दिल्ली में 10 लाख बच्चों को नहीं मिलीं किताबें; HC पहुंचा मामला, अवमानना के आरोप
दिल्ली सरकार के शिक्षा सचिव के खिलाफ हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की गई है। आरोप है कि अदालती आदेश के बावजूद 10 लाख छात्रों को अब तक किताबें नहीं मिली हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

दिल्ली सरकार के शिक्षा सचिव के खिलाफ हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की गई है। आरोप है कि अदालती आदेश के बावजूद 10 लाख छात्रों को अब तक किताबें नहीं मिली हैं, जिससे उनकी बुनियादी शिक्षा प्रभावित हो रही है। गैर सरकारी संगठन सोशल जूरिस्ट ने अधिवक्ता अशोक अग्रवाल के जरिए दिल्ली हाई कोर्ट में उक्त अवमानना याचिका दायर कराई है।
नहीं माने अदालत के निर्देश
इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि दिल्ली सरकार के शिक्षा सचिव ने सरकारी स्कूलों में कक्षा पहली से 8वीं तक पढ़ने वाले लगभग 10 लाख छात्रों को पाठ्य पुस्तक देने के मामले में अदालत के निर्देशों को जानबूझकर नहीं माना। इस मामले मं बुधवार को सुनवाई हो सकती है।
सचिव (शिक्षा) के खिलाफ ऐक्शन की मांग
यह याचिका अनुच्छेद 215 के तहत दाखिल की गई है। इसमें जुलाई 2024 में एक जनहित याचिका में हाई कोर्ट द्वारा जारी पहले के निर्देशों का पालन नहीं करने के लिए सचिव (शिक्षा) के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
याचिका के अनुसार अदालत के सामने दिए गए साफ कानूनी निर्देशों एवं आश्वासन के बावजूद 1 अप्रैल को 2026-27 अकादिक सत्र शुरू होने के हफ्तों बाद भी छात्रों को पाठ्य पुस्तक व जरूरी पढ़ाई संबंधी सामग्री नहीं दिए गए हैं।
अदालत को दिया था भरोसा
याचिका में बताया गया है कि इस देरी से बुनियादी शिक्षा पर बहुत बुरा असर पड़ा है। शैक्षणिक प्रगति में रुकावट आई है। हाई कोर्ट ने 8 अप्रैल, 2024 के अपने पहले के आदेश में सुरक्षा सचिव का यह भरोसा दर्ज किया था कि सभी छात्रों को बिना किसी पैसे की दिक्कत के, निर्धारित समय पर किताबें, नोटबुक व लिखने की सामग्री दी जाएगी। इसके बाद 4 जुलाई, 2024 के आदेश में हाई कोर्ट ने इस लिखित आवश्वासन को मान लिया था और शिक्षा सामग्री को खरीदने व बांटने के मामले में समय का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया था।
3 महीने तक नहीं मिलेंगी किताबें
याचिका में कहा गया है कि शिक्षा विभाग की ओर से जारी किए गए अंदरूनी निर्देशों के अनुसार, पाठ्य पुस्तक मार्च के आखिरी सप्ताह तक या अकादमिक सत्र की शुरुआत में ही मिल जानी चाहिए थीं। हालांकि निर्धारित समय का पालन नहीं किया गया। यह भी बताया गया है कि स्कूल 9 मई को गर्मी की छुट्टियों के लिए बंद होने वाले हैं। फिर 1 जुलाई को ही खुलेंगे, जिससे छात्रों को लगभग 3 महीने तक पाठ्य पुस्तक नहीं मिलेंगी।




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