घंटेभर का सफर 20 मिनट में; दिल्ली मेट्रो के 2 नए रूट से कमाल के फायदे, बार-बार बदलने का झंझट भी खत्म
फेज चार के दोनों कॉरिडोर पर परिचालन शुरू होने के बाद एनसीआर में मेट्रो का नेटवर्क 416 किलोमीटर से अधिक पहुंच गया है। साथ ही स्टेशनों की संख्या बढ़कर 304 हो गई है। फेज चार में बने दोनों कॉरिडोर कई मायनों में खास है।

दिल्ली मेट्रो के फेज चार के मजलिस पार्क-मौजपुर/बाबरपुर और दीपाली चौक-मजलिस पार्क कॉरिडोर पर रविवार से मेट्रो का परिचालन शुरू हो गया। इससे हजारों यात्रियों का सफर आसान हो गया है। खासकर मजलिस पार्क से आनंद विहार जाने वाले यात्री अब बिना ट्रेन बदले 40 मिनट में यह सफर पूरा कर सकेंगे।
मजलिस पार्क-मौजपुर कॉरिडोर पिंक लाइन और दीपाली चौक-मजलिस पार्क कॉरिडोर मैजेंटा लाइन की विस्तार परियोजना है। नए कॉरिडोर के कारण पिंक लाइन पर मौजपुर से मौजपुर तक रिंग मेट्रो बन गई है। पहले दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क 352.2 किलोमीटर था। इन पर 257 स्टेशन थे। एनसीआर में मेट्रो का नेटवर्क करीब 394 किलोमीटर और 289 स्टेशन थे। फेज चार के दोनों कॉरिडोर पर परिचालन शुरू होने के बाद एनसीआर में मेट्रो का नेटवर्क 416 किलोमीटर से अधिक पहुंच गया है। साथ ही स्टेशनों की संख्या बढ़कर 304 हो गई है। फेज चार में बने दोनों कॉरिडोर कई मायनों में खास है।
इन इलाकों से आनंद विहार पहुंचना बहुत आसान
पहले पिंक लाइन पर मजलिस मार्क से मौजपुर होते हुए शिव विहार तक मेट्रो का परिचालन होता था। इस कॉारिडोर की कुल लंबाई करीब 59.2 किलोमीटर थी। मजलिस पार्क से मौजपुर के बीच 12.3 किलोमीटर का नया कॉरिडोर बनने के बाद पिंक लाइन की लंबाई 71.56 किलोमीटर व स्टेशनों की संख्या 46 हो गई है। इस कॉरिडोर पर सर्कुलर में मेट्रो का परिचालन शुरू होने से मजलिस पार्क, सोनिया विहार, खजूरी खास, भजनपुरा, सोनिया विहार, आजादपुर सहित कई इलाकों से आनंद विहार रेलवे स्टेशन पहुंचना आसान हो गया है। पहले मजलिस पार्क से आनंद विहार जाने के लिए कम से कम एक घंटे का समय लगता था। चार जगह मेट्रो बदलनी पड़ती थी। अब पिंक लाइन से 40 मिनट में सीधे आनंद विहार स्टेशन पहुंचा जा सकता है।
घंटेभर का सफर 20 मिनट में होगा
वहीं, आजादपुर से यलो लाइन की मेट्रो लेकर कश्मीरी गेट, वहां से मेट्रो बदलकर वेलकम और फिर ट्रेन बदलकर आनंद विहार पहुंचने में 55-57 मिनट लगते थे। अब पिंक लाइन की मेट्रो से मौजपुर से यमुना विहार होते हुए 17-20 मिनट में मजलिस पार्क पहुंचा जा सकेगा।
तीन इंटरचेंज स्टेशन से कम होगी लोगों की परेशानी
मजेंटा लाइन के एक्सटेंशन दीपाली चौक-मजलिस पार्क कॉरिडोर की लंबाई 9.9 किलोमीटर है। इस कॉरिडोर पर परिचालन शुरू होने से दिल्ली को तीन नए इंटरचेंज स्टेशन मिल गए हैं। इसमें मजलिस पार्क पिंक लाइन व मजेंटा लाइन के साथ, मधुबन चौक रेड लाइन और हैदरपुर बादली मोड़ यलो लाइन इंटरचेंज स्टेशन हैं। इससे हैदरपुर बादली मोड़ व भलस्वा के लोग भी मजलिस पार्क में मेट्रो बदलकर आनंद विहार जा सकेंगे।
सबसे ऊंचा कॉरिडोर
दीपाली चौक-मजलिस पार्क कॉरिडोर पर हैदरपुर बादली मोड़ के पिलर संख्या 340 के पास दिल्ली मेट्रो का सबसे ऊंचा कॉरिडोर है। इसकी ऊंचाई 28.362 मीटर है। पहले पिंक लाइन पर धौला कुआं के पास मेट्रो कॉरिडोर की ऊंचाई 23.6 मीटर थी। दीपाली चौक-मजलिस पार्क कॉरिडोर फेज चार की जनकपुरी पश्चिम-आरके आश्रम कॉरिडोर का हिस्सा है। इसकी लंबाई 29.262 किलोमीटर होगी।
‘आपदा’ सरकार के कारण परियोजना में देरी हुई
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने आम आदमी पार्टी की पूर्व सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि दिल्ली में यदि 10 वर्ष आपदा सरकार नहीं होती, तो फेज चार की मेट्रो परियोजनाएं पहले ही पूरी हो जाती। आपदा सरकार का मंत्र था, काम कम, बहाने ज्यादा। भाजपा की डबल इंजन सरकार बनने के बाद दिल्ली के चौतरफा विकास में तेजी आई है। लोगों को आरामदायक बस सेवा उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार ने चार हजार ईवी बसें दी हैं।




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