अधिकारी की मौजूदगी में ब्रिगेडियर के बेटे से मारपीट; दिल्ली पुलिस का ऐक्शन, 2 लाइन हाजिर
दिल्ली के वसंत एन्क्लेव में खुलेआम शराब पीने से टोकने पर गुंडों ने ब्रिगेडियर और उनके बेटे की बेरहमी से पिटाई की। पुलिस की मौजूदगी में हुई हिंसा और लापरवाही के कारण दो अधिकारियों को लाइन हाजिर किया गया है।

दिल्ली के वसंत एन्क्लेव में एक सेवानिवृत्त आर्मी ब्रिगेडियर और उनके बेटे के साथ सरेआम मारपीट का शर्मनाक मामला सामने आया है। शनिवार रात जब ब्रिगेडियर और उनके बेटे तेजस ने अपनी सोसायटी के बाहर कार में शराब पी रहे युवकों को टोका तो आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया। हैरान करने वाली बात यह है कि पीसीआर पुलिसकर्मी मूकदर्शक बने रहे। आरोपियों ने फोन गुंडे बुलाकर पिता-पुत्र को बुरी तरह पीटा। पुलिस की लापरवाही पर कार्रवाई करते हुए दो अधिकारियों को लाइन हाजिर कर दिया है।
खुले में शराब पीने से रोका तो विवाद
पुलिस के अनुसार, यह घटना शनिवार की है। जब एक सैन्य अधिकारी ने अपने घर के पास खड़ी कार में कुछ लोगों को शराब पीते देख आपत्ति जताई तो उनके बीच बहस हो गई। इसके बाद आरोपियों ने फोन कर के अपने लोगों को बुलाया। इसके बाद दो टैक्सियों में भरकर लोग पहुंचे और आरोपियों के साथ मिलकर ब्रिगेडियर और उनके बेटे के साथ मारपीट की। आरोपियों ने ब्रिगेडियर की पत्नी को भी धमकाया। इस मामले में कुछ पुलिसकर्मियों ने कार्रवाई करने में चूक की जिन पर ऐक्शन हुआ है।
कहीं और जाने को कहा तो भड़क गए आरोपी
ब्रिगेडियर के बेटे ने कहा कि शनिवार रात, खाना खाने के बाद, मेरे ब्रिगेडियर पिता और मैं टहलने निकले थे। हमने एक लग्जरी कार के अंदर दो लोगों को खुलेआम शराब पीते और धूम्रपान करते देखा। हमने उन लोगों से विनम्रतापूर्वक कहीं और जाने का अनुरोध किया क्योंकि यह आवासीय क्षेत्र है। जैसे ही हमने उनसे जाने का अनुरोध किया वे आक्रामक हो गए और हमें किसी को भी फोन करने की चुनौती देने लगे। तब पिता जी ने मुझे पुलिस को फोन करने के लिए कहा।
पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में पीटा
इसके बाद जब पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे तो उन्होंने शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया। उनमें से एक ने अधिकारी से फोन पर बात की जिसके बाद अफसर ने उनसे कहा कि वह इस मामले को बाद में देखेंगे। कुछ ही देर बाद दो गाड़ियों में सात-आठ लोग आए और हमें पीटने लगे और मेरी मां को गालियां देने लगे। ये लोग आरोपियों के साथी थे। हमें पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में करीब 15 मिनट तक पीटा गया।
पुलिस अधिकारी ने नहीं रोका
बेटे ने बताया कि पांच-छह लोग लगातार मेरी पिटाई करते रहे जबकि मेरे पिता चारों ओर से घिरे थे। पुलिस अधिकारी ने कोई हस्तक्षेप नहीं किया। मेरे चेहरे, गर्दन और हथेली पर चोटें आईं। मौके पर पहुंचे अधिकारी अपनी गाड़ी में ही बैठे रहे और उन्होंने कोई सहायता नहीं की। ब्रिगेडियर की पत्नी ने आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारी ने हस्तक्षेप से इनकार कर दिया। जब हमलावर मेरे बेटे को पीट रहे थे तब अधिकारी ने कोई हस्तक्षेप नहीं किया।
उत्पीड़न का सामना
इसके बाद मैंने मदद के लिए गुहार लगाई तो उसने कहा कि वह टीम के आने के बाद ही कार्रवाई कर सकता है। थाने में भी हमें उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। हमें लगभग आधे घंटे तक इंतजार कराया गया। एक महिला अधिकारी ने कहा कि उनके पास खाली समय नहीं है क्योंकि हमने PCR को कई बार फोन किया था। जब मेरे पति ने कहा कि हम दोनों भी वर्दीधारी हैं और बुनियादी सम्मान के हकदार हैं तो वह गुस्सा हो गईं।
आर्मी हॉस्पिटल में इलाज
पीड़ित परिवार ने यह भी दावा किया कि उनके बेटे के जख्मी होने के बावजूद पुलिस ने शिकायत दर्ज करने से पहले एमएलसी रिपोर्ट पर जोर दिया। पुलिस अधिकारियों ने हमें अस्पताल ले जाने के लिए कोई वाहन उपलब्ध नहीं कराया। आखिरकार मेरे पति खुद हमारे बेटे को इलाज और एक्स-रे के लिए आर्मी हॉस्पिटल ले गए।
कार में शराब के साथ का वीडियो वायरल
सेना के पूर्व अधिकारी कर्नल दानवीर सिंह ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा कि कश्मीर के अंदरूनी इलाकों समेत अन्य स्थानों पर कई अभियानों का हिस्सा रहे ब्रिगेडियर से मर्सिडीज बेंज के गुंडों ने सार्वजनिक रूप से शराब पीने से मना कर पर मारपीट की। हैरत की बात यह है कि घटना के वक्त वहां पुलिस मौजूद थी। दिल्ली में समाज और पुलिस का व्यवहार कितना चौंकाने वाला है? बता दें कि कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं जिनमें एक कार के अंदर दो लोगों को शराब की बोतल पकड़े हुए देखा जा सकता है।
सेना ने लिया संज्ञान
भारतीय सेना ने भी घटना का संज्ञान लिया। सेना ने एक बयान में कहा कि भारतीय सेना ने मामले का गंभीर संज्ञान लिया है। सेना पुलिस के एक दल को अधिकारी की सहायता के लिए भेजा गया है। दिल्ली पुलिस से त्वरित जांच और प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने के लिए संपर्क किया गया है।
दो अधिकारी लाइन हाजिर
मामले का संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दिल्ली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 126(2) (गलत तरीके से रोकना), 351(2) (आपराधिक धमकी), 79 (किसी महिला की गरिमा का अपमान करने या उसकी निजता का उल्लंघन करने के इरादे से कोई शब्द, इशारा, कार्य), 191(2) (दंगा) और 190 (गैरकानूनी सभा) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। जांच के दौरान निरीक्षक/जांच अधिकारी की ओर से लापरवाही पाई गई है जिसके चलते उन्हें लाइन हाजिर कर दिया गया है।




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