आपकी गाड़ी में भी तो नहीं डल रहा नकली तेल, दिल्ली पुलिस ने पकड़ा बड़ा गिरोह
दिल्ली पुलिस ने नकली इंजन ऑयल बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से 700 लीटर नकली तेल, मशीनें और भारी मात्रा में पैकिंग सामग्री बरामद की है। यह गिरोह सस्ता तेल नामी ब्रांडों के डिब्बों में भरकर बेचता था।

कहीं आपकी गाड़ी में भी तो नकली इंजन ऑयल तो नहीं डला है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गाजीपुर में नकली इंजन ऑयल बनाने वाली एक फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मौके से बड़े ब्रांडों के नाम पर पैक किया गया 700 लीटर नकली तेल भारी मात्रा में खाली बोतलें, स्टिकर और सीलिंग मशीनें बरामद की हैं। यह गिरोह सस्ते तेल को नामी कंपनियों के डिब्बों में भरकर बाजार में बेचता था। डीसीपी पंकज कुमार के अनुसार, यह विशेष अभियान नकली उत्पादों के खिलाफ चलाया गया था।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गाजीपुर इलाके में खुफिया इनपुट पर यह कार्रवाई की। इस कार्रवाई में एक पूरी फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ जो नकली इंजन ऑयल नामी ब्रांड के पैक में डालकर सप्लाई करती थी। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से करीब 700 लीटर फेक इंजन ऑयल बरामद किया है। इसके साथ ही भारी मात्रा में नामी ब्रांडों के पैकिंग का सामान और मशीनें भी जब्त की गई हैं।
पुलिस ने चलाया था स्पेशल कैंपेन
पुलिस उपायुक्त पंकज कुमार ने इस ऑपरेशन के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि नकली उत्पाद बनाने वाली इकाइयों के खिलाफ एक विशेष अभियान शुरू किया गया था। पुख्ता सूचना के आधार पर हमारी टीम ने गाजीपुर में छापा मारा। वहां से नामी ब्रांडों के भारी मात्रा में नकली इंजन ऑयल और पैकिंग सामग्री बरामद की गई। इससे नकली उत्पाद बनाने और उनकी सप्लाई करने वाले एक संगठित गिरोह का खुलासा हुआ है।
मौके से बरामद हुए ये सामान
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान राकेश कुमार छाबड़ा और कुलदीप सिंह के रूप में की है। इन दोनों की उम्र करीब 52 साल है। छापेमारी में अधिकारियों को बड़े ब्रांडों के नाम पर तैयार 28 कैन और 140 बोतलें नकली इंजन ऑयल मिला। इसके अलावा मौके से 550 से ज्यादा खाली बोतलें, स्टिकर, कूपन, एक सीलिंग मशीन और पैकिंग में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण भी जब्त किए गए हैं।
ब्रांडों के नाम पर बाजार में नकली इंजन ऑयल की सप्लाई
शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी लोकप्रिय ब्रांडों के नाम पर बाजार में नकली इंजन ऑयल बनाकर सप्लाई का काम करते थे। गिरोह खुले में मिलने वाले सस्ते तेल को खरीदता था। फिर इस सस्ते तेल को नामी ब्रांडों के डिब्बों में भरता था। आरोपी इन सस्ते तेल को नामी ब्रांड्स के खाली डिब्बों में भरता था और फिर इनकी सप्लाई करता था। इन डिब्बों को इस तरह सील किया जाता था जिससे असली और नकली में फर्क करना मुश्किल हो जाता था।




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