दिल्ली जल बोर्ड मकान बनाने पर पानी के IFC चार्ज में देगा भारी छूट, DJB की नई नीति को मंजूरी
Delhi Jal Board News : दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के इंफ्रास्ट्रक्चर चार्ज (IFC) में बड़े बदलाव का ऐलान किया। इससे इंफ्रास्ट्रक्चर चार्जेस में कमी आएगी और जनता को बड़ी राहत मिलेगी।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के इंफ्रास्ट्रक्चर चार्ज (IFC) में बड़े बदलावों की घोषणा की है। सीएम रेखा गुप्ता ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस फैसले का ऐलान करते हुए कहा कि हमने दिल्ली जल बोर्ड द्वारा लगाए जा रहे इंफ्रास्ट्रक्चर चार्ज को पूरी तरह से तर्कसंगत बनाने का एक बड़ा फैसला लिया है। अब, पानी और सीवर के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर चार्ज सिर्फ पानी की जरूरत के आधार पर ही लगाए जाएंगे। यह चार्ज इस आधार पर लगाए जाएंगे कि कितने पानी की जरूरत है। इंफ्रास्ट्रक्चर चार्ज सिर्फ नए कंस्ट्रक्शन या अतिरिक्त कंस्ट्रक्शन पर ही लगाए जाएंगे, ओपन एरिया में पानी की जरूरत को इंफ्रास्ट्रक्चर चार्ज में शामिल नहीं किया जाएगा।
धार्मिक स्थलों को मिलेगी छूट
रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार ने जल और सीवर इंफ्रास्ट्रक्चर शुल्क में बड़ी राहत देने का फैसला किया है। आयकर अधिनियम की धारा 12AB के तहत पंजीकृत संस्थानों और धार्मिक स्थलों को 50% अतिरिक्त छूट दी जाएगी। वहीं, जिन संस्थागत और व्यावसायिक संपत्तियों में जीरो सीवरेज डिस्चार्ज (ZLD) सिस्टम और मानकों के अनुरूप एसटीपी संचालित है, उन्हें भी सीवर इंफ्रास्ट्रक्चर शुल्क में 50% की छूट मिलेगी। यदि ZLD प्रणाली बंद या निष्क्रिय पाई गई, तो छूट समाप्त कर प्रतिदिन 0.5% दंड लगाया जाएगा।
किस कैटेगरी में कितना लगेगा IFC चार्ज
मुख्यमंत्री ने बताया कि नई नीति के तहत इंफ्रास्ट्रक्चर चार्जेस में भारी कमी की गई है। उदाहरण के तौर पर, A और B कैटेगरी में 200 वर्ग मीटर से अधिक प्लॉट वाली 300 FAR की चार मंजिला संपत्ति पर पहले ₹13.18 लाख रुपये IFC चार्ज लगता था, जो अब घटकर ₹5.4 लाख रह जाएगा। E और F श्रेणी में यही चार्ज लगभग ₹2.7 लाख और G व H कैटेगरी में ₹1.62 लाख होगा। इसी तरह 1000 वर्ग मीटर की औद्योगिक संपत्ति पर पहले ₹57.67 लाख तक IFC चार्ज लगता था, जो अब घटकर ₹8.91 लाख रह जाएगा। सरकार का कहना है कि यह फैसला लोगों को पारदर्शी, सरल और राहतभरी व्यवस्था देने के उद्देश्य से लिया गया है।
G और H में कैटेगरी की कॉलोनियों में 70 फीसदी की छूट
रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में जब से भाजपा की सरकार बनी है, हम लगातार दिल्ली की जनता को पानी और सीवर की बेहतर सुविधाएं मिलें, इसके लिए काम कर रहे हैं। जो सिस्टम हमें पिछली सरकार द्वारा मिला था, वह पूरी तरह से अस्त-व्यस्त था। इन परेशानियों को दूर करने के लिए दिल्ली सरकार लगातार प्रयास कर रही है। आईएफसी चार्ज ज्यादा होने के चलते इसमें भ्रष्टाचार की संभावना थी। अब केवल जल आवश्यकता के आधार पर आईएफसी चार्ज लगेगा, जो अभी तक जमीन के आकार पर लगता था। किसी सम्पत्ति का पुनर्निर्माण करने पर दोबारा आईएफसी चार्ज नहीं देना होगा। दिल्ली में E और F श्रेणी कॉलोनियों में 50 फीसदी और G और H में कैटेगरी की कॉलोनियों में 70 फीसदी की छूट होगी।
IFC चार्जेस को न्यायसंगत गया : प्रवेश वर्मा
इस दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि दिल्लीवासियों के लिए माननीय मुख्यमंत्री जी बड़ी खुशखबरी लेकर आई हैं। जल बोर्ड की हालिया बैठक में जनता से किए गए अपने वादे को निभाते हुए IFC चार्जेस को न्यायसंगत बनाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। यह फैसला हमारे संकल्प पत्र की प्रतिबद्धता और दिल्ली की जनता के हितों के प्रति हमारी जवाबदेही को दर्शाता है।
प्रवेश वर्मा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल की सरकार ने नया घर बनाने पर आईएफसी चार्ज पांच से छह गुना तक बढ़ा दिए थे। दिल्ली सरकार ने इसे ठीक किया है ताकि लोगों पर अतिरिक्त बोझ न आए। उन्होंने बताया कि इंफ्रास्ट्रक्चर चार्ज नया घर बनाने के समय पानी कनेक्शन के लिए लिया जाता है। पहले यह मांग के अनुसार होता था। पांच लोगों के रहने के अनुसार यह शुल्क होता था। 'आप' पार्टी ने इसे 2019 के बाद स्क्वायर फीट के हिसाब से कर दिया था। चाहे उस जगह 2 ही लोग रहते हों। इससे रेट पहले के मुकाबले 6 गुना अधिक हो गए। हमारी सरकार ने अब ए, बी और सी श्रेणी में कम छूट दी है जबकि डी, ई, एफ, जी और एच श्रेणी में अधिक छूट दी गई है। संपत्ति के कागजों में जो साइज लिखा है, वहीं माना जाएगा।
रिपोर्ट- अमित झा




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