुपये लूट लिए थे।
क्राइम ब्रांच की टीम रख रही थी नजर
आरोपियों ने कर्नाटक के हुबली में भी एक घर को निशाना बनाया था। आरोपियों ने घर में घुसकर बुजुर्गों के साथ मारपीट की थी और कीमती सामान लूट लिया था। इससे पहले की वारदातों में गैंग का नाम डकैती के दौरान हुई हत्याओं में भी आ चुका है। इस वारदात में एक बुजुर्ग की हत्या कर दी गई थी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि क्राइम ब्रांच की टीम कई महीनों से इस गैंग की हरकतों पर नजर बनाए हुए थी। टीम ने जानकारी जुटाने के लिए गोवा और अन्य राज्यों की पुलिस टीमों के साथ बातचीत कर रही थी।




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